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सूरजपुर@अब घर बैठे कटेगा धान खरीदी का टोकन किसानों को समिति के चक्कर से मिलेगी राहत

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10 नवंबर से शुरू होगी ऑनलाइन टोकन जारी करने की प्रक्रिया,15 नवंबर से 15 जनवरी तक धान बेच सकेंगे किसान
-ओंकार पाण्डेय-
सूरजपुर,07 नवम्बर 2026 (घटती-घटना)।
धान खरीदी के दौरान टोकन कटवाने के लिए खरीदी केंद्रों और समितियों में लगने वाली लंबी कतारों से किसानों को राहत देने के लिए इस बार डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है,खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसान अब घर बैठे मोबाइल फोन के माध्यम से धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे,इसके लिए खाद्य,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने ‘तुहर टोकन’ मोबाइल ऐप की सुविधा उपलब्ध कराई है, ऐप के माध्यम से किसान 24 घंटे अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। विभाग के अनुसार टोकन जारी करने की प्रक्रिया 10 नवंबर 2026 से शुरू होगी,किसान 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक की निर्धारित धान विक्रय तिथियों के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे,इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को टोकन के लिए बार-बार समिति पहुंचने की परेशानी से बचाना और धान खरीदी की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
जमीन के रकबे के हिसाब से मिलेगी टोकन की पात्रता-विभाग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार किसानों को उनकी भूमि के रकबे के आधार पर टोकन प्राप्त करने की पात्रता तय की गई है,दो एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन,दो एकड़ से अधिक और दस एकड़ तक भूमि वाले किसानों को दो टोकन तथा दस एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम तीन टोकन प्राप्त करने की पात्रता होगी, किसान पूर्व वर्ष की व्यवस्था के अनुरूप धान की मात्रा दर्ज कर टोकन प्राप्त कर सकेंगे,पात्रता के अनुसार दूसरे और तीसरे टोकन के माध्यम से शेष धान का विक्रय भी किया जा सकेगा।
डिजिटल सुविधा की सफलता क्रियान्वयन पर निर्भर-हालांकि मोबाइल ऐप से टोकन जारी करने की व्यवस्था किसानों के लिए सुविधाजनक साबित हो सकती है,लेकिन इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को ऐप के उपयोग में कितनी आसानी होती है,इंटरनेट की उपलब्धता,मोबाइल संचालन की जानकारी और तकनीकी समस्याओं के समाधान की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी,समिति स्तर पर 30 प्रतिशत टोकन जारी करने का प्रावधान ऐसे किसानों के लिए राहत का विकल्प रहेगा,जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने में कठिनाई हो, अब देखना होगा कि 10 नवंबर से शुरू होने वाली टोकन व्यवस्था जिले के सभी खरीदी केंद्रों में कितनी सुचारु रूप से लागू होती है और किसानों को वास्तव में कतारों से कितनी राहत मिलती है।
70 प्रतिशत टोकन मोबाइल ऐप से,30 प्रतिशत समिति से
नई व्यवस्था में प्रत्येक धान खरीदी समिति की निर्धारित दैनिक खरीदी क्षमता का 70 प्रतिशत टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से जारी किया जाएगा,जबकि शेष 30 प्रतिशत टोकन समिति स्तर से किसानों को मिलेंगे,ऑनलाइन टोकन की निर्धारित सीमा में भी किसानों की श्रेणी के अनुसार व्यवस्था की गई है,इसके तहत 80 प्रतिशत टोकन लघु एवं सीमांत किसानों के लिए तथा 20 प्रतिशत टोकन बड़े किसानों के लिए आरक्षित रहेंगे,इस व्यवस्था से छोटे और सीमांत किसानों को टोकन प्राप्त करने में प्राथमिकता देने का प्रयास किया गया है,वहीं समिति स्तर पर टोकन जारी करने की व्यवस्था रखे जाने से उन किसानों को भी सुविधा मिलेगी, जिन्हें मोबाइल ऐप के उपयोग में परेशानी हो सकती है।
ओटीपी से होगा पंजीयन,गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध ऐप
‘तुहर टोकन’ मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है,इसका उपयोग करने के लिए किसानों को सबसे पहले ओटीपी आधारित पंजीयन करना होगा, पंजीयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान अपनी धान विक्रय की मात्रा दर्ज कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार टोकन प्राप्त कर सकेंगे,डिजिटल व्यवस्था के तहत किसान अपनी सुविधा के अनुसार टोकन लेने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे,इससे समिति में टोकन कटवाने के लिए लगने वाली भीड़ और अनावश्यक समय की बचत होने की उम्मीद है।


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