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अम्बिकापुर@तालाबों पर अतिक्रमण का मामला गरमाया…प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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जल स्रोतों को पाटने पर रोक लगाने की मांग,कलेक्टर ने जांच शुरू होने की कही बात

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,17 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। शहर के प्राचीन तालाबों और जल स्रोतों को पाटे जाने के मामलों को लेकर शुक्रवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर अजीत वसंत को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल एमआईसी सदस्य मनीष सिंह के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचा। इस दौरान कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र तिवारी,पार्षद शशिकांत जायसवाल, शिवमंगल सिंह,विपिन पांडेय,कैट मंत्री पंकज गुप्ता और मुकेश गुप्ता भी मौजूद रहे। ज्ञापन में बताया गया कि शहर के कई क्षेत्रों में स्थित तालाबों और जल क्षेत्रों को अवैध रूप से पाटकर जमीन में तब्दील किया जा रहा है। खासतौर पर नया बस स्टैंड के सामने स्थित प्राचीन जलाशय में मशीनों से मिट्टी भराई का काम किया जा रहा था,जिसे फिलहाल प्रशासन ने रुकवा दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों को किसी भी हाल में नष्ट नहीं किया जा सकता। जिन जलाशयों को पाटा गया है, उन्हें फिर से मूल स्वरूप में लाया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 1964 के आसपास संबंधित भूमि का मुआवजा दिया गया था, लेकिन अभिलेखों में त्रुटियों के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। वहीं वर्ष 2002 में नगर पालिका परिषद द्वारा यहां घाट निर्माण कराया गया था, जो इस क्षेत्र के जलाशय होने का प्रमाण है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि शहर के सभी तालाबों और जल क्षेत्रों का गूगल मैप के माध्यम से सीमांकन कर अवैध कब्जों को हटाने के लिए विशेष टीम गठित की जाए। ज्ञापन मिलने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि प्रस्तुत दस्तावेजों में छेड़छाड़ की आशंका है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी तालाबों का सीमांकन कराया जाएगा और जल स्रोतों को किसी भी कीमत पर नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। इन स्थानों की जांच की मांग की हैं जिसमें नया बस स्टैंड के सामने स्थित तालाब क्षेत्र,भाठूपारा तालाब, होटल पर्पल आर्किड के पीछे व आसपास, बौरीपारा स्थित रिंग बांध तालाब,ब्रह्मपारा स्थित गढिय़ा,लगभग 1.5 एकड़ शासकीय भूमि शामिल है।


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