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अम्बिकापुर@बंगाल-असम चुनाव के बाद प्रदेश सरकार पर राकेश तिवारी का तंज

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‘अब प्रदेश की कानून व्यवस्था और सड़कों पर भी ध्यान दीजिए,जनता रील नहीं काम देखना चाहती’


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,07 मई 2026 (घटती-घटना)। राजनीतिक विश्लेषक एवं समाजसेवी Rakesh Tiwari ने पश्चिम बंगाल और असम चुनाव को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्रियों पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपने बयान में कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश के मंत्री‘खाना-पीना छोड़कर’प्रचंड गर्मी में प्रचार करने में जुटे रहे और उसी मेहनत का परिणाम चुनावी जीत के रूप में सामने आया। राकेश तिवारी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि प्रदेश के कुछ मंत्रियों को असम की 14 सीटों की जिम्मेदारी मिली थी,जबकि कुछ को पूरे बंगाल का दायित्व सौंपा गया था। उन्होंने कहा कि मंत्रियों ने‘भयंकर मेहनत’कर चुनाव प्रबंधन का ऐसा प्रदर्शन किया मानो उसकी पताका पूरी सृष्टि में लहरा दी गई हो। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की मौजूदा स्थिति पर भी सवाल उठाए। तिवारी ने कहा कि अब चुनाव और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था और जर्जर सड़कों की ओर भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा,जल्द ही यहां भी चुनाव होंगे और वोटर हम आम नागरिक ही होंगे। ऐसे में जनता की मूल समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जनता रीलों से उकता गई : राकेश तिवारी ने नेताओं की सोशल मीडिया सक्रियता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल रील और प्रचारात्मक वीडियो देखकर थक चुकी है। उन्होंने नेताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि धरातल पर कोई वास्तविक काम हो,तभी उसे जनता के सामने लाया जाए। तिवारी ने कहा कि जनता को इससे कोई मतलब नहीं कि कौन नेता क्या खा रहा है या किस शादी,छठी,बरही,मुंडन या सालगिरह समारोह में शामिल हो रहा है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक अब दिखावे की राजनीति से आगे बढ़कर वास्तविक विकास कार्य और प्रशासनिक सुधार देखना चाहता है। राकेश तिवारी की यह टिप्पणी सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।


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