Breaking News

नई दिल्ली@पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना बंद करे,उन्हें तय करना होगा कि वे भूगोल का हिस्सा रहना चाहते हैं या इतिहास का : सेना प्रमुख उपेंद्र

Share


नई दिल्ली,16 मई 2026। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि अगर पाकिस्तान लगातार आतंकवादियों को पनाह देता रहा और भारत के खिलाफ आतंकवाद जारी रखा, तो उन्हें खुद यह तय करना होगा कि वे आने वाले समय में भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहते हैं या इतिहास का। दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में ‘सेना संवाद’ कार्यक्रम में फिर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी परिस्थितियां बनने के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह बयान दिया। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान को भारत विरोधी आतंकवादियों को पनाह देना बंद करना होगा।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान की मदद की…
इससे पहले 12 मई को विदेश मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान चीन के पाकिस्तान को समर्थन देने पर कहा कि आतंकवाद की रक्षा करने वाले देशों को दुनिया देख रही है कि वे खुद को किसके साथ जोड़ रहे हैं। उन्हें इस बात पर विचार करना चाहिए कि ऐसे काम से उनकी प्रतिष्ठा पर क्या प्रभाव पड़ता है। मंगलवार को विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन रिपोर्ट्स का जिक्र हुआ,जिनमें चीन ने स्वीकार किया था कि उसने मई 2025 के सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी मदद दी थी। एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बारे में कहा कि हमने ऐसी रिपोर्टें देखी हैं जो इस बात की पुष्टि करती हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए आतंकवादियों पर हमला करता है। पहलगाम में हुए आतंकी हमलों के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए करारा जवाब दिया है। यह एक सोची-समझी कार्रवाई थी, जिसका मकसद पाकिस्तान की मदद से चल रहे आतंकी अड्डों को पूरी तरह खत्म करना था। हाल ही में 7 मई को भारत ने ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ मनाई है। ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 भारतीय नागरिकों की हत्या कर दी गई थी।
चीनी इंजीनियर ने माना…विमानों को टेक्निकली तैयार किया
चीन ने शनिवार को पहली बार सार्वजनिक तौर पर माना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने पाकिस्तान को मदद दी थी। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सरकारी मीडिया सीसीटीवी पर प्रसारित इंटरव्यू में चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने कहा कि उनकी टीम पाकिस्तान में तकनीकी सहायता दे रही थी। उन्होंने बताया कि उनका काम लड़ाकू विमानों और उनसे जुड़े सिस्टम को पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार रखना था। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान एयरफोर्स चीन में बने जे-10सीई लड़ाकू विमान इस्तेमाल करती है। ये विमान ्रङ्कढ्ढष्ट की सहायक कंपनी बनाती है। भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह जुलाई 2025 में दावा कर चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को महत्वपूर्ण सहायता दी थी।


Share

Check Also

नई दिल्ली@पेपर लीक से ध्वस्त हो रही शिक्षा व्यवस्था युवाओं का भविष्य संकट में : पवन खेड़ा

Share नई दिल्ली,01 जून 2026। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने …

Leave a Reply