पानी, सड़क और सफाई संकट पर इण्टक व लोकमंच का निगम प्रशासन पर तीखा हमला
चिरमिरी में मूलभूत सुविधाओं का संकट गहराया
चिरमिरी,29 मई 2026(घटती-घटना)। चिरमिरी शहर में पानी,बिजली,सड़क और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर जनता की परेशानी अब खुलकर सामने आने लगी है, शहर के कई क्षेत्रों में हालात ऐसे हैं मानो नगर निगम और प्रशासन ने जिम्मेदारियों से हाथ खड़े कर दिए हों, जगह-जगह टूटी सड़कें,गड्ढों में तब्दील मार्ग,पेयजल संकट और सफाई व्यवस्था की बदहाली को लेकर कांग्रेस समर्थित श्रमिक संगठन साऊथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (इण्टक) और सामाजिक संगठन लोकमंच ने नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
जनता परेशान,अधिकारी प्रस्ताव बनाने में व्यस्त
संगठनों का आरोप है कि शहर की समस्याओं से नगर निगम के अधिकारी भलीभांति परिचित हैं,लेकिन समाधान के बजाय वे केवल प्रस्ताव भेजने और स्वीकृति आने की औपचारिक दलील देकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं,गोदरीपारा और हल्दीबाड़ी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या को लेकर जनता को धरना देने तक की नौबत आ चुकी है,संगठनों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले यदि सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो हालात और भयावह हो जाएंगे।
38 सूत्रीय मांगपत्र से निगम प्रशासन पर दबाव
इण्टक अध्यक्ष अब्दुल सलीम और लोकमंच अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर के. डोमरू रेड्डी ने नगर निगम आयुक्त रामप्रसाद आंचला को 38 बिंदुओं का विस्तृत ज्ञापन सौंपा था, मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं होने के बाद अब स्मरण पत्र देकर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, संगठनों ने स्पष्ट कहा है कि यदि समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो नगर निगम की हठधर्मिता के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन फेल,जनता बेहाल
संगठनों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की लापरवाही के कारण स्वच्छ भारत मिशन की स्थिति शहर में बदहाल हो चुकी है,कई क्षेत्रों में नियमित सफाई नहीं हो रही, सार्वजनिक शौचालय बदहाल हैं और सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं,व्यंग्यात्मक अंदाज में लोगों का कहना है कि शहर में विकास के बोर्ड जरूर दिखते हैं, लेकिन जमीन पर जनता को गड्ढे,गंदगी और पानी संकट ही दिखाई देता है।
आंदोलन की चेतावनी
इण्टक और लोकमंच ने कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजते हुए प्रशासन को आगाह किया है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा, अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर निगम प्रशासन इन मांगों को गंभीरता से लेकर समाधान की दिशा में कदम उठाता है या फिर चिरमिरी की जनता को एक और बरसात टूटी सड़कों और अधूरी सुविधाओं के बीच गुजारनी पड़ेगी।
सिर्फ सड़क-पानी नहीं, कर्मचारियों और व्यवस्थाओं का मुद्दा भी उठाया
ज्ञापन में केवल मूलभूत सुविधाओं ही नहीं,बल्कि निगम की कार्यप्रणाली और कथित अव्यवस्थाओं को भी प्रमुखता से उठाया गया है,संगठनों ने ठेका कर्मचारियों के नियमित वेतन भुगतान,बीमा सुविधा,मृत कर्मचारी बाबूलाल के परिजनों को बीमा राशि देने,पीलिया से मृत लोगों के परिवारों को मुआवजा देने तथा फायर स्टेशन में बेकार पड़ी खरीदी गई सामग्रियों की जांच की मांग की है,इसके अलावा शहर की सिटी बस सेवा,एम्बुलेंस, शव वाहन व्यवस्था,पानी टंकियों की सफाई,सार्वजनिक शौचालयों की दुर्दशा,मुक्तिधाम में लकड़ी की व्यवस्था और सड़क सुरक्षा संसाधनों की खराब स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं।
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