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खड़गवां,@ पशुपालन विभाग में बड़ा एक्शन

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PAIW कार्यकर्ताओं के भुगतान कृत्रिम गर्भाधान और योजनाओं की होगी उच्चस्तरीय जांच….
संचालनालय ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति,7 दिन में मांगी रिपोर्ट;मानदेय भुगतान,सत्यापन,खरीद प्रक्रिया और समाचारों में प्रकाशित आरोप भी जांच के दायरे में
-राजेन्द्र शर्मा-
खड़गवां,06 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
कोरिया जिले के पशुपालन विभाग में वर्षों से उठ रहे अनियमितताओं के आरोपों पर अब कार्रवाई की शुरुआत हो गई है,संचालनालय, पशु चिकित्सा सेवाएं,छत्तीसगढ़ ने विभाग को प्राप्त शिकायतों,समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों तथा कृत्रिम गर्भाधान कार्यों में कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है,समिति को सात दिनों के भीतर विस्तृत तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, विभागीय आदेश के अनुसार जांच केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं रहेगी,बल्कि पिछले चार वर्षों के दौरान क्क्रढ्ढङ्ख कार्यकर्ताओं को किए गए मानदेय भुगतान,कृत्रिम गर्भाधान कार्यों के सत्यापन, रिकॉर्ड संधारण, दवा एवं सामग्री खरीदी,वीर्य स्ट्रॉ के उपयोग और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन तक विस्तारित होगी।
समाचारों में प्रकाशित आरोप भी जांच के दायरे में-संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि कोरिया जिले के उप संचालक कार्यालय से संबंधित विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों तथा शिकायतों में लगाए गए आरोपों की भी बिंदुवार जांच की जाएगी, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच समिति आवश्यक होने पर अन्य तथ्यों का भी स्वतः संज्ञान ले सकेगी।
चार वर्षों के भुगतान और कार्यों की होगी पड़ताल- जांच समिति को वर्ष 2022-23,2023-24,2024-25 एवं 2025-26 के दौरान PAIW कार्यकर्ताओं को किए गए मानदेय भुगतान की वर्षवार सूची तैयार करने, प्रत्येक भुगतान के आधार का परीक्षण करने तथा प्रत्येक कार्यकर्ता द्वारा किए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं, इसके साथ ही यह भी जांच होगी कि कृत्रिम गर्भाधान का सत्यापन किस पशु चिकित्सक द्वारा, किस तिथि को और किस प्रक्रिया के तहत किया गया। लंबित मानदेय, भुगतान स्वीकृति, नोटशीट और अन्य अभिलेखों का भी परीक्षण किया जाएगा।
वीर्य स्ट्रॉ, बछड़ा उत्पादन और दवा खरीदी भी जांच के घेरे में- जांच समिति को निर्देशित किया गया है कि पिछले चार वर्षों में उपलब्ध कराए गए हिमीकृत वीर्य स्ट्रॉ,उनके उपयोग,उपलब्धता के विरुद्ध उपभोग तथा विभागीय मानकों के अनुरूप बछड़ा उत्पादन की समीक्षा की जाए,इसके अलावा पिछले दो वर्षों में कोटेशन के माध्यम से खरीदी गई दवाइयों,टीकों एवं अन्य सामग्री की खरीद प्रक्रिया का भी परीक्षण किया जाएगा।
कागजों में बछड़े वाले आरोपों की भी होगी जांच…
आदेश में समाचार पत्रों में प्रकाशित उन आरोपों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें उन्नत नस्ल के बछड़ों को केवल कागजों में दर्शाकर लाखों रुपये के भुगतान में अनियमितता किए जाने की बात कही गई थी। जांच समिति को इन आरोपों की भी तथ्यात्मक जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच…
संचालनालय द्वारा गठित जांच समिति में पशु चिकित्सा सेवाओं एवं लेखा शाखा के अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति आवश्यकतानुसार संबंधित अधिकारियों एवं अभिलेखों का परीक्षण कर स्वतंत्र रूप से जांच करेगी और स्पष्ट अभिमत सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
सात दिन में रिपोर्ट,फिर तय होगी कार्रवाई…
संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं ने जांच समिति को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में यदि शिकायतों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
अब सबकी निगाह जांच रिपोर्ट पर…
पशुपालन विभाग में शुरू हुई इस उच्चस्तरीय जांच को जिले के हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण विभागीय जांच माना जा रहा है, अब सभी की निगाह जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है,जिससे यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों और समाचारों में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और विभाग दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है।


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