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अम्बिकापुर@370 करोड़ खर्च,बंगले-हॉस्टल बन गए…लेकिन अस्पताल अधूरा मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट पर भाजपा नेता कैलाश मिश्रा के सवाल

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  • 8 साल बाद भी अस्पताल भवन अधूरा,आखिर देरी का
  • जिम्मेदार कौन? सोशल मीडिया वीडियो जारी कर उठाए सवाल…


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,10 जून 2026 (घटती-घटना)। मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन निर्माण में हो रही देरी को लेकर समाजसेवी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश मिश्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए पूछा है कि आखिर करोड़ों रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अस्पताल भवन का निर्माण वर्षों बाद भी अधूरा क्यों है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। कैलाश मिश्रा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज परियोजना के लिए लगभग 370 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। परियोजना की मूल प्राथमिकता मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए कॉलेज एवं अस्पताल भवन का निर्माण होना चाहिए था, लेकिन इसके विपरीत डीन और अधीक्षक के बंगले, ऑडिटोरियम, छात्र-छात्राओं के हॉस्टल तथा कर्मचारियों के विभिन्न आवास पहले तैयार हो गए, जबकि सबसे महत्वपूर्ण अस्पताल भवन का निर्माण अधूरा रह गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल भवन का निर्माण पिछले चार वर्षों से बंद पड़ा है और पूरी परियोजना को शुरू हुए करीब आठ वर्ष बीत चुके हैं। उनके अनुसार उस समय प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रहे टी.एस. सिंहदेव को परियोजना की प्राथमिकताओं पर ध्यान देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री पर साधा निशाना : श्री मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए टी.एस. सिंहदेव को अस्पताल निर्माण कार्य समय पर पूरा कराने और शेष कार्यों के लिए वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब विधायक नहीं रहने के बाद वे मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को राशि उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिख रहे हैं, जबकि यह काम उनके मंत्री रहते होना चाहिए था।
मौजूदा सरकार
से भी जवाब मांगा…

भाजपा नेता ने केवल पूर्व सरकार ही नहीं बल्कि वर्तमान व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विधायक एवं मंत्री राजेश अग्रवाल के कार्यकाल को भी ढाई वर्ष होने जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने दावा किया कि 21 जनवरी 2026 को अस्पताल भवन के शेष निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और रायपुर की एक कंपनी की लगभग 103.16 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली भी सामने आ चुकी है। इसके बावजूद पांच महीने बाद भी कार्यादेश जारी नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
अंबिकापुर को मिलना चाहिए आधुनिक अस्पताल
कैलाश मिश्रा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल केवल एक भवन नहीं बल्कि पूरे सरगुजा संभाग की स्वास्थ्य सेवाओं का आधार है। इसके अधूरा रहने से मरीजों, मेडिकल छात्रों और क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नुकसान हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अस्पताल भवन निर्माण कार्य शुरू कराएगी ताकि वर्षों से लंबित यह परियोजना पूरी हो सके और अंबिकापुर को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।


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