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नई दिल्ली@देश के 48 टीचर्स को नेशनल अवॉर्ड

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बल पर ही संभव होगा विकसित भारत का निर्माण : राष्ट्रपति मुर्मू
नई दिल्ली,05 सितम्बर 2026। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बल पर ही विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संविधान में निहित अवसरों की समानता के आदर्शों को कार्यरूप देने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि देश में एक भी विद्यार्थी अच्छी शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में देशभर के 48 स्कूल शिक्षकों को नेशनल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया। इनमें केंद्रीय विद्यालय,नवोदय विद्यालय,सैनिक स्कूल,आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं। इन शिक्षकों ने पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए। महाराष्ट्र के वैभव वसंतराव कुलकर्णी ने गणित के मुश्किल टॉपिक समझाने के लिए 700 से ज्यादा वीडियो बनाए। वहीं राजस्थान के दिव्येंदु सेन ने 500 पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाकर बच्चों को पेड़ों की जानकारी देने का नया तरीका अपनाया। इसके अलावा पंजाब के दिनेश कुमार ने वर्चुअल फिजिक्स लैब और 100 से ज्यादा कम खर्च वाले मॉडल तैयार किए। 48 स्कूल शिक्षकों के अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक के 21 शिक्षक व फैकल्टी सदस्य और कौशल विकास मंत्रालय के 13 कौशल प्रशिक्षकों को भी नेशनल टीचर अवॉर्ड मिला है।
शिक्षकों की अलग-अलग
पहल ने दिलाया सम्मान

– मंजरी महाजन,हिमाचल प्रदेश : स्कूल में बच्चों की पढ़ाई के साथ पर्यावरण बचाने पर काम किया। कचरा अलग करना,प्लास्टिक जमा करना और कैंपस को प्लास्टिक से मुक्त रखने की व्यवस्था की।
– दिव्येंदु सेन,राजस्थान : बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़ी पढ़ाई कराई और उनके साथ 12 नए क्षुद्र ग्रह खोजे। स्कूल के 500 पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाकर उनके बारे में जानकारी दी।
डॉ. वर्तिका गुलाटी,राजस्थान : बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए गूगल मीट और गूगल फॉर्म का इस्तेमाल किया। कोविड के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं लेकर बच्चों की पढ़ाई जारी रखी।
– दिनेश कुमार,पंजाब : वर्चुअल फिजिक्स लैब बनाई और 100 से ज्यादा कम खर्च वाले मॉडल तैयार किए। इससे बच्चों को फिजिक्स आसानी से समझने में मदद मिली और उनका डर कम हुआ।
– रवि जयसवाल,चंडीगढ़ : स्कूल में 3डी गुंबद थिएटर और मौसम केंद्र बनाया। बच्चों को अंतरिक्ष और मौसम के बारे में सीधे प्रयोग और अनुभव के जरिए समझाया।
– वैभव वसंतराव कुलकर्णी,महाराष्ट्र : गणित को आसान तरीके से पढ़ाने के लिए नए तरीके और कम खर्च वाले मॉडल बनाए। छात्रों की मदद के लिए 700 से ज्यादा वीडियो भी तैयार किए।
– शालिनी कुशवाहा,यूपी : बच्चों को पढ़ाने के लिए खेल और अलग-अलग गतिविधियों का इस्तेमाल करती हैं। उनकी पहल के कारण स्कूल में बच्चों का एडमिशन बढ़ा है।
देशभर में 3 चरणों में हुआ टीचर्स का चयन
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, नेशनल अवॉर्ड के लिए 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों से 48 टीचर्स चुने गए हैं। इनका चयन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तीन चरणों में किया। यह प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पूरी हुई।
नेशनल अवॉर्ड का मकसद शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले टीचर्स को सम्मानित करना है। इसमें ऐसे टीचर्स को चुना जाता है, जिन्होंने पढ़ाई के नए तरीके अपनाकर छात्रों के सीखने और विकास में योगदान दिया हो।


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