छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्रांतिः 370 एम्बुलेंस के साथ 108 सेवा का विस्तार
- अब 15 मिनट में पहुंचेगी एम्बुलेंस : 370 नई गाडि़यों से बदली 108 सेवा की तस्वीर
- नवजात के लिए ‘चलता-फिरता ढ्ढष्टः 370 एम्बुलेंस के साथ नई स्वास्थ्य सुविधा शुरू
- 2019 से 2026 तक बड़ा बदलावः 108 सेवा बनी तेज, सस्ती और हाई-टेक
- अब और तेज 108 सेवा, एम्बुलेंस नेटवर्क हुआ मजबूत, स्वास्थ्य सेवा को मिली रफ्तार

रायपुर,31 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया,इस पहल के साथ ही 108 एम्बुलेंस सेवा को नए स्वरूप में पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है,जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी,इस नई व्यवस्था के तहत 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस को सेवा में शामिल किया गया है,इसके साथ ही पहली बार राज्य में 5 नियोनेटल एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की शुरुआत की गई है, जो नवजात शिशुओं के लिए अत्याधुनिक जीवनरक्षक सुविधा के रूप में काम करेंगी, छत्तीसगढ़ में 108 एम्बुलेंस सेवा का यह विस्तार केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीक, गुणवत्ता और पहुंच के स्तर पर एक व्यापक सुधार है, नियोनेटल एम्बुलेंस जैसी नई सुविधाएं और समयबद्ध सेवा का लक्ष्य इस पहल को और प्रभावी बनाते हैं। यह कदम प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है और आम नागरिकों के लिए एक मजबूत जीवनरक्षक तंत्र के रूप में स्थापित होगा।
नियोनेटल एम्बुलेंसः नवजात के लिए ‘चलता-फिरता आईसीयू’
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि नियोनेटल एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की शुरुआत है, यह सेवा विशेष रूप से नवजात शिशुओं के लिए तैयार की गई है,इन एम्बुलेंसों में इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, ऑक्सीजन सपोर्ट सहित सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं। साथ ही प्रशिक्षित तकनीशियन, ईएमटी और पायलट की 24म7 उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, यह एम्बुलेंस नवजात शिशुओं को गंभीर स्थिति में सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय अस्पतालों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और राज्य में नवजात मृत्यु दर को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बीएलएस और एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस- नई एम्बुलेंसों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है,जिससे मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक और उन्नत उपचार मिल सके,इनमें बीपी मॉनिटर,पल्स ऑक्सीमीटर,ईसीजी मॉनिटर, ग्लूकोमीटर,नेब्युलाइज़र,ऑक्सीजन सपोर्ट जैसे उपकरण शामिल हैं, गंभीर मरीजों के लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर,डिफिब्रिलेटर और अन्य उन्नत उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं,इससे मरीज को अस्पताल पहुंचने से पहले ही आवश्यक उपचार मिलना संभव हो सकेगा।
समयबद्ध सेवा का लक्ष्य : शहर में 15 मिनट…गांव में 30 मिनट…
इस पहल के साथ सरकार ने एम्बुलेंस सेवा की समयबद्धता को प्राथमिकता दी है, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी कहा कि यह लक्ष्य सुनिश्चित करेगा कि मरीजों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर उपचार मिल सके,जिससे गंभीर स्थितियों में जीवन बचाने की संभावना बढ़ेगी।
तकनीकी सुधारः रियल टाइम मॉनिटरिंग और तेज प्रतिक्रिया
08 एम्बुलेंस सेवा को तकनीकी रूप से भी मजबूत किया गया है, लोकेशन बेस्ड सर्विस के माध्यम से एम्बुलेंस की वास्तविक समय में ट्रैकिंग की जा सकेगी, मोबाइल डेटा टर्मिनलके उपयोग से सूचना मिलते ही एम्बुलेंस तुरंत मरीज तक पहुंच सकेगी, साथ ही, विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए सेवा में किसी भी प्रकार की देरी या कमी पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
2019 से 2026ः सेवा में बड़ा बदलाव
प्रदेश में 108 एम्बुलेंस सेवा में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जहां वर्ष 2019 में यह सेवा सीमित दायरे में थी और सालभर में लगभग 3.28 लाख लोगों तक ही पहुंच पाती थी, वहीं अब वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 4.38 लाख से अधिक हो गई है,प्रति ट्रिप लागत भी घटकर 2293 से 1894 हो गई है, जबकि एम्बुलेंस की कार्यक्षमता बढ़कर प्रतिदिन 3 ट्रिप से 4 ट्रिप हो गई है, इसके साथ ही एम्बुलेंस की दैनिक दूरी क्षमता 120 किलोमीटर से बढ़कर 160 किलोमीटर हो गई है,नई एम्बुलेंस ख्स्-ङ्कढ्ढ और ्रढ्ढस्-125 जैसे आधुनिक सुरक्षा मानकों से लैस हैं,जिससे मरीजों की सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है।
जनता को सीधा लाभ
इस नई व्यवस्था का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। अब हर वर्ष लगभग 1.10 लाख अतिरिक्त लोगों को 108 सेवा का लाभ मिल सकेगा, कम लागत में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से न केवल सरकारी खर्च में कमी आएगी, बल्कि आम जनता को अधिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समयबद्ध सेवा उपलब्ध होने से आपातकालीन स्थितियों में जीवन बचाने की संभावना भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के विचार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार मजबूत हो रही हैं और लोगों का विश्वास सरकारी अस्पतालों पर बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि यह नई एम्बुलेंस सेवा संकट के समय सरकार की संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाती है, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सेवा में किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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