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संपादकीय

लेख@व्यूज बटोरने को रोज रचे जा रहे ड्रामे

सोशल मीडिया पर बढ़ती सनसनी,स्कि्रप्टेड विवाद और दर्शकों की जिम्मेदारी डिजिटल क्रांति ने संचार और अभिव्यक्ति की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। आज एक स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन के सहारे कोई भी व्यक्ति अपने विचार,प्रतिभा और अनुभव दुनिया के सामने रख सकता है। यूट्यूब,इंस्टाग्राम,फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया मंचों ने लाखों लोगों को पहचान, रोजगार और लोकप्रियता प्रदान …

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लेख@शक्षा के मंदिर में कोचिंग वॉर और दांव पर लगता मासूम छात्रों का भविष्य

बिहार के पटना का मुसल्लहपुर हाट इलाका देश भर में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की उम्मीदों का केंद्र माना जाता है। लेकिन हाल ही में इस इलाके से जो तस्वीरें और खबरें सामने आईं,उसने न केवल शिक्षा के इस मंदिर को शर्मसार किया है बल्कि बिहार की गौरवशाली ज्ञान परंपरा पर भी एक गहरा धब्बा लगा दिया …

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लेख@तृणमूल कांग्रेस में टूट और ममता की बढ़ती चिन्ताएं

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी),जिसने पिछले डेढ़ दशक से बंगाल की राजनीति पर लगभग एकाधिकार स्थापित कर रखा था,आज आंतरिक असंतोष,नेतृत्व संबंधी प्रश्नों और जनविश्वास के संकट से जूझती दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर असंतुष्ट नेताओं और विधायकों की गतिविधियों ने यह संकेत दिया है कि …

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लेख@पर्यावरण बचाने के लिए हम सब को आगे आना होगा

जब इस श्रृष्टि का निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों के बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने दिया जो कलान्तर मे पर्यावरण कहलाया। जीवों के दैनिक जीवन को संचालित करने के लिए उष्मा रुपी उर्जा की जरुरत पड़ती है। और यह उर्जा प्रत्यक्ष …

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लेख@बढ़ते तापमान से जीव सृष्टि अलर्ट मोड पर

जीव सृष्टि के लिए केवल एकमात्र आधार पेड़ है,पेड़ खत्म मतलब पृथ्वी से जीवन समाप्त। प्रकृति का एकदम सरल नियम है कि,पेड़ हमें बचाते है,हमें उन्हें बचाना हैं। अगर हम प्रकृति की रक्षा में लिए 1 प्रतिशत भी योगदान देते है तो उसके तुलना में प्रकृति 100 प्रतिशत समृद्धि हमें लौटाती हैं। कोरोना काल में हम सबने देखा की,जब प्रकृति …

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लेख@जब मौत बन जाए सोशल मीडिया का कंटेंट

सोशल मीडिया पर हिंसक वीडियो का प्रसार : संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रश्नहाल के दिनों में एक मासूम बच्चे की निर्मम हत्या और हांसी में एक दुकानदार की दर्दनाक हत्या से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से पोस्ट और शेयर किए जा रहे हैं। इन वीडियो की एक झलक मात्र ही किसी भी संवेदनशील व्यक्ति की रूह कंपा देने …

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लेख@टूटते भरोसे के वेंटिलेटर पर देश की परीक्षा व्यवस्था

भारत में परीक्षा अब केवल योग्यता का आकलन नहीं रह गई है बल्कि यह करोड़ों सपनों की निर्णायक कसौटी बन चुकी है लेकिन जब यही कसौटी बार-बार संदिग्ध हो जाए,जब मेहनत और ईमानदारी की जगह ‘जुगाड़’ और ‘माफिया नेटवर्क’ हावी हो जाएं,तब यह केवल परीक्षा का संकट नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य का संकट बन जाता है। पेपर लीक के …

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लेख@कोचिंग संस्कृति के चौराहे पर शिक्षा

शिक्षा नहीं,ब्रांड बिक रहे हैं… भारत में शिक्षा को सदियों से ज्ञान, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना गया है। शिक्षक को समाज में विशेष सम्मान प्राप्त रहा है क्योंकि वह केवल विषय ज्ञान ही नहीं देता,बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण भी करता है। किंतु पिछले कुछ दशकों में शिक्षा के क्षेत्र में जो परिवर्तन हुए …

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लेख@पेपर लीक की आड़ में डिजिटल शिक्षा पर अंजना का ‘दो कौड़ी’ तंज

दो कौड़ी कहने वाली जुबान और करोड़ों भाग्य बदलने वाले हाथअंजना की टिप्पणी या शिक्षा पर चोट? यूट्यूब टीचर्स क्यों बने मुद्दा भारतीय शिक्षा जगत में यह शायद ही पहले कभी देखने को मिला हो कि एक टीवी स्टूडियो में कही गई टिप्पणी इतनी तेज़ी से राष्ट्रीय बहस का विषय बन जाए। लेकिन जब वरिष्ठ एंकर अंजना ओम कश्यप ने …

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लेख@स्वस्थ जीवन एवं स्वस्थ पर्यावरण का आधार है साइकिल

हर वर्ष 3 जून को मनाया जाने वाला विश्व साइकिल दिवस केवल एक साधारण वाहन के सम्मान का अवसर नहीं है,बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण,सामाजिक समानता और सतत विकास के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन,प्रदूषण,बढ़ती बीमारियों और यातायात संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है,तब साइकिल एक ऐसे सरल समाधान के रूप …

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