प्रयागराज,08 अगस्त 2026। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को 20 मिनट तक संबोधित किया। राहुल के साथ प्रियंका गांधी की बेटी मिराया भी रहीं। राहुल ने कहा…आपसे कहा जाता है कि जितनी रील देखनी है और जितनी रील बनाना चाहते हैं,बनाओ। यह रील 21वीं सदी का नशा है। 1 हजार युवाओं में से केवल 12 को ही स्थायी नौकरी मिलती है। युवाओं का डेटा छीनकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दिया जाता है। भारत में करीब 40 करोड़ युवा हैं। यही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। चीन की चर्चा होती है, लेकिन भारत के युवाओं के सामने उसकी ताकत कुछ भी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारों से लाखों करोड़ रुपए लिए जाते हैं और बदले में बीए-एमए की डिग्री मिलती है,लेकिन यह सर्टिफिकेट रोजगार की गारंटी नहीं देता।
राहुल बोले…स्टूडेंट के
दिल में मोहब्बत होनी चाहिए…
राहुल बोले…तो ये थी बिहार और यूपी की आवाज। अब मैंने आपसे कहा कि आपने अंधेरे में टार्च जला दी। आप सब बात समझ गए। स्टूडेंट के दिल में नफरत नहीं मोहब्बत होनी चाहिए। मैंने पिछली स्लाइड में मोदी,भागवत, अडाणी की फोटो दिखाई,लेकिन आपको सिस्टम को खत्म टाटा बॉय बॉय करना है। ये सब आपको प्यार के साथ करना है। मैं आपके साथ खड़ा हूं और आगे भी रहूंगा।
छात्र बोला…दो ही ऑप्शन,
चाय बेचूं या सुसाइड करूं
राहुल से एक छात्र बोला…मेरे पास दो ऑप्शन हैं,या तो चाय की दुकान खोलूंगा या सुसाइड करूंगा। इस पर राहुल ने कहा… कि सुसाइड कोई समााधान नहीं होता भाई। उन्होंने छात्र से पूछा- क्या आपकी फैमिली ने कर्ज लिया? इस पर छात्र बोला…मैंने जमीन बेचकर बीएड किया। अब नौकरी की तलाश में हूं। मैं सम्राट चौधरी के गुंडे से नहीं डरूंगा।
राहुल से छात्रा ने कहा…
पुलिस ने एके-47 चलाई
राहुल ने बिहार की छात्रा से बात की। उसने बताया…बिहार पुलिस ने पटना में प्रदर्शनकारियों को पीटा। 23 जुलाई को हमने एक और प्रोटेस्ट रखा। लेकिन उससे पहले पुलिस और आरएएफ मौजूद था। फिर अगले दिन सिवान में पुलिस ने एके-47 चलाई। एक छात्र की मौत हो गई। 25 जुलाई को आप जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहे थे। तब हम बिहार में डरे बैठे थे, कब कहां से पुलिस हमें उठा ले जाए। लाइब्रेरी से छात्रों को ले गई। एक छात्र ने स्टेज पर आकर बताया कि 22 जुलाई को पटना में प्रदर्शन के दौरान हमारे ऊपर पुलिस वालों ने लाठीचार्ज किया। उनका टारगेट था सिर पर मारो या पैर में। आंसू गैस के गोले छोड़े। इनकी वर्दी में बैच भी नहीं थे। ये एंबुलेंस नहीं आने दे रहे थे। थ्री इडियट मूवी की तरह स्कूटी में अस्पताल ले गया। बाद में मुझे 15 घंटे थाने में बिठाया गया। हम पहले नौकरी के लिए आंदोलन करें, फिर पेपर के लिए करें, फिर रिजल्ट के लिए करें। अरे हम छात्र हैं या आंदोलनजीवी हैं।
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