Breaking News

रायपुर@1000 करोड़ की धोखाधड़ी…कारोबारी को पकड़ने रायपुर पहुंची कोलकाता पुलिस

Share


महेंद्र गोयनका परिवार समेत फरार,एमपी के विधायक की कंपनी से भी ठगी का आरोप


रायपुर,07 नवम्बर 2026। रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका और उनके साथियों को गिरफ्तार करने के लिए कोलकाता पुलिस शनिवार को रायपुर पहुंची। गोयनका पर करीब 1,000 करोड़ रुपए की संपत्तियों और कंपनियों के शेयरों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी का आरोप है। इसी मामले में उन्हें गिरफ्तार करने पुलिस पहुंची थी,लेकिन वह परिवार सहित फरार हो गया। कोलकाता हाईकोर्ट से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नया वारंट जारी हुआ था। पुलिस टीम रायपुर में उनकी तलाश कर रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को कोलकाता ले जाकर सक्षम अदालत में पेश किया जाना था,जहां पुलिस रिमांड की मांग करती। धोखाधड़ी के मामले में दर्ज एफआईआर में महेंद्र गोयनका, अभिषेक अग्रवाल,अशोक रैकवार,मनीष गोयनका,सुरेंद्र सिंह सलूजा और धनेश शिवहरे समेत महेंद्र गोयनका एंड संस और सुशील गोयनका एंड संस के नाम शामिल हैं।
महेंद्र गोयनका के भाई और पत्नी
पर भी घोटाले का आरोप

वकील अमरेंद्र दास ने बताया कि कोलकाता पुलिस कारोबारी महेंद्र गोयनका को गिरफ्तार करने आनंदम सिटी पहुंची थी। गोयनका पर करोड़ों के घोटाले का आरोप है। उनके परिवार के एचयूएफ के खिलाफ भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। कोलकाता के 3-4 थानों में उनके खिलाफ मामले दर्ज हैं। महेंद्र गोयनका के भाई और पत्नी पर भी कई कंपनियों में धोखाधड़ी करने का आरोप है।
एमपी के विधायक से करोड़ों की ठगी
वकील के मुताबिक, आज जिस मामले में कोलकाता पुलिस पहुंची थी, वह बउबाजार थाने में दर्ज है। महेंद्र गोयनका ने कटनी शहर के विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठव की पारिवारिक कंपनी में भी करोड़ों का घोटाला किया है। इसी मामले में पुलिस रायपुर पहुंची थी, लेकिन कारोबारी फरार हो गया। वह रायपुर में ही इधर-उधर छिप रहा है। शहर के स्थानीय लोग घनश्याम अग्रवाल उसे सपोर्ट कर रहे हैं। जुलाई में भी वह 14 दिनों तक हिरासत में था। यह मामला यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर कथित अवैध कब्जे से जुड़ा है। कोलकाता में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका और उनके सहयोगियों पर जाली दस्तावेज, फर्जी हस्ताक्षर और कंपनी की नकली मुहरों के जरिए शेयरों का मालिकाना हक बदलने का आरोप है।
5 हजार शेयरों को
अपने नाम ट्रांसफर दिखाया

एफआईआर के मुताबिक, एडमिट विनट्रेड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर गोपाल कुमार यादव ने शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनकी कंपनी के पास व्यू टेक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के 5 हजार इक्विटी शेयर थे। कंपनी ने ये शेयर फ्यूचर डीलट्रेड प्राइवेट लिमिटेड से खरीदे थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 फरवरी 2018 को कंपनी ने इन शेयरों को एडमिट विनट्रेड के नाम दर्ज कर दिया था। इसके मूल शेयर सर्टिफिकेट भी शिकायतकर्ता कंपनी के पास थे।
पुराने रिकॉर्ड में बदलाव कर
दोबारा दाखिल किया रिटर्न

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में आरोपियों ने 6 जुलाई 2018 की कथित बोर्ड मीटिंग के प्रस्ताव के आधार पर वित्तीय वर्ष 2016-17 का संशोधित वार्षिक रिटर्न दाखिल किया। इसमें दिखाया गया कि 9 मार्च 2017 को ही 5 हजार शेयर फ्यूचर डीलट्रेड से महेंद्र गोयनका एंड संस के नाम ट्रांसफर हो गए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी कंपनी ने न तो शेयर बेचने की सहमति दी थी और न ही इसके बदले कोई रकम मिली थी। शेयर ट्रांसफर से संबंधित कोई दस्तावेज भी कंपनी ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए पुराने रिकॉर्ड में बदलाव कर शेयरों पर कब्जा करने की कोशिश की गई। शिकायत में इसे यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर नियंत्रण हासिल करने की साजिश का हिस्सा बताया गया है।


Share

Check Also

जशपुरनगर@ जशपुरनगर@ जशपुर में बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला का सफल आयोजन

Share … बिहान योजना के वित्तीय पहलुओं पर 140 प्रतिभागियों को दिया गया प्रशिक्षण-संवाददाता-जशपुरनगर,07 नवम्बर …

Leave a Reply