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अम्बिकापुर@शिक्षक दिवस पर विदा हुए शिक्षक एवं विद्वान शास्त्री चंद्रमा पाठक

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  • 70 वर्ष की उम्र में निधन,जिस दिन देश मना रहा था शिक्षक दिवस
  • उसी दिन एक शिक्षक की अंतिम विदाई ने क्षेत्र को किया भावुक

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,05 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। शिक्षक दिवस पर जहां देशभर में शिक्षक एवं गुरुजनों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे, वहीं अम्बिकापुर में एक सेवानिवृत्त शिक्षक एवं विद्वान शास्त्री के निधन की खबर ने माहौल को गमगीन कर दिया। साक्षरता मार्ग,भट्टी रोड, केदारपुर निवासी चंद्रमा पाठक (70) का शनिवार सुबह 11ः30 बजे निधन हो गया। शिक्षक दिवस के दिन उनके निधन की खबर से परिवार,मोहल्ले और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। चंद्रमा पाठक शिक्षा के क्षेत्र से लंबे समय तक जुड़े रहे और सेवानिवृत्त शिक्षक होने के साथ विद्वान शास्त्री के रूप में भी उनकी अपनी पहचान थी। शिक्षा,ज्ञान और संस्कार को उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। सरल एवं सहज व्यक्तित्व, सौम्य व्यवहार और मिलनसार स्वभाव के कारण वे लोगों के बीच विशेष सम्मान रखते थे।
शिक्षक दिवस पर याद आया उनका शिक्षक जीवन : चंद्रमा पाठक का निधन ऐसे दिन हुआ,जब पूरा देश शिक्षक दिवस मना रहा था। संयोग से वे स्वयं भी शिक्षक रहे। यही वजह रही कि उनके निधन की खबर ने शिक्षक दिवस के अवसर को उनके परिचितों और विद्यार्थियों के लिए भावुक कर दिया। लोगों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि जिस दिन समाज अपने शिक्षकों के योगदान को नमन कर रहा था,उसी दिन एक शिक्षक का संसार से विदा होना अपने आप में बेहद मार्मिक संयोग है। शिक्षण कार्य के साथ उनका सामाजिक सरोकारों से भी गहरा जुड़ाव रहा। वे सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और लोगों के सुख-दुःख में सहभागी बनते थे। अपने ज्ञान, व्यवहार और सामाजिक जुड़ाव के कारण उन्होंने क्षेत्र में सम्मान अर्जित किया।
कृष्ण मोहन और राजीव पाठक के पिता थे : चंद्रमा पाठक कृष्ण मोहन पाठक, अधिकारी सूरजपुर एवं राजीव पाठक,संचालक शगुन गार्डन, बैकुंठपुर के पिता थे। उनके निधन से परिवार में गहरा शोक है। बड़ी संख्या में रिश्तेदार, मोहल्लेवासी एवं नगरवासी अंतिम विदाई देने पहुंचे।
बनारस में हुआ अंतिम संस्कार
निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से अंतिम संस्कार के लिए बनारस ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार, मोहल्लेवासी एवं नगरवासी शामिल हुए। चंद्रमा पाठक का निधन शिक्षा, ज्ञान, संस्कार और सामाजिक सरोकारों से जुड़े एक सम्मानित व्यक्तित्व की विदाई है। शिक्षक दिवस पर उनके निधन ने इस दिन की स्मृतियों को उनके परिवार और परिचितों के लिए हमेशा के लिए भावुक बना दिया। उनके निधन पर परिजनों, शुभचिंतकों, नगरवासियों एवं परिचितों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।


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