हाल के वर्षों में, एआई ने जटिल समस्याओं को हल करने के लिए विज्ञान,सामाजिक अध्ययन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारी लोकप्रियता हासिल की है, बीमारियों के निदान से लेकर बाढ़ के पूर्वानुमान तक। जलवायु संकट को संबोधित करने में इसकी क्षमता भी प्रशंसनीय है-उदाहरण के लिए, पर्यावरण अनुसंधान की सहायता में, जिसने वनों की कटाई और मिट्टी के कटाव …
Read More »संपादकीय
लेख@ सफलता के नेपथ्य में मानवीय मूल्य,श्रम का विकल्प सिर्फ कठोर श्रम
हर बड़ा व्यक्ति जो हमें समाज से अलग हटकर खड़ा दिखाई देता है जिसे हम विलक्षण और प्रतिभा संपन्न मानते हैं। आज के परिपेक्ष में हम उसे सेलिब्रिटी कहते हैं तो निसंदेह उसकी इस सफलता के पीछे अनवरत श्रम, अदम्य मानसिक शक्ति और संयम छुपा होता है।बड़ी सफलता प्राप्त करने का कोई सरल उपाय या विकल्प नहीं होता है। विपरीत …
Read More »लेख@ सरकारी स्कूलों में क्यों नहीं पढ़ते राजनेताओं के बच्चे
आखिर ये कैसे जानेंगे दर्दजब तक विधायक,मंत्री और अफसरों के बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते रहेंगे, तब तक सरकारी स्कूलों की हालत नहीं सुधरेगी। अनुभव से नीति बनती है, और सत्ता के पास उस अनुभव का अभाव है। स्कूलों में छत गिरने से मासूमों की मौत, किताबों की कमी, अधूरे शौचालय —ये सब आम जनता के हिस्से में ही क्यों? …
Read More »लेख@ एआई का विस्तार या नौकरी का संकुचन
भारत जैसे युवाओं वाले और उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश में तकनीकी विकास के प्रति उत्साह हमेशा गहरा रहा है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तकनीकें समाज, राष्ट्र और अर्थव्यवस्था में तीव्र बदलाव की सारथि बनी हैं। हर वर्ग और क्षेत्र ने इस परिवर्तन को आशा एवं सकारात्मकता के साथ अपनाया है, इस उम्मीद में कि तकनीकी …
Read More »लेख@ मुंशी प्रेमचंद:जिनकी कहानियों में सांस लेता है भारत
आधुनिक हिन्दी साहित्य के पितामह और उपन्यास सम्राट महान् कथाकार मुंशी प्रेमचंद ने अपने लेखन के माध्यम से न सिर्फ दासता के विरुद्ध आवाज उठाई बल्कि लेखकों के उत्पीड़न के विरुद्ध भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने उपन्यासों और कहानियों के अलावा नाटक, समीक्षा, लेख, संस्मरण इत्यादि कई विधाओं में साहित्य सृजन किया। प्रेमचंद ऐसे कहानीकार और साहित्यकार थे,जिन्हें आज भी …
Read More »लेख@ ऋतुचक्र में गड़बड़ी,संकट का संकेत
ज्ब से ऋतु चक्र बिगड़ा है,तब से बारिश भी अनिश्चित हो चुकी है। वर्षा ऋतु से पहले होने वाली अतिवृष्टि कई तरह के संकट पैदा करती रही है। बाढ़ इनमें से प्रमुख है। इस दौरान जनजीवन खतरे में पड़ जाता है। तब भयावह तबाही के दृश्य दिखते हैं। मानसून आने के बाद कहीं कम, तो कई ज्यादा बारिश शुरू हो …
Read More »लेख@ जन-जन के कवि,युगों के संत गोस्वामी तुलसीदास
भारतीय साहित्य,भक्ति आंदोलन और आध्यात्मिक चेतना के आकाश में गोस्वामी तुलसीदास एक ऐसे नक्षत्र हैं,जिनकी चमक न केवल हिंदी साहित्य को आलोकित करती है बल्कि करोड़ों जनमानस के हृदय को भी आज तक प्रकाशित करती रही है। गोस्वामी तुलसीदास का जीवन,उनकी साधना,उनका साहित्य और उनका भक्ति भाव भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। तुलसीदास जी ने रामभक्ति को केवल एक …
Read More »लेख@ नाग देव के प्रति आस्था के पर्व नाग पंचमी
हमर हिंदू धर्म म परब,पूजा-पाठ-अनुष्ठान के अपन-अलग महत्व हावय। दिन विशेष तिथि के हिसाब से हमर हिंदू धर्म के लोगन मन जम्मो परब के विधि-विधान के साथ पूजा-पाठ यज्ञ हवन तर्पण करथें। अउ अपन धार्मिक अनुष्ठान ल पूर्ण करथें। एकर मुख्य कारण यही हावे की प्राणी मात्र के कल्याण करना,अउ पुण्य के भागीदार होना। इही कड़ी म आथे नाग पंचमी …
Read More »लेख@ पौराणिक काल से ही होती रही है नागों की पूजा
सांपों के प्रति समर्पण की सांस्कृतिक परंपरा है नाग पंचमी श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को प्रतिवर्ष देशभर में नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है, जो इस वर्ष 29 जुलाई को मनाया जा रहा है। हालांकि कुछ राज्यों में चैत्र तथा भाद्रपद शुक्ल पंचमी के दिन भी ‘नाग पंचमी’ मनाई जाती है। ज्योतिष के अनुसार पंचमी तिथि …
Read More »लेख@ मोदीजी की लोकप्रियता नहीं है कम
17 सितम्बर 25 के दिन का प्रधान मंत्री मोदीजी का मीडिया में खुब खबर चल रही है कि वो 75 साल के हो जायेंगे और क़ोई और होगा इधर ऐ भी चर्चा में है उपराष्ट्रपति किसी दबाब में इस्तीफा दिए हैं और इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी को भी घसीटा जा रहा और बहुत से यू टुबर ने इतना गन्दा …
Read More »
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur