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कोरिया/सोनहत@ नौगई तिहरे हत्याकांड पर भूपेश बघेल का बड़ा हमला,बोले— यह सामान्य विवाद नहीं, सुनियोजित नृशंस हत्या

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  • नौगई पहुंचे भूपेश बघेल, पीड़ित परिवारों से मिले, सीबीआई जांच और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
  • तीन लोगों को जिंदा जलाना सामान्य घटना नहीं— नौगई में भूपेश बघेल ने उठाए जांच पर सवाल
  • नौगई हत्याकांड में राजनीतिक संरक्षण का आरोप,भूपेश बोले— सच्चाई सामने लाने सीबीआई जांच जरूरी
  • पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे भूपेश बघेल, कहा— न्याय मिलने तक लड़ाई में साथ रहूंगा
  • नौगई हत्याकांड: पुलिस, राजनीति और संरक्षण पर उठे सवाल, भूपेश बघेल ने मांगी निष्पक्ष जांच
  • नौगई में न्याय की मांग के बीच भूपेश का सरकार पर वार, बोले— संरक्षण के बिना इतनी नृशंसता संभव नहीं
  • हम न्याय चाहते हैं— नौगई के पीड़ित परिवारों का दर्द सुन भावुक हुए भूपेश बघेल
  • नौगई तिहरे हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एंट्री
  • सीबीआई जांच, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को लेकर उठाए बड़े सवाल


-रवि सिंह-
कोरिया/सोनहत,24 जून 2026(घटती-घटना)।
कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र अंतर्गत नौगई गांव में 16 और 17 जून की दरमियानी रात हुए तिहरे हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गरमाती जा रही है,इसी क्रम में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पीडि़त परिवारों से मिलने नौगई पहुंचे,उन्होंने मृतकों के घर पहुंचकर उनके छायाचित्रों पर पुष्प अर्पित किए,श्रद्धांजलि दी और परिजनों से लंबी चर्चा कर घटना से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।
मुलाकात के दौरान का माहौल बेहद भावुक रहा,परिजनों ने रोते-बिलखते हुए घटना की पूरी आपबीती पूर्व मुख्यमंत्री को बताई। कई परिजन न्याय व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी आशंकाएं भी व्यक्त करते नजर आए, भूपेश बघेल ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी लड़ाई केवल एक परिवार की नहीं बल्कि न्याय की लड़ाई है और वह इस मुद्दे को हर मंच पर उठाएंगे। पीडि़त परिवारों से मिलने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों और परिजनों के बयानों को देखने-सुनने के बाद यह घटना किसी सामान्य झगड़े या आपसी विवाद का परिणाम नहीं लगती,उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को जिंदा जलाकर मार देना अत्यंत नृशंस और अमानवीय कृत्य है, इस तरह की घटना समाज को झकझोर देने वाली है और इसकी जांच भी उसी गंभीरता के साथ होनी चाहिए,उन्होंने कहा कि एक सामान्य व्यक्ति भी घटना की परिस्थितियों को देखकर कई सवाल खड़े कर सकता है, लेकिन यदि जांच एजेंसियां उन सवालों को नजरअंदाज करें तो स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा होता है।
विधानसभा से सड़क तक लड़ाई लड़ने का संकेत
भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे, उन्होंने कहा कि यह केवल एक गांव या एक परिवार का मामला नहीं बल्कि कानून व्यवस्था और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न है, उन्होंने कहा कि जब तक पीडि़त परिवारों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक इस मामले को लेकर आवाज उठती रहेगी।
परिजनों ने कहा—न्याय नहीं मिला तो करेंगे बड़ा आंदोलन
पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पीडि़त परिवारों ने अपनी पीड़ा खुलकर रखी, कई परिजनों ने कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर भय है और उन्हें आशंका है कि कहीं मामले को कमजोर करने का प्रयास न हो, परिजनों ने कहा कि यदि उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिला तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, कुछ परिजनों ने सामूहिक आत्मदाह जैसी चेतावनी तक दे डाली, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए, पूर्व मुख्यमंत्री ने परिजनों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि न्याय के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ी जानी चाहिए।
अब क्या?
नौगई तिहरे हत्याकांड में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है,लेकिन घटना की भयावहता,राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप,पुलिस जांच पर उठते सवाल और पीडि़त परिवारों की नाराजगी ने इस मामले को प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में ला खड़ा किया है,पूर्व मुख्यमंत्री की नौगई यात्रा के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक एवं सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है, अब देखना होगा कि सरकार,पुलिस प्रशासन और जांच एजेंसियां उठ रहे सवालों का जवाब किस प्रकार देती हैं और पीडि़त परिवारों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।
सीबीआई जांच की मांग को बताया उचित
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडि़त परिवार जिस प्रकार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं,वह पूरी तरह उचित है,उन्होंने कहा कि जब किसी मामले में राजनीतिक संरक्षण,प्रभावशाली लोगों की भूमिका और जांच को प्रभावित करने जैसे आरोप सामने आते हैं,तब निष्पक्षता बनाए रखने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी हो जाता है,उन्होंने कहा कि इस मामले में सीबीआई जांच से ही लोगों का विश्वास बहाल हो सकेगा और यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे तथा किन लोगों की भूमिका रही।
जिम्मेदारी तय होनी चाहिए…
भूपेश बघेल ने कहा कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है,यह भी देखना आवश्यक है कि घटना से पहले और बाद में पुलिस तथा प्रशासन की भूमिका क्या रही,उन्होंने मांग की कि घटना के समय जिले में जिम्मेदारी संभाल रहे तत्कालीन पुलिस अधीक्षक और स्थानीय थाना प्रभारी की भूमिका की भी समीक्षा की जाए,यदि कहीं लापरवाही या पक्षपात सामने आता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए,उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में जवाबदेही तय किए बिना न्याय की प्रक्रिया अधूरी रहती है।
पुलिस जांच पर उठाए कई सवाल…
पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर प्रश्न उठाए,उन्होंने कहा कि घटना के शुरुआती दौर में पुलिस की ओर से अलग-अलग तरह की बातें सामने आईं, कभी घटना के कारणों को लेकर अलग संकेत मिले तो बाद में दूसरी बातें सामने आईं,उन्होंने कहा कि यदि जांच की दिशा स्पष्ट और तथ्यपरक होती तो इतने विरोधाभास सामने नहीं आते,यही कारण है कि लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है,उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा एक पक्ष के वाहनों की जांच किए जाने और दूसरे पक्ष को लेकर समान गंभीरता दिखाई गई या नहीं,यह भी जांच का विषय होना चाहिए।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ पर भी सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है, उन्होंने पूछा कि जिन लोगों की गिरफ्तारी बाद में हुई, उनसे विस्तृत पूछताछ और रिमांड की आवश्यकता क्यों महसूस नहीं की गई? यदि किसी बड़ी साजिश की आशंका है तो आरोपियों से गहन पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाना चाहिए था, उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को जल्दबाजी से बचते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच करनी चाहिए।
स्थानीय विधायक को लेकर भी उठी नाराजगी…
घटना के दौरान और बाद में स्थानीय विधायक की भूमिका को लेकर भी चर्चा होती रही है,पूर्व मुख्यमंत्री के सामने परिजनों ने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की,परिजनों ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद उन्हें अपेक्षित संवेदना और सहयोग नहीं मिला,उन्होंने स्थानीय विधायक की भूमिका और कथित प्रभाव को लेकर भी जांच की मांग की, भूपेश बघेल ने कहा कि जनता के बीच जो सवाल उठ रहे हैं,उनका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए,उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि का पहला दायित्व पीडि़त परिवारों के बीच पहुंचकर उनका दुख साझा करना होता है।
घटना में राजनीतिक षड्यंत्र के आरोप गंभीर
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना को लेकर राजनीतिक षड्यंत्र और संरक्षण जैसे आरोप भी सामने आ रहे हैं, उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता, उन्होंने कहा कि यदि किसी अपराध के पीछे राजनीतिक प्रभाव या संरक्षण की बात कही जा रही है तो उसकी स्वतंत्र जांच होना और भी जरूरी हो जाता है, उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच ही इन आरोपों की सच्चाई सामने ला सकती है।


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