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सूरजपुर@नारी शक्ति की गूंज से गूंजा सूरजपुर हजारों महिलाओं ने दिखाया एकता का दम

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  • स्कूटी रैली से सशक्तिकरण का संदेश,सूरजपुर में नारी शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन
  • नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब,महिलाओं ने लिखी नई कहानी
  • सशक्त नारी,सशक्त भारत का नारा बुलंद,सूरजपुर बना महिला शक्ति का केंद्र
  • अंबेडकर जयंती पर नारी शक्ति का महासंगम, हजारों महिलाओं ने दिखाई ताकत
  • रैली में दिखा आत्मविश्वास,मंच से मिला अधिकारों का संदेश
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सूरजपुर की सड़कों पर उतरी महिलाएं


-संवाददाता-
सूरजपुर,14 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। सूरजपुर जिले में 14 अप्रैल 2026 को आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक छाप छोड़ी, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों महिलाओं की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब नारी केवल सामाजिक संरचना का हिस्सा नहीं, बल्कि परिवर्तन की अग्रणी शक्ति बन चुकी है।
कार्यक्रम की शुरुआत महंगवा चौक से हुई, जहां से राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े के नेतृत्व में एक विशाल महिला स्कूटी रैली निकाली गई, जो शिवपार्क तक पहुंची,इस रैली में विभिन्न वर्गों, संगठनों और विभागों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लेकर पूरे शहर को उत्साह, ऊर्जा और एकजुटता के रंग में रंग दिया,यह आयोजन केवल एक रैली या समारोह नहीं था,बल्कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, आत्मविश्वास और अधिकारों के प्रति जागरूकता का जीवंत प्रदर्शन था, कार्यक्रम के दौरान सशक्त नारी, सशक्त भारत का संदेश हर कोने तक पहुंचा, मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, इस कार्यक्रम ने न केवल महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को रेखांकित किया,बल्कि यह भी साबित किया कि जब नारी शक्ति एकजुट होती है,तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है।
बदलाव की दिशा में मजबूत कदम
सूरजपुर में आयोजित यह नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं,बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, हजारों महिलाओं की भागीदारी ने यह दिखाया कि महिलाएं अब जागरूक हैं संगठित हैं और अपने अधिकारों के लिए आगे बढ़ रही हैं यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि जब नारी शक्ति एकजुट होती है, तो वह समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने की क्षमता रखती है, सूरजपुर का यह आयोजन आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा।
सामाजिक संदेश: सशक्त नारी, सशक्त भारत
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था, इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकास अधूरा है, समाज में समानता और सम्मान आवश्यक है, नारी शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक ताकत है।
भव्य स्कूटी रैलीः शहर में दिखा उत्सव जैसा माहौल
नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और प्रभावशाली हिस्सा महिला स्कूटी रैली रही। महंगवा चौक से शुरू होकर शिवपार्क तक पहुंची इस रैली में हजारों महिलाओं ने भाग लिया,रैली के दौरान शहर की सड़कों पर लंबी कतारों में चलती स्कूटियां,हाथों में तख्तियां और नारों के साथ उत्साह,एकजुटता और आत्मविश्वास का प्रदर्शन,यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक था,बल्कि यह दर्शाता था कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का संबोधन : ऐतिहासिक पहल पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देगा इससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा महिलाओं की भूमिका राष्ट्र निर्माण में और प्रभावी बनेगी।
महिलाओं की बदलती भूमिका : परिवार से राष्ट्र तक
मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज की नारी केवल घर तक सीमित नहीं है,बल्कि समाज,प्रशासन और शासन की मजबूत आधारशिला बन चुकी है उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में अवसर मिले स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ,आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला,नेतृत्व के अवसर बढ़े इससे महिलाओं की भागीदारी पंचायत से लेकर संसद तक लगातार बढ़ रही है।
अधिकारों के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास
कार्यक्रम में यह संदेश भी स्पष्ट रूप से सामने आया कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी हैं,मंत्री ने कहा कि महिलाएं हमेशा से सशक्त रही हैं,लेकिन उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया, अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आगे आ रही हैं और समाज में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।
अन्य वक्ताओं के विचारः समावेशी विकास की दिशा
कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड की महिला कर्मी और ब्रह्मकुमारी संस्था की प्रतिनिधि ने भी अपने विचार साझा किए, उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से शासन अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनेगा इससे सामाजिक न्याय और विकास को नई दिशा मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों और विभागों की व्यापक भागीदारी
इस आयोजन में विभिन्न जनप्रतिनिधियों और विभागों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली,कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा,जिला पंचायत उपाध्यक्ष रेखालाल राजवाड़े,जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्वाति सिंह,नगर पालिका उपाध्यक्ष,स्वास्थ्य विभाग,पुलिस विभाग,एनआरएलएम से जुड़ी महिलाएं,इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।


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