सवालों के घेरे में आबकारी विभाग की निष्कि्रयता
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,24 मई 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा संभाग में अवैध शराब और गांजा तस्करी को लेकर लगातार उठते सवालों के बीच एक बार फिर आबकारी विभाग चर्चा में है। वजह बने हैं सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता,जो लंबे समय बाद अचानक एक बड़ी कार्रवाई के साथ सक्रिय नजर आए। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने शनिवार को सीतापुर थाना क्षेत्र के जजगा पुलिया के पास 22.600 किलो गांजा जब्त कर उड़ीसा से जुड़े एक दंपति को गिरफ्तार किया। जब्ती की अनुमानित कीमत करीब साढ़े चार लाख रुपये बताई जा रही है।
लेकिन इस कार्रवाई के बाद शहर और विभागीय गलियारों में एक अलग चर्चा भी शुरू हो गई है — क्या सरगुजा आबकारी विभाग सिर्फ दिखावटी कार्रवाइयों तक सीमित हो गया है? और क्या रंजीत गुप्ता की सक्रियता के बिना विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यशैली सुस्त पड़ जाती है?
उड़ीसा से छत्तीसगढ़ तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया कि रूपनाथ यादव मूलतः बंदना,थाना सीतापुर का निवासी है, जबकि उसकी पत्नी इच्छा यादव उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के किंजीर कला थाना क्षेत्र की रहने वाली है। दोनों फिलहाल उड़ीसा में रह रहे थे और वहां से गांजा लाकर छत्तीसगढ़ में सप्लाई करने की तैयारी में थे। आबकारी विभाग ने दोनों के कब्जे से कुल 22.600 किलो गांजा जब्त किया। आवश्यक कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
लंबे समय से उठ रहे थे सवाल
सरगुजा संभाग लंबे समय से उड़ीसा से होने वाली गांजा तस्करी का बड़ा ट्रांजिट रूट माना जाता रहा है। बावजूद इसके आबकारी विभाग की ओर से लगातार प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग केवल औपचारिक गश्त और छोटी-मोटी कार्रवाई तक सीमित था, जबकि बड़े नेटवर्क लगातार सक्रिय रहे। ऐसे में अचानक हुई इस कार्रवाई ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि जब विभाग चाहे तो तस्करों तक पहुंच सकता है, फिर लंबे समय तक कार्रवाई ठप जैसी स्थिति क्यों बनी रहती है?
जजगा पुलिया के पास पकड़ा गया दंपति
जानकारी के अनुसार आबकारी उड़नदस्ता टीम बंदना और आसपास के क्षेत्रों में गश्त पर थी। इसी दौरान वंदना मेन रोड से मैनपाट जाने वाले मार्ग पर जजगा पुलिया के पास टीवीएस जूपिटर स्कूटर में सवार एक पुरुष और महिला दो बोरियों के साथ संदिग्ध हालत में दिखाई दिए। टीम ने जब दोनों को रोककर पूछताछ की तो वे घबरा गए। तलाशी लेने पर बोरियों में गांजा भरा मिला। पूछताछ में पुरुष ने अपना नाम रूपनाथ यादव और महिला ने इच्छा यादव बताया।
कार्रवाई के बाद फिर उठे विभागीय सवाल
इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। चर्चा है कि जब रंजीत गुप्ता मैदान में सक्रिय रहते हैं तो विभाग में चुस्ती दिखाई देती है, लेकिन उनके निष्कि्रय रहने के दौरान विभागीय अमला भी सुस्त पड़ जाता है। लोगों का कहना है कि सरगुजा जैसे सीमावर्ती संभाग में जहां उड़ीसा से लगातार गांजा तस्करी की शिकायतें सामने आती रही हैं, वहां आबकारी विभाग को नियमित और लगातार अभियान चलाने की जरूरत है, न कि केवल कभी-कभार बड़ी कार्रवाई कर सुर्खियां बटोरने की।
टीम के इन कर्मचारियों की रही भूमिका
कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक रमेश दुबे, प्रधान आरक्षक अशोक सोनी, महिला सैनिक राजकुमारी सिंह और चंद्रावती की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आबकारी विभाग का कहना है कि आगे भी तस्करों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur