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लखनपुर@ वज्रपात के तीन घायलों को नहीं मिली 108,अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर भी नदारद

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-संवाददाता-
लखनपुर 08 अगस्त 2026 (घटती-घटना)।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्राम केंवरी में घर के अंदर वज्रपात की चपेट में आने से घायल हुए तीन लोगों को परिजन पहले 108 एंबुलेंस के लिए परेशान होते रहे। एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की बात कहे जाने के बाद निजी वाहन से घायलों को अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी करीब आधे घंटे तक ड्यूटी डॉक्टर नहीं पहुंचे और एक ही स्टाफ नर्स तीनों घायलों की देखभाल करती रही। जानकारी के अनुसार केंवरी में एक घर में तीन लोग काम कर रहे थे। इसी दौरान मौसम बदला और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। अचानक घर के अंदर वज्रपात होने से तीनों घायल होकर बेहोश हो गए। परिजनों ने 108 संजीवनी एंबुलेंस को कई बार फोन किया, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने और अंबिकापुर से आने में समय लगने की जानकारी दी गई। इसके बाद परिजन निजी वाहन से तीनों को लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
आधे घंटे बाद पहुंचे ड्यूटी डॉक्टर :परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के समय तीनों घायल बेहोशी की हालत में थे,लेकिन मौके पर ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। एक स्टाफ नर्स ही तीनों मरीजों की देखभाल कर रही थी। करीब आधे घंटे बाद डॉक्टर के पहुंचने पर उपचार शुरू हुआ। फिलहाल उपचार के बाद तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं।
बीएमओ बोले- रोस्टर के अनुसार रहती हैं दो नर्स : मामले में बीएमओ डॉ. ओपी प्रसाद ने कहा कि ओपीडी में सभी डॉक्टर मौजूद रहते हैं और आपातकालीन स्थिति में भी डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं। यदि किसी समय कोई डॉक्टर नहीं मिल पाता तो दूसरे डॉक्टर मरीज का उपचार करते हैं। एंबुलेंस के संबंध में उन्होंने कहा कि 108 की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन संभव है कि उस समय एंबुलेंस किसी अन्य स्थान पर गई हो। स्टाफ नर्स की कमी के आरोप पर बीएमओ ने कहा कि रोस्टर के अनुसार प्रत्येक शिफ्ट में दो स्टाफ नर्स की ड्यूटी रहती है। संभव है कि उस समय एक नर्स प्रसव कार्य में व्यस्त रही हो। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी की अनुपस्थिति की स्थिति में इसकी जानकारी के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सीएमएचओ ने जांच के दिए निर्देश : मामले को लेकर सीएमएचओ डॉ. पीएस मार्को ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर आपात स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता और अस्पताल में तत्काल चिकित्सकीय सेवा नहीं मिलने को लेकर परिजनों ने नाराजगी जताई है। अब स्वास्थ्य विभाग की जांच में ही स्पष्ट होगा कि घटना के समय अस्पताल में डॉक्टर, नर्स और एंबुलेंस की वास्तविक स्थिति क्या थी।


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