सिंहदेव के दिल्ली दौरे से सियासी उबाल तेज

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रमन ने सिंहदेव को कहा आशान्वित,


भूपेश का जवाब दूसरों के घर में तांक-झांक ना करें


रायपुर,20 सितम्बर 2021 (ए)। पंजाब में मुखिया के बदलाव के बाद अब सियासी गलियारों में छत्तीसगढ़ के फेरबदल पर फिर नजर टिकी हुई है। लेकिन सियासत तब गरमा गई जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सोमवार को दिल्ली के लिए उड़ान भरी।
गौरतलब है कि सोमवार सुबह मंत्री टीएस सिंहदेव रायपुर से नई दिल्ली पहुंचे। सिंहदेव के दिल्ली पहुँचते ही छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बदले जाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई। हालांकि सारे कयासों पर पानी फेरते हुए मंत्री सिंहदेव ने बड़े ही सहजता से दिल्ली में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि वे दिल्ली पारिवारिक काम से पहुंचे हैं न की पार्टी आलाकमान से मिलने।
मिली जानकारी के मुताबिक टीएस सिंहदेव की बहन आशा देवी का आज जन्मदिन है। सिंहदेव परिवार में उनसे सभी की अच्छी जमती है, इसलिए उनके जन्मदिन के मौके पर सिंहदेव बहन से मिलने दिल्ली पहुँचे हैं।


सिंहदेव के दिल्ली दौरे पर रमन की टिप्पणी


सिंहदेव के दिल्ली उड़ने के खबर से ही फिर विपक्ष को निशाना साधने का एक और मौका मिल गया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पंजाब में मुख्यमंत्री को लेकर चले सियासी ड्रामा की आड़ में छत्तीसगढ़ की सत्ता को लेकर बयान दिया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के दिल्ली प्रवास को लेकर भी टिप्पणी की। रमन सिंह ने मीडिया से कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को बोलने के लिए पार्टी द्वारा मना किया गया है। यही कारण है कि स्वास्थ्य मंत्री और उनके वरिष्ठ नेताओं के बीच क्या बात होती है यह किसी को जानकारी नहीं है। केवल लोग अनुमान लगाते ही रहते हैं कि छत्तीसगढ़ में कब क्या होने वाला है। रमन ने कहा मगर मंत्री सिंहदेव के चेहरे को देखकर लगता है कि सीएम बनने के लिए वे पूरी तरह से आशान्वित हैं।


मुख्यमंत्री बघेल का रमन पर तंज


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की टिप्पणी पर तंज कसते हुए कहा कि डॉ. रमन ख्याली पुलाव ना पकाएं, अपनी टिकट की चिंता करें। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब रमन सिंह मुख्यमंत्री थे तो मुझे बोलै करते थे कि सुबह होते ही मैं प्रेस के सामने आ जाता हु। लगता है वही स्थिति उनके लिए है। मुख्यमंत्री बघेल ने चुटकी लेते कहा कि रमन सिंह को अब अपनी टिकट की चिंता करनी चाहिए, क्योंकि पिछले चुनाव में वे अपने बेटे को टिकट नहीं दिला पाए थे। कहीं इस बार उनका ही पत्ता साफ ना हो जाए। ऐसे भी भाजपा प्रभारी ने भी इस ओर इशारा कर ही दिया है। अब तो उनकी खुद की टिकट खतरे में पड़ गई है।


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