भीषण आग के बाद प्रशासन सख्त,प्रोफेसर अकील अहमद अंसारी की बेबाक ग्राउंड रिपोर्टिंग बनी निर्णायक आवाज
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,29 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। राम मंदिर रोड स्थित बहुचर्चित अग्निकांड मामले में अब बड़ा मोड़ सामने आया है। शुरुआती दौर में मामूली धाराओं में दर्ज प्रकरण अब गंभीर धाराओं तक पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार मामले में अब ऐसी धाराएँ जोड़ी गई हैं, जिनमें 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
23 अप्रैल को लगी थी भीषण आग
ज्ञात हो कि 23 अप्रैल 2026 को राम मंदिर रोड स्थित मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा दुकान में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी भयावह थी कि दमकल विभाग को आग बुझाने में करीब 20 घंटे का समय लगा। बताया गया कि इस दौरान लगभग 5 लाख लीटर पानी खर्च हुआ। घटना के कई दिनों बाद तक मौके से धुआं निकलता रहा।
शहर के बीच पटाखा दुकान
संचालन पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि संबंधित दुकान का लाइसेंस शहर के बाहर का बताया जा रहा था,जबकि घनी आबादी वाले राम मंदिर रोड क्षेत्र में पटाखों और ज्वलनशील सामग्री की बिक्री खुलेआम हो रही थी। इससे प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े हुए।
अकील अहमद अंसारी की आवाज
बनी जनआंदोलन का चेहरा
इस पूरे मामले में सामाजिक कार्यकर्ता एवं असिस्टेंट प्रोफेसर अकील अहमद अंसारी ने विशेष भूमिका निभाई। घटना के बाद उन्होंने लगातार ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हुए पीडि़त परिवारों,स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों की समस्याओं को खुलकर सामने रखा। अकील अहमद अंसारी ने सोशल मीडिया लाइव और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से प्रशासन से सवाल किए,जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई और मामले को दबाने की कोशिशों पर खुलकर आवाज बुलंद की। शहर में माना जा रहा है कि यदि उन्होंने लगातार यह मुद्दा नहीं उठाया होता,तो मामला कमजोर पड़ सकता था।
जनदबाव के बाद बढ़ी कार्रवाई
26 अप्रैल की रात पुलिस ने अपराध क्रमांक 259/2026 दर्ज किया था, लेकिन शुरुआती धाराएँ हल्की बताई जा रही थीं। इसके बाद लगातार जनदबाव और अकील अहमद अंसारी जैसे जागरूक नागरिकों की सक्रियता के चलते जांच का दायरा बढ़ा। 27 अप्रैल को फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
आईजी के हस्तक्षेप से आई तेजी
सूत्रों के अनुसार सरगुजा संभाग के आईजी दीपक कुमार झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराएँ जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई। साथ ही विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण की जांच भी तेज कर दी गई।
अकील अहमद को शहर कर रहा सलाम
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अकील अहमद अंसारी ने एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए सच को सामने लाने का कार्य किया। उन्होंने यह साबित किया कि यदि कोई व्यक्ति ईमानदारी से जनहित का मुद्दा उठाए तो प्रशासन को कार्रवाई करनी ही पड़ती है।
जनता की मांग-दोषियों पर हो कड़ी सजा
अब शहरवासियों की मांग है कि इस अग्निकांड के लिए जिम्मेदार लोगों, नियमों की अनदेखी करने वालों और अवैध कारोबार को संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई हो,ताकि भविष्य में ऐसी भयावह घटना दोबारा न हो।
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