- कांग्रेस का आरोप-घटना दबाने की कोशिश,दोषी पुलिस अधिकारी और
- चिकित्सक को संरक्षण,3 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,07 मई 2026 (घटती-घटना)। सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम वंदना में दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ हुए कथित सामूहिक दुराचार मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से बड़ा रूप ले लिया है। मामले में कथित तौर पर गलत मेडिकल रिपोर्ट देने वाले चिकित्सक और प्रारंभिक जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता कोठीघर से रैली के रूप में निकले और नारेबाजी करते हुए सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे मामले को दबाने और आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
24 अप्रैल को हुई थी घटना, प्रारंभिक जांच पर उठे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 24 अप्रैल को सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम वंदना में दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ सामूहिक दुराचार की घटना हुई थी। घटना सामने आने के बाद प्रारंभिक स्तर पर थाना सीतापुर द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई शुरुआती मेडिकल जांच में चिकित्सक ने रिपोर्ट दी कि बच्चियों के साथ किसी प्रकार का अनाचार नहीं हुआ है। लेकिन बाद में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराए गए परीक्षण में दुराचार की पुष्टि हुई, जिसके बाद शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। कांग्रेस का आरोप है कि इस विरोधाभासी रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
पॉक्सो एक्ट के उल्लंघन का आरोप : कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने बताया कि 5 मई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से कहा था कि संबंधित पुलिस अधिकारी का आचरण पॉक्सो एक्ट की धारा 21(1) के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। कांग्रेस ने मांग की कि मामले की जांच सीतापुर थाना से हटाकर किसी सक्षम महिला पुलिस अधिकारी को सौंपी जाए, ताकि पीडि़त बच्चियों को निष्पक्ष न्याय मिल सके। हालांकि अब तक इस मांग पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
‘सुशासन नहीं, दुःशासन चल रहा’ – बालकृष्ण पाठक : घेराव के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में ‘सुशासन’ का दावा केवल दिखावा बनकर रह गया है। उन्होंने कहा, ‘इतनी गंभीर घटना के बाद भी दोषी पुलिस अधिकारियों और गलत रिपोर्ट देने वाले डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह साबित करता है कि सिस्टम अपराधियों को संरक्षण दे रहा है। आदिवासी बच्चियों के साथ हुए अत्याचार को दबाने की कोशिश लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े करती है। ‘
‘जनता में भारी आक्रोश’ः अमरजीत भगत
पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि थाना सीतापुर और मेडिकल जांच करने वाले चिकित्सक की भूमिका को लेकर आमजन में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि छोटी बच्चियों के साथ हुए सामूहिक अनाचार जैसे जघन्य अपराध को दबाने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन करेगी।
तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपा। काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद सीएमएचओ कार्यालय की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया कि आगामी तीन दिनों के भीतर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कांग्रेस ने फिलहाल अपना घेराव और प्रदर्शन समाप्त कर दिया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस ने बनाई थी जांच समिति
घटना के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने पांच सदस्यीय जांच दल गठित कर पीडि़त बच्चियों और उनके परिजनों से मुलाकात की थी। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि जांच के दौरान पीडि़त परिवारों ने भय और दबाव के माहौल की जानकारी दी। कांग्रेस का कहना है कि बच्चियों ने जिस दर्दनाक घटना का सामना किया, उसके बावजूद प्रशासनिक तंत्र न्याय दिलाने के बजाय मामले को कमजोर करने में लगा हुआ है। नेताओं ने आरोप लगाया कि आदिवासी परिवार होने के कारण पीडि़त पक्ष को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
आदित्येश्वर सिंहदेव ने भी उठाई थी कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने भी इस मामले में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों और चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लगातार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि जिस पुलिस अधिकारी ने प्रारंभिक स्तर पर मामले को दबाने का प्रयास किया था, उसी अधिकारी द्वारा अब भी जांच की जा रही है,जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारी,ब्लॉक अध्यक्ष, मोर्चा संगठन, मंडल अध्यक्ष, बूथ एवं वार्ड कमेटियों के सदस्य सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अमला भी मौके पर तैनात रहा।
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