नई दिल्ली @ वेंकैया नायडू के अरुणाचल जाने पर चीन को एतराज

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चीन ने कहा है कि वो भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के हालिया अरुणाचल दौरे का विरोध करता है.
नई दिल्ली ,13 अक्टूबर 2021 ( ए )। चीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता ज़ाओ लिजियान ने बुधवार को कहा, चीन अवैध रूप से गठित तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता और भारत के उपराष्ट्रपति वेकैंया नायुडू के उस क्षेत्र में दौरे का मज़बूती से विरोध करता है.”
चीनी प्रवक्ता के इस बयान का भारतीय विदेश विभाग ने दो-टूक जवाब देते हुए एक बयान जारी किया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, हमने चीन के आधिकारिक प्रवक्ता की आज की गई टिप्पणियों को देखा है. हम ऐसी टिप्पणियों को अस्वीकार करते हैं. अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है.”
जैसे वे भारत के किसी अन्य राज्य की यात्रा करते हैं, वैसे ही भारतीय नेता नियमित रूप से अरुणाचल प्रदेश राज्य की यात्रा करते हैं. भारतीय नेताओं की भारत के एक राज्य की यात्रा पर आपत्ति करना, भारतीय लोगों के तर्क और समझ से परे है.
भारत ने अरुणाचल प्रदेश पर चीनी दावों को हमेशा ख़ारिज किया है और कहा है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न और अविभाज्य अंग है.
लद्दाख में सीमा विवाद
चीनी प्रवक्ता ने ये भी कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा सीमा विवाद को और पेचीदा बनाने से बचना चाहिए ताकि दोनों देशों के बीच संबंध सुधरें.
प्रवक्ता ने कहा कि भारत को चीन की चिंताओं की कद्र करनी चाहिए और क्षेत्र में शांति एंव स्थिरता लाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.
भारत ने इस पर भी चीनी प्रवक्ता का जवाब दिया है.
भारतीय विदेश विभाग ने वर्तमान वार्ताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा, जैसा कि हम पहले भी कह चुके हैं, भारत-चीन की पश्चिमी सरहद पर मौजूदा हालात, चीन द्वारा द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन में यथास्थिति को बदलने के एकतरफा प्रयासों के कारण हुई है.”
भारत ने उम्मीद जताई कि चीन आपसी संबंधों में असंबंधित मुद्दों को जोड़ने की कोशिश करने के बजाय द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करते हुए पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ बाक¸ी मुद्दों के तुरंत समाधान की दिशा में काम करेगा.”
हाल के दिनों में भारत और चीन सीमा विवाद सुलझाने के लिए 13 बार आधिकारिक मुलाक¸ात कर चुके हैं.


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