पेट्रोल 2.61 और डीजल 2.71 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा
नई दिल्ली,25 मई 2026 । देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम जनता और खासकर मध्यम वर्ग की परेशानियां बढ़ गई हैं। बता दें कि पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों, यात्रियों और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। लेकिन अब,राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। इससे पहले, 23 मई को कीमतों में बढ़ोतरी करते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतें 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमतें 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई थी।
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के बीच पिछले 10 दिन में ईंधन की दरों में यह चौथी बढ़ोतरी है। 15 मई को ही सरकारी तेल कंपनियों ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण बढ़ी हुई ऊर्जा कीमतों का बोझ धीरे-धीरे ग्राहकों पर डालना शुरू किया था

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को बताया…महंगाई मानव मोदी कहा- अभी और बढ़ेगा पेट्रोल-डीजल का दाम
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में चौथी बार हुई बढ़ोतरी के बाद एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। उन्होंने एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी को महंगाई मानव मोदी बताया और कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम किश्तों में बढ़ाए जा रहे हैं,ताकि लोगों की जेब चुपके-चुपके कटती रहे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल ने कहा कि अभी दाम बढऩे का सिलसिला जारी रहेगा। राहुल ने एक्स पर लिखा, महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला। पेट्रोल-डीजल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं-ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे। मैं महीनों से आर्थिक तूफान आने की बात कह रहा था। पर मोदीजी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल 8 रुपये महंगा कर दिया। ये बढ़त होती जाएगी। महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है- चुनाव में वादे, और बाकी समय जनता की जेब पर वार। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार 25 मई को फिर बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिन से भी कम समय में यह चौथी बार है, जब तेल कंपनियों ने रेट बढ़ाए हैं। इस बार पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है।
15 मई से अब तक पेट्रोल-डीजल करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। इससे आम लोगों की जेब पर दबाव और बढ़ गया है।

कांग्रेस बोली…संकट के समय जनता को राहत नहीं दे रही सरकार
कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और तेल कंपनियों के मुनाफे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क के जरिए जनता से 43 लाख करोड़ रुपये वसूले, लेकिन आर्थिक संकट के समय लोगों को राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियों के संयुक्त शुद्ध लाभ में चौथी तिमाही में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रागिनी नायक ने सोमवार को यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हाल की चुनावी रैलियों में कह रहे थे कि देश में तेल का कोई संकट नहीं है और महंगाई नहीं बढ़ेगी। गृहमंत्री अमित शाह और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी यही कह रहे थे कि देश के तेल भंडार पर्याप्त हैं और किसी प्रकार का संकट नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि यदि स्थिति सामान्य थी तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार क्यों बढ़ाए जा रहे हैं।पिछले 11 दिनों में पेट्रोल की कीमत में आठ रुपये और डीजल में 7.80 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क के जरिए जनता से 43 लाख करोड़ रुपये की वसूली की, लेकिन आर्थिक संकट के समय लोगों को राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस वैश्विक संकट का हवाला सरकार दे रही है, उसी दौरान इन कंपनियों का संयुक्त लाभ 19,470 करोड़ रुपये रहा। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बावजूद पेट्रोल 71 रुपये और डीजल 50 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था तथा उस समय उत्पाद शुल्क में वृद्धि नहीं की गई थी।उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में उत्पाद शुल्क 33 रुपये तक पहुंच गया। रागिनी नायक ने विदेश नीति, ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। होर्मुज जलडमरूमध्य में अब भी 13 जहाज फंसे हुए हैं और देश में तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने पूछा कि सरकार इन परिस्थितियों से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है। उल्लेखनीय है कि बीते एक महीने में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की कीमतों में लगातार चार बार बढ़ोतरी हुई है। 25 मई को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। इससे पहले 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। 18 मई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी तथा सीएनजी एक रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी। वहीं 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम तीन-तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे और सीएनजी दो रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी। इससे पहले 01 मई को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 3,071.50 रुपये हो गई थी।


पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई पर खरगे केजरीवाल ने सरकार पर उठाए सवाल
देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में पिछले एक महीने से भी कम समय में चार बार बढ़ोतरी होने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। दोनों नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से जनता का जीवन कठिन हो गया है और सरकार के पास इसे रोकने का कोई ठोस उपाय नहीं है। खरगे ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि सरकार के पास कोई विजन नहीं है और वह गरीबों तथा युवाओं की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। यूपीए सरकार के समय जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बहुत बढ़ी थीं तब भी सब्सिडी देकर जनता को राहत दी गई थी लेकिन आज सरकार कभी 90 पैसे, कभी एक रुपये और कभी दो रुपये की बढ़ोतरी कर रही है, जिससे साफ है कि उनकी अर्थव्यवस्था संभल नहीं रही है। बेरोजगारी और महंगाई से लोग त्रस्त हैं,गरीबों के लिए रोजमर्रा की जरूरी चीजें महंगी हो गई हैं, बच्चों की फीस और शिक्षा का खर्च बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को अपने दोस्तों को बेच रही है और रोजगार के अवसर खत्म कर रही है। खरगे ने कहा कि आज जनता दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ बेरोजगारी और दूसरी तरफ महंगाई।गरीबों के लिए रोजमर्रा की जरूरी चीजें जैसे दूध, सब्जियां, कपड़े, किताबें और बच्चों की फीस तक महंगी हो गई हैं। आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि केंद्र सरकार ने आज भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में औसतन ढाई-ढाई रुपये की बढ़ोतरी की है। पिछले कुछ दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है और अब तक कीमतें आठ रुपये तक बढ़ चुकी हैं। जब रूस और ईरान भारत को सस्ता और पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस देने को तैयार हैं, तो सरकार उनसे क्यों नहीं खरीद रही है। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले उन्होंने देशवासियों से पूछा था कि क्या हमें रूस और ईरान से तेल और गैस खरीदना चाहिए, जिस पर लगभग 97 प्रतिशत लोगों ने समर्थन किया। जब जनता मांग कर रही है और विकल्प मौजूद हैं, तो प्रधानमंत्री की मजबूरी क्या है कि वह इन देशों से तेल और गैस नहीं खरीद रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोग लगातार महंगाई का बोझ झेल रहे हैं और सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। जब सस्ते विकल्प मौजूद हैं, तो सरकार को जनता को राहत देने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए।
उल्लेखनीय है कि बीते एक महीने में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की कीमतों में लगातार चार बार बढ़ोतरी हुई है। 25 मई को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। इससे पहले 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। 18 मई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी तथा सीएनजी एक रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी। वहीं 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम तीन-तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे और सीएनजी दो रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी। इससे पहले 01 मई को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 3,071.50 रुपये हो गई थी।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur