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बैकुण्ठपुर@जब कार्यवाही आर क्लब बार पर ही करनी थी तो पांच घंटे पुलिस और आबकारी विभाग क्यों प्रतिष्ठित गंगाश्री होटल घेरे बैठे रही?

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  • आर क्लब बार कोरिया पर पुलिस और आबकारी विभाग की दबिश अब सवालों के घेरे में?
  • कार्यवाही का उद्देश्य कहीं किसी की राजनीतिक प्रतिष्ठा को तो नुकसान पहुंचाना नहीं था?
  • आबकारी विभाग और पुलिस विभाग की पूरी कार्यवाही राजनीति से प्रेरित,लोगों के बीच है यह जनचर्चा।
  • क्या कांग्रेस पार्टी से विधानसभा प्रत्याशी बनने की दावेदारी थी कार्यवाही की वजह?
  • यदि जनचर्चा है सही तो आगे अन्य किसी कांग्रेस पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ने की मंशा रखने वाले कांग्रेसी पर भी हो सकती है कार्यवाही।
  • क्या कार्यवाही करके के बड़े दावेदारों को दबाव में लेने का था पूरा मामला?
  • जिस गंगा श्री होटल को घेरे पुलिस पांच घंटे बैठे रही उस होटल के संचालक पर भी नहीं हुई कोई कार्यवाही।
  • जब कार्यवाही बार संचालक के विरुद्ध ही तय थी तो एक प्रतिष्ठित होटल को घेरने के पीछे क्या थी मंशा?
  • कार्यवाही की आबकारी विभाग सहित पुलिस विभाग की प्रेस विज्ञप्ति भी संक्षिप्त,अपराध की धाराओं का भी उसमे उल्लेख नहीं।

-अंजनी सिंह-
बैकुण्ठपुर 09 सितम्बर 2023 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के प्रतिष्ठित होटल गंगाश्री का नाम विगत दिनों से समाचारों की सुर्खियों में बना रहा, कहीं किसी ने होटल पर कार्यवाही का उल्लेख किया कहीं किसी ने होटल संचालक का नाम भी उल्लेखित किया और कहीं किसी ने होटल संचालक के नाम के साथ उनके सत्ताधारी दल के नेता होने का भी प्रमाण सामने रखा, कुल मिलाकर सभी ने यह साबित किया की प्रतिष्ठित व्यवसायी पर जो सत्ता से भी जुड़े हुए हैं पुलिस सहित आबकारी विभाग ने बड़ी कार्यवाही की है और कार्यवाही में उनके यहां शाम से देर रात तक दबिश जारी रही।
वहीं यदि पुलिस सहित आबकारी विभाग जिला कोरिया की संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति की बात की जाए जिसमे यह भी स्पष्ट नहीं है की उसे जारी किसने किया है या वह किस कार्यालय से जारी हुआ है, क्योंकि उसमे कार्यालय के नाम का उल्लेख नहीं हैं, कार्यवाही का जो विवरण दिया गया है उसके अनुसार शहर के प्रतिष्ठित होटल गंगाश्री पर न तो दबिश दी गई और न ही संचालक को दबिश और उसके दौरान की कार्यवाही में दोषी पाया गया, कार्यवाही गंगा श्री होटल के बगल के आर क्लब बार पर की गई दबिश भी वहीं दी गई और अवैध शराब भी वहीं से बरामद हुई वहीं क्लब बार संचालक भी राकेश श्रीवास्तव नाम का व्यक्ति है जो क्लब बार का संचालन करता है। अब कार्यवाही के दौरान पुलिस बल जो भारी संख्या में गंगाश्री होटल को घेरे बैठी खड़ी थी जिला  आबकारी विभाग का पूरा अमला जहां डटा था, वहां कार्यवाही उतनी बड़ी नजर नहीं आई जो जनचर्चा का विषय है और यह भी सवाल अब लोगों के मन में है की पुलिस आखिर पांच घंटे आबकारी विभाग की टीम के साथ गंगाश्री होटल में क्यों डटी रही?

क्या कार्यवाही राजनीति से प्रेरित था?
