स्वस्थ जीवन हर किसी की सर्वोच्च जीवन प्राथमिकता होता है। कहा भी गया है कि, ‘सेहत सबसे बड़ी पूंजी’ है। स्वस्थ व्यक्ति ही जीवन को सही तरह से एन्जॉय करते हुए उसे सफल एवं सार्थक बना सकता है और इसमें डॉक्टर्स की भूमिका बहुत अहम होती है। छोटी-बड़ी हर तरह की बीमारियों को डॉक्टर्स की मदद से ठीक किया जा …
Read More »संपादकीय
कविता@झर-झर-झर-झर पानी बरसे …
झर-झर-झर-झर पानी बरसे,सर-सर-सर हवा ह धुंकेघड़-घड़-घड़ बादर गरजे चम-चम-चम बिजली चमकेचारो मुड़ा म घपटे बदरिया,उमड़ घुमड़ के बादर बरसेप्यास बुझे हे भुईया के,नदिया नरवा झोरकी ह छलकेदादुर बोले झींगुर हर बोले कोयलिया ह कुहक लगाएउमड़-घुमड़ के बदरिया बरसे,पानी के धार हर बोहाएडी-डोंगर म हरियाली छाए,मंजूरिया हर पाँव थिरकायेकल-कल, छल-छल,नदिया-नरवा सुग्घर तान सुनायेरुनझुन-रुनझुन,खेत-खारी लागे, पैडगरी हर हरियागेमेड-पार म तिल-राहेर बोंवागे, मुही …
Read More »कविता@सावन की खबर भोले …
सावन की खबर अब आने लगी,याद भोले की हमको दिलाने लगी,साज धड़कन का फिर से बजने लगा,मन भोले में मेरा रमनें लगा।सावन की खबर …..ये मौसम भी अब यूं बदलने लगे,भोले के रंग में लगता है ढलने लगे,दीप सारे ये तम में जलने लगे,फूल भी सारे माटी में खिलने लगे।सावन की खबर …..भोलापन भोले का रास आने लगा,सपनों में रंगोली …
Read More »लेख@चीन नहीं देश सर्वोपरि है भारत माता में हूँ नतमस्तक
शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक चीन के चिंगदाओ में 25-26 जून को आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान एससीओ के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा,आतंकरोधी प्रयासों और रक्षा मंत्रालयों के बीच बढ़ते सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह …
Read More »संकीर्ण जीवन-दृष्टि और टूटती नैतिक रीढ़
जब जीवन का अर्थ सिर्फ संपत्ति रह जाएअच्छे जीवन की भूल- भुलैया:क्या खोया, क्या पाया?आधुनिक समाज में अच्छे जीवन की जो धारणा प्रचलित है, वह दिन-ब-दिन और भी अधिक संकीर्ण, आत्म केन्दि्रत और भौतिकतावादी होती जा रही है। जीवन के उद्देश्य को अब केवल आर्थिक सफलता,सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत सुख तक सीमित कर दिया गया है। इस सोच में मानवीय …
Read More »कविता@काबर साथ दिही …
ओखरे पेट म लात मारे केकरत हवस तैयारी,आसिरवाद लेहे बरघोंडत हस ओखर गोड़ मका हवय तोला बीमारी,राजनीति करत हस तैं हरकइसे हम पतियाबो,तोर करम कुकरम ल देखेहन बाबूआउ धोखा काबर हम खाबो,अपन बाप ल बाप नइ कहसदूसर ल बाप बनाथस,एक गोठ म खड़े नई रहससपना भारी देखाथस,नंगरा हस तैं जनमजात लेभरोसा करे के काबिल नई हस,जब जब सत्ता मिलिस हे …
Read More »कविता@नवा पंथ बनाबो..
जात पात ला हम भुलाबो मानवता मा माथ झुकाबोदीनदुखी ला गला लगाबो चलो नवा पंथ हम बनाबो।।उच्च नीच के भाव मिटाबो जरूरतमंद मा धन लुटाबोसुख-दुख मा हाथ बटाबो चलो नवा पंथ हम बनाबो।।जुरमिल के सब हम रहिबो एक दुसरा के सहारा बनबोदेश ला शिखर मा पहुंचाबो चलो नवा पंथ हम बनाबो।।क्षेत्रीय के राग ला मिटाबो हिंदुस्तानी के धुन चलाबोकेवल भारत …
Read More »लेख@संविधान की प्रस्तावना पर संघ का प्रश्न या भारत की आत्मा पर चोट?
भारतीय राजनीति में जब भी संविधान को लेकर कोई सवाल उठता है, तब वह बहस सिर्फ कानून की सीमाओं तक सीमित नहीं रहती बल्कि वह देश की आत्मा और उसकी पहचान से जुड़ जाती है। हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यवाहक दत्तात्रेय होसबाले ने जो बयान दिया,उसने न केवल संविधान की प्रस्तावना बल्कि स्वतंत्र भारत की विचारधारा को …
Read More »लेख@बाह्य तथा आंतरिक सुरक्षा के खतरे
भारत संप्रभुता एकता तथा अखंडता का वैश्विक स्वच्छ एवं साफ-सुथरी छवि वाला एकमात्र बड़ा लोकतांत्रिक देश है। अमेरिका में भी लोकतंत्र है पर वहां पूंजीवादी व्यवस्था तथा व्यापक व्यवसायीकरण ने अनेक राष्ट्रपतियों को विस्तार वादी तथा साम्राज्यवादी मानसिकता का बना दिया है। अमेरिका की शक्ति संपन्नता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे एक संवेदनहीन,लोकतांत्रिक एवं निरंकुश राष्ट्र के रूप में स्थापित कर …
Read More »लेख@फूंक-फूंक कर कदम रखना वो लोग जो सॉरी…
कितना छोटा शब्द है ना सॉरी,कितनी आसानी से इस शब्द का प्रयोग कर अपने बड़े-बड़े कर्म कांडों पर पर्दा डालना के लिये बस दो वर्णों का शब्द माफी बोलकर जैसे लोग गंगा नहा लेते हैं। किसी के अंतरात्मा को,वजूद को,किसी की रूह को तोड़ छलनी-छलनी कर, समाज में, रिश्तेदारों में, दोस्त यारों मे इतना गिरा सबकी नजरों मे और बाद …
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घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur