पहली बार मनोनीत सदस्य को पद मिला,पीएम बोले…सदन को उन पर गहरा भरोसा है…
नई दिल्ली,17 अप्रैल २०२6। हरिवंश नारायण सिंह तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति बने हैं। उन्हें शुक्रवार को निर्विरोध चुना गया हैं। विपक्ष की ओर से कोई नाम नहीं आया था। पहली बार किसी मनोनीत सदस्य को राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है। हरिवंश के समर्थन में राज्यसभा सचिवालय को पांच प्रस्ताव मिले। सदन के नेता जेपी नड्डा ने पहला प्रस्ताव रखा, जबकि दूसरा प्रस्ताव नितिन नवीन ने दिया। पीएम मोदी ने कहा कि लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि सदन को आप पर गहरा भरोसा है। बीते समय में आपके अनुभव का सदन को लाभ मिला है। आपने सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की है। हरिवंश का पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हुआ था। उनकी पार्टी जेडीयू ने इस बार नाम नहीं दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति ने उनका मनोनयन किया। पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई के रिटायर होने के बाद सीट खाली हुई थी। इसे भरने के लिए छ्वष्ठ के हरिवंश को चुना गया। वे 2032 तक राज्यसभा में रहेंगे। दरअसल, राज्यसभा में 12 सदस्य मनोनीत होते हैं, जिन्हें राष्ट्रपति तय करते हैं। इन्हें कला, साहित्य,विज्ञान और समाज सेवा में विशेष योगदान के आधार पर चुना जाता है। बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान राज्यसभा में रिटायर हो रहे सांसदों का विदाई समारोह 18 मार्च को हुआ था। इस दौरान पीएम मोदी ने हरिवंश के लिए कहा था…‘हमारे उपसभापति हरिवंश विदा ले रहे हैं। हरिवंश को इस सदन में लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर मिला।‘पीएम मोदी ने हिंट दी थी कि हरिवंश की राजनैतिक पारी अभी खत्म नहीं हुई है, वे आगे भी जनहित में काम करते रहेंगे। इसके आधार पर ही यह माना जा रहा है हरिवंश नारायण को मनोनीत सांसद बनाकर दोबारा लाया गया है।
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