पुलिस ने कार्यवाही से पहले और पूरी कार्यवाही के दौरान गंगाश्री होटल को पूरी तरह घेरे रखा उस परिसर में जाने वाले हर रास्ते को अपनी गाड़ियों से बंद किए रखा खुद जिले के पुलिस कप्तान मौके पर मौजूद रहे और कार्यवाही क्लब बार पर की गई जबकि बदनाम गंगा श्री जो शहर का प्रतिष्ठित होटल है वह हुआ। जब कार्यवाही शुरू हुई और जब तक चली आस पास शहर के लोगों में भी उत्सुकता और कौतूहल बना रहा की जरूर कोई बड़ा धमाका कोई बड़ा खुलासा पुलिस करने जा रही है और इसी वजह से जिले के पुलिस कप्तान खुद मौजूद हैं साथ ही जिले की आबकारी विभाग की पूरी टीम उनके साथ पुलिस बल सहित मौजूद है, वहीं प्रेस विज्ञप्ति जारी होने के बाद अब जनचर्चा यह है की पूरा मामला राजनीति से प्रेरित मामला हो सकता है और कहीं न कहीं मामला विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बतौर दावेदारी से जुड़ा हुआ है और कार्यवाही के बाद दावेदारी को कमजोर किया गया जो प्रथम दृष्टया समझ की बात है, वैसे शहर के लोग जिले के लोग अपने अपने अनुसार कयास लगा रहें हैं जन चर्चा हो रही है जो इसी पर केंद्रित है की जब होटल संचालक और उनके किसी परिवारिक सदस्य का नाम ही कार्यवाही में नहीं है तो यह मामला राजनीति से प्रेरित है। लोग अपने दिमाग पर जोर डाल डाल कर बस कयास ही लगा रहे हैं और अब इसके अलावा वह कुछ कर भी नहीं सकते जो वह जनचर्चा कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वैसे कार्यवाही सही मायने में देखा जाए तो समझ से परे रही क्योंकि खुद पुलिस कप्तान की मौजूदगी में जिस तरह दबिश दी गई प्रेस विज्ञप्ति में उसकी झलक देखने को नहीं मिली।
बिना सर्च वारंट होटल परिसर में पहुंची पुलिस,सूत्र
वैसे सूत्रों की माने तो पुलिस ने बिना सर्च वारंट होटल परिसर में धावा बोला और तलाशी ली, तलाशी होटल की हुई की नही लेकिन क्लब बार की हुई, जिसकी प्रेस विज्ञप्ति जारी हुई, अब किसी होटल में जाकर बिना वारंट दबिश देना या वहां परिसर को घेरे रखना कानूनन सही है की नहीं यह तो कानून के जानकर ही बता पाएंगे, लेकिन यदि सूत्रों की बात सही है और बिना सर्च वारंट पुलिस पहुंची थी और यदि ऐसा करना कानूनन सही नहीं तो यह पुलिस की बड़ी भूल थी क्योंकि खुद कप्तान वहां मौजूद थे।
खोदा पहाड़ निकली चुहिया वाली कहावत हुई चरितार्थ
मामले में यदि देखा जाए तो एक पुरानी कहावत सटीक बैठती है वह कहावत है खोदा पहाड़ निकली चुहिया, कहने का मतलब कार्यवाही का जैसा माहौल बनाया गया जिस तरह जिले के पुलिस कप्तान बड़ी पुलिस फौज लेकर दबिश देने पहुंचे जिस तरह आबकारी विभाग के जिला स्तर के अधिकारियों सहित उनके कर्मचारी मौजूद रहे, पांच घंटे और शहर में बड़ी किसी कार्यवाही की सूचना फैली वैसा कुछ नहीं देखने सुनने को मिला और न ही कार्यवाही ही लोगों के समक्ष में आई, एक छोटी सी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई जिसमे बताया गया यह आबकारी विभाग सहित पुलिस विभाग की संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति है और जिसमे राकेश श्रीवास्तव क्लब बार संचालक के विरुद्ध मध्य प्रदेश की शराब जो अवैध बताई गई सहित क्लब बार में लाइसेंस सीमा से अधिक मात्रा में शराब रखने का मामला दर्ज किया जाना बताया गया।
प्रतिष्ठित होटल संचालक के भाई ने सत्ताधारी दल से की है विधानसभा प्रत्याशी बनने दावेदारी,दबिश से प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस
वैसे पूरे मामले में सबसे अहम पहलू यह है की जिस प्रतिष्ठित होटल पर पुलिस आबकारी विभाग दबिश देने पहुंचा या यह कहें जिस होटल परिसर में जहां क्लब बार भी स्थित है दबिश दी गई वह एक ऐसे कांग्रेसी नेता के भाई का होटल है, जिन्होंने इस विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल से अपनी दावेदारी विधानसभा प्रत्याशी बतौर की है जो मजबूत भी मानी जा रही थी, पूरी कार्यवाही और प्रेस विज्ञप्ति में भले ही उनके सहित उनके भाई का नाम नही है लेकिन कई समाचारों में उनका और उनके प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान का नाम प्रकाशित हुआ जो कहीं न कहीं उनके प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला साबित हुआ। वैसे जिस कांग्रेस नेता या सत्ताधारी दल के नेता का पूरे मामले में बेवजह नाम उछला वह अपने दल के प्रति समर्पित बने चले आ रहे थे और उन्हे भी कहीं न कहीं यह आघात जरुर पहुंचा होगा की सत्ता में रहकर भी वह अपना मान सम्मान अफवाहों के बीच नहीं बचा सके और कहीं न कहीं उनका नाम उछला जरूर।
क्या आगे किसी अन्य कांग्रेसी नेता विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल से प्रत्याशी बतौर दावेदार के यहां भी हो सकती है किसी तरह की कोई कार्यवाही?
