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बलरामपुर @ महिला आरक्षण पर कांग्रेस का भाजपा पर हमला

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कांग्रेस बोली- शुरू से महिला आरक्षण के समर्थन में रही पार्टी, भाजपा फैला रही भ्रम
बलरामपुर,07 मई 2026 (घटती-घटना)।
महिला आरक्षण को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भारतीय जनता पार्टी पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है,जबकि भाजपा इस मुद्दे पर राजनीतिक भ्रम फैलाकर श्रेय लेने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में कहा गया कि भाजपा लगातार यह प्रचारित कर रही है कि विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन नहीं किया, जिसके कारण संसद में यह कानून लंबे समय तक पारित नहीं हो सका। कांग्रेस ने इस दावे को भ्रामक बताते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है और संसद से लेकर पंचायत स्तर तक महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी दिलाने के लिए काम किया है।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले ही बन चुका कानून’ : कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा द्वारा लाया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ संसद से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त कर चुका है और अब वह कानून का रूप ले चुका है। इसके बावजूद भाजपा महिला आरक्षण लागू करने में देरी कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा अब परिशीमन को आधार बनाकर महिला आरक्षण लागू करने को टालना चाहती है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार की मंशा साफ होती तो वर्तमान सीटों पर ही महिला आरक्षण लागू किया जा सकता था।
परिशीमन के मुद्दे पर उठाए सवाल : कांग्रेस ने कहा कि 16 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक के माध्यम से भाजपा लोकसभा सीटों के परिशीमन की दिशा में आगे बढ़ना चाहती थी। प्रस्तावित संशोधन में लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 850 करने का प्रावधान बताया गया था, जिसमें 815 सीटें राज्यों तथा 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित थीं। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि परिशीमन के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात की जा रही है, जबकि केंद्र सरकार स्वयं 2026-27 में नई जनगणना कराने की घोषणा कर चुकी है। ऐसे में पुराने आंकड़ों के आधार पर परिशीमन का औचित्य समझ से परे है।
‘सरकार चाहती तो तुरंत लागू हो सकता था आरक्षण : कांग्रेस ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को तत्काल राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना चाहती, तो 2023 में पारित कानून में संशोधन कर वर्तमान सीटों पर ही महिला आरक्षण लागू किया जा सकता था। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर प्रक्रिया को लंबा खींच रही है ताकि महिला आरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाया जा सके।
पंचायत और नगरीय निकायों में आरक्षण का श्रेय कांग्रेस को : कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि पंचायत और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने का ऐतिहासिक कार्य भी कांग्रेस सरकारों के दौरान हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi और P. V. Narasimha Rao के प्रयासों से पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू किया गया था। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने में कांग्रेस की भूमिका हमेशा सकारात्मक और ऐतिहासिक रही है।
भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सीटों के परिशीमन को लेकर भाजपा का प्रयास अपेक्षित सफलता नहीं पा सका, इसलिए अब महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैलाया जा रहा है। पार्टी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल चुनावी नारा नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे वास्तविक राजनीतिक भागीदारी और अधिकारों के रूप में लागू किया जाना चाहिए।


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