छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ ने कहा…मतदान पूरी तरह स्वतंत्र,दबाव या अनुचित प्रभाव के आरोप निराधार
-न्यूज डेस्क-
अम्बिकापुर,12 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। आयुष चिकित्सकों के परिषद चुनाव में कथित दबाव और मतपत्र से मतदान को लेकर उठे सवालों के बीच अब छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ का पक्ष सामने आया है, दैनिक घटती-घटना में प्रकाशित खबर के बाद संघ ने स्पष्ट किया है कि परिषद चुनाव में किसी भी आयुष चिकित्सक पर मतदान को लेकर दबाव,भय,प्रलोभन अथवा किसी प्रकार का अनुचित प्रभाव नहीं बनाया गया है, संघ ने इस तरह के आरोपों को निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा है कि प्रत्येक चिकित्सक अपने विवेक और स्वतंत्र इच्छा के अनुसार मतदान करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। संघ की ओर से जारी पक्ष में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ आयुर्वेद तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद,रायपुर के परिषद चुनाव 2026 में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ द्वारा प्रदेश के प्रत्येक संभाग से अपने अधिकृत प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा गया है,संघ का कहना है कि उसका उद्देश्य प्रदेश के आयुर्वेद एवं संबंधित चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े पंजीकृत चिकित्सकों के हितों को प्रभावी ढंग से परिषद के समक्ष रखना है,साथ ही परिषद की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और चिकित्सकों की सहभागिता को मजबूत करना भी संघ के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
17 सितंबर तक मताधिकार का प्रयोग-संघ के अनुसार परिषद चुनाव में जीवित एवं वैध रूप से पंजीकृत आयुष चिकित्सक 17 सितंबर 2026 तक प्राप्त बैलेट पेपर के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, संघ ने कहा है कि मतदान प्रत्येक चिकित्सक का स्वतंत्र और लोकतांत्रिक अधिकार है तथा किसी भी चिकित्सक पर किसी प्रकार का दबाव या अनुचित प्रभाव डालना संघ की भावना के पूरी तरह विपरीत है, संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड अथवा परिषद सदस्य निर्वाचन के संबंध में संयुक्त जिला सरगुजा संभाग द्वारा आयुष चिकित्सकों से मतदान के लिए केवल लोकतांत्रिक अपील की गई है। इसे किसी चिकित्सक पर दबाव बनाने की कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
प्रांताध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार
छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. गदाधर पंडा ने स्पष्ट किया कि किसी भी आयुष चिकित्सक पर मतदान के लिए दबाव,भय,प्रलोभन या अनुचित प्रभाव नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक अपने विवेक और स्वतंत्र इच्छा के अनुसार मतदान करने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र हैं, संघ ने कहा कि चिकित्सकों पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाए जाने संबंधी आरोपों का सरगुजा संभाग संगठन पुरजोर खंडन करता है, संघ के मुताबिक संगठन लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया और प्रत्येक चिकित्सक के स्वतंत्र मताधिकार का पूर्ण सम्मान करता है।
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा
परिषद चुनाव को लेकर सामने आए इस पक्ष के बाद अब पूरा मामला आरोप और प्रत्यारोप के बीच पहुंच गया है, एक ओर मतपत्र वितरण और चिकित्सकों पर कथित दबाव को लेकर सवाल उठाए गए थे,वहीं दूसरी ओर संबंधित संगठन ने किसी भी प्रकार के दबाव या अनुचित प्रभाव से साफ इनकार किया है, ऐसे में चुनाव प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति मतदान पूरा होने और संबंधित रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल संघ ने अपने पक्ष में यह स्पष्ट संदेश दिया है कि चिकित्सकों को अपनी पसंद के प्रत्याशी के पक्ष में स्वतंत्र रूप से मतदान करने का अधिकार है और संगठन किसी प्रकार के दबाव की नीति का समर्थन नहीं करता, यह पक्ष छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ की जिला शाखाओं—सरगुजा,सूरजपुर,बलरामपुर,कोरिया, एमसीबी और जशपुर (सरगुजा संभाग) की ओर से जारी किया गया है।
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