वैसे जिस तरह की कार्यवाही शहर के प्रतिष्ठित होटल साथ ही सत्ताधारी दल के कद्दावर नेता के होटल परिसर से लगे क्लब बार में हुई उसके बाद जनचर्चा में यह भी विषय जुड़ा हुआ सुनाई दे रहा है की क्या आगे ऐसी कोई कार्यवाही किसी अन्य कांग्रेसी नेता के साथ ही विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी मजबूत तरीके से रख रहे कद्दावर पर भी देखी जा सकती है, क्योंकि यदि यह राजनीति से प्रेरित कार्यवाही है तो ऐसा होना सुनिश्चित है ऐसा लोगों का मानना है, वैसे बताया जा रहा है की अब दावेदार जो ज्यादा खुलकर दावेदारी सत्ताधारी दल से कर रहे थे वह सकते में हैं और अपने कदम फुंकफुंककर रख रहे है क्योंकि उन्हें यह भय है की भले  ही उनपर भी कार्यवाही सीधे सीधे न की जाए लेकिन उन्हें उलझाया जा सकता है क्योंकि सभी का कोई न कोई व्यवसाय जरूर है।
पुलिस दबाव में चाह रही थी गंगा श्री का सीसीटीवी फुटेज
विशेष व विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 5 घंटे की रेड वाली कार्यवाही में एक अहम चीज पता चली, जिसमें यह पता चला कि भले ही कार्रवाई आर क्लब बार में पुलिस ने की पर घेर के इन्होंने गंगा श्री होटल को रखा था और गंगा श्री होटल के संचालक पर दबाव पूर्वक उनसे सीसीटीवी फुटेज की मांग की जा रही थी, शायद आग्रह किया गया होता तो फुटेज मिल भी सकता था, पर जोर जबरदस्ती में फुटेज चाहा जा रहा था, जिस पर संचालक ने देने से मना ही कर दिया, जिसे लेकर बहस-बहीसी की भी बात सामने आई, संचालक ने कहा की आप लिखित में मांगा कीजिए फुटेज उपलब्ध कराता हूं पर लिखित में देने कोपुलिस वाले तैयार नहीं थे, उन्हें फुटेज उनके शर्तों पर चाहिए था, यह उसे रेड के अंदर की गंभीर बात थी जिसे समझना अति जरूर, क्या पुलिस नियम से हटकर कम कर रही थी?
मेरी बार है ही नहीं, बार में मेरा नाम जोड़ कर मुझे बदनाम किया गया, ये बर्दाश्त से बाहर है:योगेश शुक्ला
पटना क्षेत्र के रनई जमींदार व वरिष्ठ कांग्रेसी योगेश शुक्ला ने कहा कि दो दिन पहले बैकुन्ठपुर के आर क्लब जो की सरकारी लाईसेस प्राप्त बार है उसमे  जांच कार्यवाही  की गई और आर क्लब के संचालक राकेश श्रीवास्तव पर आबकारी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्व भी हुआ। बार के ठीक बगल में होटल गंगा श्री संचालित है और वह एक नामी संस्था है मगर कुछ तथा कथित लोगों के द्वारा सोसल मिड़िया व अखबारों में मेरा नाम जोड़ कर भ्रामक खबरें प्रसारित की गई, क्योंकि मैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी सहित ब्लाक, जिला कांग्रेस संगठन का नेतृत्व कर चुका हूं, शिक्षक की नौकरी छोड़ कर कांग्रेस पार्टी की सेवा विगत कई वर्षों से करते आ रहा हूं और मेरा पूरा खानदान कांग्रेसी है। इस बार कुछ दिन पूर्व ही मेरे द्वारा बैकुन्ठपुर विधान सभा क्षेत्र के चुनाव लड़ने के लिए टिकिट की मांग भी की गई है और प्रमुख दावेदारों में से एक हूं, मेरे जनाधार को देखते हुए कुछ लोगों ने मेरा नाम भी इस मामले में घसीटा है जिसके कारण अब मैं कुछ चिन्हांकित लोगों पर न्यायालयिन प्रकिृया के तहत मानहानी का नोटीस भेजूंगा।


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