जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे
इस्लामाबाद,24 मई 2026। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा में रविवार को एक आत्मघाती हमले में 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि 82 घायल हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हादसा एक रेलवे ट्रैक के नजदीक हुआ, जिसके चपेट में जाफर एक्सप्रेस आ गई। ट्रेन क्वेटा कैंट की ओर जा रही थी। विस्फोट इतना जोरदार था कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाके के बाद रेलवे ट्रैक के पास आग लग गई। फायर ब्रिगेड, पुलिस, रेस्क्यू टीम और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस ने बताया कि विस्फोट के असर से आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और धमाके की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली : बलूचिस्तान सरकार के गृह मामलों के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने लोगों से घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने की अपील की। फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकवादी हमला मानकर जांच कर रही हैं।
जाफर एक्सप्रेस को पहले भी निशाना बनाया गया : जाफर एक्सप्रेस पाकिस्तान रेलवे की एक लंबी दूरी की प्रमुख पैसेंजर ट्रेन है। यह ट्रेन बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा को पाकिस्तान के बड़े शहरों से जोड़ती है। यह बलूचिस्तान समेत कई संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरती है। हाल के सालों में बलूचिस्तान में रेलवे ट्रैक, सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों पर कई बड़े हमले हो चुके हैं। यह ट्रेन जिन इलाकों से गुजरती है वहां बलूच लिबरेशन आर्मी का दबदबा है, इस वजह से इस ट्रेन को कई बार निशाने पर लिया गया है। पिछले साल बलूच लिबरेशन आर्मी ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया। तब बलूच लिबरेशन आर्मी ने 214 पैसेंजर्स को बंधक बनाने और 30 सैनिकों की हत्या की बात कही थी। बलूचिस्तान में कई लोगों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद वे एक आजाद देश के तौर पर रहना चाहते थे। लेकिन बिना उनकी मर्जी से उन्हें पाकिस्तान में शामिल कर दिया गया था। इस वजह से बलूचिस्तान में सेना और लोगों का संघर्ष आज भी जारी है। बीबीसी के मुताबिक बलूचिस्तान में आजादी की मांग करने वाले कई संगठन हैं, लेकिन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी सबसे ताकतवर संगठन है। ये संगठन 70 के दशक में अस्तित्व में आया और 21वीं सदी में इसका प्रभाव बढ़ा है। बलूच लिबरेशन आर्मी बलूचिस्तान को पाकिस्तानी सरकार और चीन से मुक्ति दिलाना चाहता है।
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