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केशगवा पंचायत में 3 लाख के गबन मामले में सचिव निलंबित
सरपंच की डीएससी का दुरुपयोग और फर्जी आहरण मामले में जिला पंचायत की बड़ी कार्यवाही
’पंच संघ’ के आक्रोश और घटती घटना की खबर के बाद जागा प्रशासन….
-राजन पाण्डेय-
सोनहत/कोरिया,23 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। वनांचल क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘घटती-घटना’ द्वारा प्रमुखता से उठाई गई आवाज का बड़ा असर देखने को मिला है,ग्राम पंचायत केशगवा में 15 वें वित्त की राशि के बंदरबांट और सरपंच को धोखे में रखकर 3 लाख रुपये के गबन मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी सचिव श्यामलाल सूर्यवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
धोखे और जालसाजी का हुआ खुलासा
जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि सचिव श्यामलाल सूर्यवंशी ने पद का दुरुपयोग करते हुए सरपंच सोभित राम को विश्वास में लिया और ‘प्रिया शाफ्ट’ के नाम पर उनकी डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट हासिल कर ली। जांच रिपोर्ट के अनुसार,ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर सरपंच की यूजर प्रोफाइल में सचिव ने अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर रखा था,जिससे वह बिना सरपंच की जानकारी के ओटीपी और अन्य प्रक्रियाओं को अंजाम देकर राशि आहरण करता रहा।
जांच से बचता रहा सचिव,पर नहीं मिली राहत
निलंबन आदेश (क्रमांक/जि.पं./पंचा.अनु/2026) के मुताबिक,जांच समिति ने सचिव को अपना पक्ष रखने और अभिलेख प्रस्तुत करने के कई अवसर दिए, लेकिन सचिव ने जांच में सहयोग करने के बजाय दूरी बनाए रखी। अंततः सरपंच के डीएससी के गलत उपयोग और वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर उसे छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के तहत दोषी माना गया।
पंच संघ की चेतावनी और मीडिया का दबाव-
विदित हो कि इस मामले को लेकर ‘पंच संघ सोनहत’ के अध्यक्ष प्रेम सागर तिवारी ने मोर्चा खोल दिया था, उन्होंने आरोप लगाया था कि जांच में पुष्टि के बावजूद कार्यवाही को दबाने की कोशिश की जा रही है। पंच संघ ने 10 दिनों के भीतर एफआईआर न होने पर कलेक्टर कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी थी, ‘घटती घटना’ ने इस जन सरोकार के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और निलंबन की गाज गिरी।
निलंबन आदेश की मुख्य बातें…
निलंबन एवं मुख्यालय सचिव श्यामलाल सूर्यवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय जनपद पंचायत सोनहत निर्धारित किया गया है।
विभागीय जांच : उपसंचालक (पंचायत) जिला कोरिया को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त कर मामले की औपचारिक विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
नई नियुक्तियां केशगवा का प्रभार अब शिवनारायण साहू (सचिव, मधला) और बसवाही का अतिरिक्त प्रभार रामप्रकाश साहू (सचिव, तंजरा) को सौंपा गया है।
सचिवों के दोहरे प्रभार पर रोक सहित बिना प्रभार वाले सचिवों को प्रभार की मांग
इसके साथ ही पंच संघ ने प्रशासन के समक्ष एक और महत्वपूर्ण मांग रखी है,संघ का कहना है कि एक ही सचिव को दो या दो से अधिक पंचायतों का प्रभार दिए जाने से कार्यों में पारदर्शिता की कमी आती है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है, संघ ने मांग की है कि दागी और वित्तीय अनियमितता में संलिप्त सचिवों को अतिरिक्त प्रभार से तत्काल मुक्त किया जाए। वहीं,जनपद में ऐसे कई सचिव भी मौजूद हैं जिनके पास वर्तमान में कोई पंचायत नहीं है, उन्हें रिक्त पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए ताकि क्षेत्र का विकास बाधित न हो और पंचायतों की मॉनिटरिंग बेहतर ढंग से हो सके।
सचिवों के दोहरे प्रभार पर रोक की मांग…
इसके साथ ही पंच संघ ने प्रशासन के समक्ष एक और महत्वपूर्ण मांग रखी है। संघ का कहना है कि एक ही सचिव को दो या दो से अधिक पंचायतों का प्रभार दिए जाने से कार्यों में पारदर्शिता की कमी आती है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है,संघ ने मांग की है कि दागी और वित्तीय अनियमितता में संलिप्त सचिवों को अतिरिक्त प्रभार से तत्काल मुक्त किया जाए। वहीं, जनपद में ऐसे कई सचिव भी मौजूद हैं जिनके पास वर्तमान में कोई पंचायत नहीं है, उन्हें रिक्त पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए ताकि क्षेत्र का विकास बाधित न हो और पंचायतों की मॉनिटरिंग बेहतर ढंग से हो सके।
इनका कहना है
‘यह भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी और ग्रामीणों की साझा जीत है। ‘मीडिया ने जिस तरह से इस घोटाले को उजागर किया, उससे प्रशासन पर कार्यवाही का दबाव बना, हमारी मांग है कि केवल निलंबन ही नहीं, बल्कि गबन की गई राशि की वसूली और मामले पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। ‘ प्रेम सागर तिवारी,अध्यक्ष (पंच संघ,सोनहत)
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