अम्बिकापुर,30 मई 2026 (घटती-घटना)। खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले कृषि विभाग ने जिले में खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने का दावा किया है। विभाग के अनुसार किसानों को इस वर्ष उर्वरकों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा, हालांकि पिछले वर्षों में बुवाई के दौरान कई क्षेत्रों से खाद की कमी और वितरण में अव्यवस्था की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में विभाग के दावों की वास्तविक परीक्षा आगामी दिनों में होगी।
उपसंचालक कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में खरीफ सीजन के लिए 8030.80 मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में 3835.20 मीट्रिक टन खाद का भंडारण उपलब्ध बताया गया है। वहीं अब तक 1158.20 मीट्रिक टन खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है तथा 2677.00 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक शेष है।
विभाग का कहना है कि खरीफ फसलों की बुवाई को ध्यान में रखते हुए खाद एवं बीज की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विक्रय केन्द्रों का नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि कागजों पर उपलब्धता और किसानों तक समय पर पहुंचने वाली खाद में कितना सामंजस्य रहेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर यह शिकायत सामने आती है कि सीजन के चरम समय में सहकारी समितियों और विक्रय केन्द्रों पर किसानों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ता है। कई बार निर्धारित मात्रा में खाद नहीं मिलने और निजी विक्रेताओं से अधिक कीमत पर खरीदने की मजबूरी भी किसानों के सामने खड़ी हो जाती है।
ऐसे में कृषि विभाग के दावे तभी सार्थक साबित होंगे जब खरीफ बुवाई के दौरान जिले के किसानों को बिना भटकाव, बिना कालाबाजारी और बिना कृत्रिम संकट के समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध हो सके। फिलहाल विभाग आश्वस्त नजर आ रहा है, लेकिन किसानों की नजर अब जमीनी व्यवस्था पर टिकी हुई है।
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