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बिलासपुर@3 महीने के लिए जेल से बाहर आएंगे अमित बघेल

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हाईकोर्ट ने रेगुलर बेल की खारिज,अंतरिम जमानत मिली

बिलासपुर,09 अप्रैल 2026। अग्रवाल और सिंधी समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी रेगुलर बेल खारिज कर दी है, लेकिन अंतरिम बेल पर वे 3 महीने के लिए जेल से बाहर आएंगे। दिसंबर 2025 में उनकी गिरफ्तारी हुई थी। अमित बघेल के वकील हर्षवर्धन परगनिया का कहना है कि,उन्हें 3 महीने के लिए अंतरिम बेल मिली है।
जबकि आपत्तिकर्ता के वकील सुनील ओटवानी का कहना है कि, नियमित जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की है। अमित बघेल को 3 महीने का पैरोल दिया गया है। दरअसल, रायपुर वीआईपी चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा टूटने पर अमित बघेल ने अग्रवाल और सिंधी समाज को लेकर टिप्पणी की थी। जिसके बाद रायपुर और अन्य प्रदेशों के अलग-अलग थानों में मामले दर्ज किए गए थे। उन पर कुल 14 एफआईआर दर्ज हुई थीं। 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के ङ्कढ्ढक्क चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई थी। छत्तीसगढि़या क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली। हंगामे के बाद छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई। पुलिस ने मूर्ति तोड़ने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी मानसिक रूप से बीमार है और उसने नशे में मूर्ति तोड़ी थी। परिजनों के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से बीमार है। सेंद्री और रांची में इलाज हुआ था। अमित बघेल के बयान के विरोध में रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत प्रदेश भर प्रदर्शन हुआ था। अग्रवाल समाज ने कड़ी कार्रवाई और सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की थी। समाज का कहना है था कि छत्तीसगढ़ की एकता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए ऐसे बयान देने वालों पर सख्त कदम उठाना जरूरी है।
रायपुर में रहने पर लगी रोक
हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए शर्त रखी है कि,अमित बघेल अगले 3 महीने तक रायपुर जिले की सीमा में निवास नहीं करेंगे। हालांकि,उन्हें कोर्ट में पेशी के लिए तय तारीखों पर रायपुर आने की अनुमति दी गई है।
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। अमित बघेल की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखा। वहीं,आपत्तिकर्ता की ओर से सुनील ओटवानी और राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने पैरवी की।


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