खाद्य अधिकारी-व्यापारी भी गिरफ्तार,ठाकुर पेट्रोकेमिकल ने 1.5 करोड़ की गैस निकालकर बेची थी…
महासमुंद,09 मई 2026। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स कंपनी के मालिक ने 1.5 करोड़ रुपए की एलपीजी गैस चुराई। दिसंबर 2025 में पुलिस ने 90 मीट्रिक टन एलपीजी ले जा रही 6 गैस कैप्सूल गाडि़यों को जब्त किया था। लीगल डॉक्यूमेंट नहीं होने के कारण सभी गाडि़यां थाने में खड़ी कर दी गई। अब पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों अजय यादव (जिला खाद्य अधिकारी), मनीष चौधरी (व्यापारी) और पंकज चंद्राकर (एजेंसी संचालक) को गिरफ्तार कर लिया है। पंकज पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर के बड़े भाई धन्नजय चंद्राकर का दामाद है। ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।
प्लानिंग के साथ 6 गैस
कैप्सूल किए ‘हैंडओवर’
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि, खाद्य अधिकारी अजय यादव, व्यापारी मनीष चौधरी और गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर ने एक सोची-समझी साजिश रची थी। इन्होंने गैस से भरे 6 बड़े कैप्सूल (टैंकर) को सीधे अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल को सौंप दिया। बाजार में इस गैस की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है। बता दें कि गौरव गैस एजेंसी भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर के बड़े भाई धन्नजय चंद्राकर का है। पंकज चंद्राकर धनंजय चंद्राकर का दामाद है।
जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2025 में सिंघोड़ा थाना पुलिस ने 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रक जब्त किए गए थे। थाने में किसी भी हादसे के खतरा देखते हुए, इन ट्रकों को सुरक्षित जगह पर रखने के लिए महासमुंद पुलिस ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजा। इसके बाद कलेक्टर ने खाद्य विभाग को ट्रकों को सुरक्षित जगह पर रखने के निर्देश दिए। इसी आदेश के तहत 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग की टीम ने ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर से संपर्क किया और 6 कैप्सूल ट्रक सुरक्षित रखने के लिए कहा। खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे, खाद्य अधिकारी हरिश सोनेश्वरी और मनीष चौधरी की मौजूदगी में संतोष ठाकुर को ये 6 कैप्सूल ट्रक सुरक्षित रखने के लिए सौंप दिए। संतोष अपने स्टाफ की मदद से सभी गाडि़यां सिंघोड़ा थाना से रायपुर के अभनपुर के ग्राम उरला स्थित अपने प्लांट ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स ले गया।
ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक फरार
पुलिस को इस पूरे खेल में अभनपुर के ठाकुर पेट्रोकेमिकल के संचालकों की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले हैं। हालांकि, पुलिस की दबिश से पहले ही फर्म के मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार हो गए हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
कंपनी के मालिक ने गैस बेचने की प्लानिंग की…
हैंडओवर के समय या उसके तुरंत बाद कैप्सूल ट्रकों का वजन नहीं कराया गया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर मालिक संतोष ठाकुर (56), डायरेक्टर सार्थक ठाकुर ने गैस को अवैध रूप से बेचने की प्लानिंग की। सिंघोड़ा से अभनपुर तक लगभग 200 किलोमीटर के रास्ते में 15 से ज्यादा धर्मकांटे (वजन करने की जगह) होने के बावजूद कहीं भी वजन नहीं कराया गया। सभी 6 कैप्सूल ट्रकों को प्लांट से करीब 200 मीटर दूर पार्किंग में खड़ा कर दिया गया। इसके बाद 5 गाडि़यों का वजन 6 अप्रैल को और 1 गाड़ी का वजन 8 अप्रैल को कराया गया।
8 दिनों में प्लांट के बुलेट टैंकों में खाली किया गैस
इन 8 दिनों में एक-एक कर कैप्सूल ट्रकों को प्लांट के अंदर मौजूद बुलेट टैंकों में खाली किया गया। जब वे टैंक भी भर गए तो गैस को कंपनी के मालिकाना और वहां चल रहे दो निजी टैंकरों में भर दिया गया। इसके बावजूद चोरी की गई गैस बची रह गई, जो तय क्षमता से ज्यादा थी। इसके बाद रायपुर की अलग-अलग एजेंसियों और प्लांटों को करीब 4 से 6 टन गैस बिना पक्के बिल के, सिर्फ कच्चे चालान पर भेजी गई। वजन में देरी का मुख्य कारण यह रहा कि कैप्सूल ट्रकों को समय पर खाली नहीं किया गया और प्लांट में एक साथ 6 कैप्सूल खाली करने की कैपेसिटी भी नहीं थी। इसके बाद कंपनी मालिक ने प्रशासन को बताया कि सभी एलपीजी कैप्सूल ट्रक खाली हैं। इसके बाद जब पुलिस ने मामले की जांच की तो पूरा घोटाला सामने आया।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur