- शादी समारोह से लौटते समय 8-9 युवकों ने दिया वारदात को अंजाम
- चारों नाबालिगों की उम्र 15 वर्ष से बताई जा रही है कम
- एक नाबालिग के साथ 4 युवकों तथा दूसरी के साथ 3 ने
- किया गैंगरेप,पुलिस ने तत्काल नहीं लिखी एफआईआर

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,29 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से 2 आदिवासी नाबालिग लड़कियों से गैंगरेप का मामला सामने आया है। इससे थाना क्षेत्र में हडकंप मचा हुआ है। दरअसल एक ही गांव की 4 नाबालिग लड़कियां शादी समारोह में शामिल होकर देर रात घर लौट रही थीं,इसी दौरान बाइक पर सवार 8-9 लडकों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान 2 किसी तरह भाग निकलीं,लेकिन 2 लड़कियों के साथ अलग-अलग जगह ले जाकर सामूहिक बलात्कार किया गया। इस घटना में सबसे दुखद पहलू यह है कि दूसरे दिन एक नाबालिग ने थाने में जाकर घटना की जानकारी दी,लेकिन पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं किया और न ही पीडि़ता का एमएलसी कराया। इसे लेकर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने 4 लडकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। बता दें कि 24 अप्रैल की शाम एक ही गांव की 4 नाबालिग सहेलियां दूसरे मोहल्ले में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने शाम करीब 7 बजे गई थीं। वहां से चारों रात करीब 10 बजे घर लौट रही थीं। इसी दौरान हाईस्कूल के पास 5-6 बाइक पर सवार 8-10 लडकों ने उन्हें रोक लिया। वे उनसे छेड़छाड़ करने लगे। इसी बीच एक नाबालिग किसी तरह वहां से भाग निकली, जबकि युवकों ने 3 लड़कियों को पकड़े रखा। इसके बाद 4 युवक एक नाबालिग को हाईस्कूल से दूर खेत में ले गए। यहां चारों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। जबकि दूसरी नाबालिग के साथ हाईस्कूल के पास ही 3 युवकों ने सामूहिक बलात्कार किया। तीसरी बाइक से कूदकर भागी आरोपी तीसरी नाबालिग को बाइक पर बैठाकर दूर ले जा रहे थे। इस दौरान उसने बाइक पर पीछे बैठने की जिद की। इस पर युवकों ने उसे पीछे बैठा लिया। इसी बीच रास्ते में वह बाइक से कूदकर भागने लगी। युवकों ने काफी दूर तक उसका पीछा किया,लेकिन वह खेतों के रास्ते भागने में कामयाब रही। दूसरे दिन एक नाबालिग पहुंची थाना रात करीब 2 बजे गैंगरेप पीडि़ता 2 नाबालिग अपने घर पहुंची,लेकिन डर से रात में उन्होंने परिजनों को कुछ नहीं बताया। 25 अप्रैल की शाम एक नाबालिग ने परिजन को ये बात बताई। इसके बाद वे संबंधित थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे। लेकिन यहां पुलिस ने न तो तत्काल एफआईआर लिखी और न ही बालिका का एमएलसी कराना उचित समझा। उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया।
26 अप्रैल को लिखी एक की रिपोर्ट : बताया जा रहा है कि 26 अप्रैल को पुलिस ने एक नाबालिग की मां की शिकायत पर पुलिस ने प्रियांशु खलखो, आशीष, राहुल व अन्य के खिलाफ धारा 70 (2) बीएनएस और पॉक्सो एकट की धारा 4(2),5 (जी) व 6 के तहत अपराध दर्ज किया और दोनों पीडि़ताओं का एमएलसी कराया। जबकि दूसरे मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
एएसपी बोले…हुआ है गैंगरेप
इस मामले में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायत मिलते ही पुलिस को अपराध दर्ज कर एमएलसी कराना चाहिए था। इधर सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लो ने 2 नाबालिग लड़कियों के साथ गैंगरेप की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि मामले में 2 एफआईआर दर्ज कर ली गई है। 29 अप्रैल को दोनों नाबालिग लड़कियों को अंबिकापुर लाया गया है।
सीतापुर महिला उत्पीड़न मामलाः एक आरोपी
व विधि से संघर्षरत बालक हिरासत में
थाना सीतापुर क्षेत्र में महिला उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई करते हुए एक आरोपी तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया है। मामले में वैधानिक प्रक्रिया के तहत जांच जारी है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया की रिपोर्ट पर 26 अप्रैल 2026 को थाना सीतापुर में आरोपियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी। प्रकरण दर्ज होने के बाद से पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की जा रही है। मामले में पीडि़ताओं का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। थाना पुलिस ने बताया कि अग्रिम वैधानिक कार्रवाई करते हुए मामले की विवेचना जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर में देरी से पुलिस पर उठे सवाल
घटना के दो दिन बाद मामला दर्ज होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत मिलते ही तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए थी। देरी को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी देखी जा रही है।
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