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चंडीगढ़/पंचकूला, @ राम रहीम मौत तक जेल में रहेंगे,हाईकोर्ट में देंगे चुनौती

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चार दोषियों जसबीर,अवतार,कृष्ण लाल और सबदिल को भी उम्रकैद की सजा


चंडीगढ़/पंचकूला,18 अक्टूबर2021 (ए)। बहुचर्चित रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में 19 साल बाद सोमवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह समेत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस केस में राम रहीम के अलावा बाकी चार दोषियों के नाम जसबीर, अवतार, कृष्ण लाल और सबदिल हैं। पंचकूला में सीबीआई जज सुशील गर्ग ने राम रहीम पर 31 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। बाकी चारों दोषियों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
ज्ञात हो कि, राम रहीम को इससे पहले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उम्रकैद की सजा हो चुकी है। इसके अलावा दो साध्वियों के यौन शोषण मामले में भी राम रहीम को 10-10 साल की सजा हो चुकी है। डेरा प्रमुख राम रहीम के एडवोकेट अजय बर्मन ने कहा कि वह फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
अदालत का फैसला आने के बाद एसबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने स्पष्ट किया कि राम रहीम मरते दम तक जेल में ही रहेगा। उन्होंने बताया कि रणजीत सिंह हत्याकांड में जो सजा सुनाई गई है, वह पहले सुनाई जा चुकी सजा के साथ ही चलेगी। उधर, फैसला आने के बाद अदालत में मौजूद रणजीत सिंह के बेटे जगसीर ने कोर्ट के फैसले पर संतुष्टि जताई।
इससे पहले सोमवार सुबह दोषी राम रहीम की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। वहीं अन्य 4 दोषियों को पंचकूला कोर्ट लाया गया। उधर, सोमवार को फैसला आने के चलते पंचकूला जिला प्रशासन ने सुबह से ही पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी। पूरे पंचकूला में आईटीबीपी के जवानों के साथ पुलिसकर्मी तैनात रहे। शहर में आने वाले लोगों को पूरी तलाशी लेने के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी गई।
सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने राम रहीम और चारों दोषियों के लिए फांसी की सजा मांगी थी, मगर अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इससे पहले राम रहीम ने अदालत में कहा कि वह इस देश का नागरिक है और उसे अदालत पर पूरा भरोसा है। उसने डेरे की ओर से चलाए जा रहे सामाजिक कार्यों और अपनी बीमारी की दुहाई देकर सजा में रिआयत की मांग की। रणजीत सिंह हत्याकांड में सीबीआईकोर्ट ने 12 अक्टूबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। दोषियों के वकीलों द्वारा सीबीआई की ओर से दी गई दलीलों को पढ़ने के लिए समय मांगने पर सीबीआई जज सुशील गर्ग ने 18 अक्टूबर की तारीख दे दी थी।
3 लोगों की
गवाही रही अहम
रणजीत सिंह हत्याकांड में 3 लोगों की गवाही महत्वपूर्ण रही। इनमें से 2 चश्मदीद गवाहों सुखदेव सिंह और जोगिंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि उन्होंने आरोपियों को रणजीत सिंह पर गोली चलाते देखा। तीसरा गवाह डेरामुखी का ड्राइवर खट्टा सिंह रहा। खट्‌टा सिंह के अनुसार, उसके सामने ही रणजीत सिंह को मारने की साजिश रची गई। खट्टा सिंह ने अपने बयान में कहा कि डेरामुखी राम रहीम ने उसके सामने ही रणजीत सिंह को मारने के लिए बोला। केस की शुरुआती सुनवाई के समय खट्टा सिंह अदालत में इस बयान से मुकर गया था, मगर कई साल बाद वह फिर कोर्ट में पेश हुआ और गवाही दी। उसकी गवाही के आधार पर ही पांचों को दोषी ठहराया गया।
इन धाराओं में कोर्ट ने दिया था दोषी करार
रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में बीते आठ अक्तूबर को डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह और कृष्ण कुमार को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) के तहत दोषी करार दिया है। वहीं, अवतार, जसवीर और सबदिल को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है।


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