- किसानों के हक पर डाका,आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जिल्दा में 68 लाख का खाद घोटाला उजागर
- मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत,समिति प्रबंधक हिरासत में…सुशासन तिहार की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सख्त

-रवि सिंह-
कोरिया/एमसीबी,24 मई 2026 (घटती-घटना)। विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत कोरिया, एमसीबी और सूरजपुर जिलों के विकास कार्यों की संयुक्त समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जनहित के मामलों में लापरवाही नहीं बरतने की सख्त चेतावनी दी,चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों,पेयजल,स्वास्थ्य और आवास योजनाओं की स्थिति की गहन समीक्षा की। विष्णु देव साय की सख्ती के बीच कोरिया जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जिल्दा में बड़ा खाद घोटाला उजागर हुआ है,किसानों के लिए भेजी गई करीब 68 लाख रुपए मूल्य की रासायनिक खाद रिकॉर्ड से गायब मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है,मामले में समिति प्रबंधक अखिलचंद सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, वहीं खाद वितरण में लापरवाही सामने आने पर सहायक पंजीयक सहकारिता आयुष प्रताप सिंह को भी निलंबित कर दिया गया है।
किसान खाद के लिए भटकते रहे, रिकॉर्ड में दिखता रहा पूरा स्टॉक
घोटाले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीण रामप्रताप साहू ने जनसमस्या निवारण शिविर और सुशासन तिहार के दौरान शिकायत दर्ज कराई,शिकायत में बताया गया कि किसान लगातार खाद के लिए परेशान हो रहे थे,लेकिन समिति के रिकॉर्ड में पर्याप्त स्टॉक दर्ज दिखाया जा रहा था, खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को यूरिया,डीएपी और अन्य खाद नहीं मिल पा रही थी,जिससे फसलों पर असर पड़ने लगा, ग्रामीणों का आरोप है कि किसानों को ‘खाद खत्म है’ कहकर लौटाया जाता रहा, जबकि गोदाम के रिकॉर्ड में हजारों बोरी खाद मौजूद दिखाई जाती रही, शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त जांच टीम गठित की।
एफआईआर दर्ज, कई स्थानों पर छापेमारी
मामले में बैकुण्ठपुर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर चुकी है, पुलिस अब गायब खाद की तलाश में संभावित ठिकानों और बिचौलियों के नेटवर्क की जांच कर रही है, कई स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई भी जारी है, सूत्रों के अनुसार जांच का दायरा बढ़ सकता है और सहकारी समिति से जुड़े अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
इतनी बड़ी मात्रा में खाद गायब होने के बाद सहकारी समितियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, किसानों का कहना है कि महीनों तक रिकॉर्ड में पूरा स्टॉक दिखाया जाता रहा, लेकिन जमीन पर किसानों को खाद नहीं मिली, सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर विभागीय निरीक्षण और ऑडिट के दौरान इतनी बड़ी गड़बड़ी पकड़ में क्यों नहीं आई, ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती तो यह घोटाला और लंबे समय तक दबा रहता।
पेयजल संकट से निपटने के निर्देश
गर्मी और पेयजल संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने के निर्देश दिए,आवश्यकता पड़ने पर टैंकर खरीदने और सीमावर्ती जिलों से भी जल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी गांव में पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद तेज हुई कार्रवाई…
हाल ही में चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन में आयोजित सुशासन तिहार समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खाद वितरण में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई थी,उन्होंने स्पष्ट कहा था कि किसानों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी,मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय पर खाद-बीज वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, जिल्दा समिति की शिकायत सामने आने पर उन्होंने सहायक पंजीयक सहकारिता आयुष प्रताप सिंह को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए, साथ ही कलेक्टर कोरिया को अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर…
मुख्यमंत्री ने सड़क,भवन और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया,उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ बिना दबाव के कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
बरसात के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल स्रोतों में क्लोरीन डालने के निर्देश दिए गए, इसके अलावा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
पीएम आवास और रोजगार पर भी समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे कार्यों को समय पर पूरा करने, नॉमिनी संबंधी समस्याओं का निराकरण करने और राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए, मुख्यमंत्री ने कोयला खदानों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और वन विभाग को विकास कार्यों के लिए समय पर क्लीयरेंस देने को भी कहा, बैठक में कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भईया लाल राजवाड़े, कलेक्टर रोक्तिमा यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
– रिकॉर्ड में दर्ज खाद — 431.55 मीट्रिक टन
– गोदाम में उपलब्ध खाद — 184.80 मीट्रिक टन
– गायब खाद — 246.75 मीट्रिक टन
– अनुमानित कीमत — करीब 68 लाख रुपए, जांच रिपोर्ट में बताया गया कि यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी जैसी खाद किसानों के लिए भेजी गई थी, लेकिन आरोप है कि खाद को किसानों तक पहुंचाने के बजाय अवैध तरीके से बिचौलियों को बेच दिया गया।
जांच में खुली घोटाले की परतें
13 मई 2026 को कृषि, सहकारिता और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जिल्दा समिति के गोदाम का भौतिक सत्यापन किया, जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच भारी अंतर सामने आया।
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