साहित्य और सरगुजिहा भाषा के क्षेत्र में योगदान के लिए मिला सम्मान
अंबिकापुर,30 मई 2026 (घटती-घटना)। हिंदी एवं सरगुजिहा भाषा के वरिष्ठ कवि सुरेश प्रसाद जायसवाल निश्छल को काशी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा विद्या वाचस्पति का मानद सम्मान प्रदान किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से साहित्य प्रेमियों और जिले के साहित्यिक जगत में खुशी का माहौल है। इसके अलावा हाल ही में मैहर में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में उन्हें कहानिका मां शारदा काव्य महारथी सम्मान से भी सम्मानित किया गया। वहीं बहुभाषी काव्य संग्रह उम्मीदों के शिखर पर का सरगुजिहा भाषा में अनुवाद करने के लिए आत्मसृजन प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। सुरेश जायसवाल की अब तक 27 पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है। उनकी प्रमुख कृतियों में हिंदी और सरगुजिहा भाषा के अनेक काव्य संग्रह, दोहा संग्रह तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर आधारित रचनाएं शामिल हैं। वे लंबे समय से साहित्य सृजन में सक्रिय हैं तथा तुलसी साहित्य समिति के संरक्षक के रूप में भी साहित्यिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur