नई दिल्ली,24 मार्च 2026। आर्मी, नेवी और एयर फोर्स की महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन अफसर,जिन्हें परमानेंट कमीशन नहीं मिला अब उन्हें पूरी पेंशन मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला मंगलवार को सुनाया। कोर्ट ने कहा कि महिला अफसरों को स्थायी कमीशन न देना उनकी योग्यता की कमी नहीं, बल्कि व्यवस्था में मौजूद भेदभाव का नतीजा था। जस्टिस सूर्यकांत,जस्टिस उज्जवल भुईयां और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा…अब यह माना जाएगा कि इन महिला अफसरों ने पेंशन के लिए जरूरी 20 साल की सर्विस पूरी कर ली है, भले ही उन्हें पहले ही सेवा से हटा दिया गया हो। दरअसल, कोर्ट का यह फैसला सुचेता एडन समेत अन्य महिला अफसरों की याचिकाओं पर आया, जिनमें केंद्र की परमानेंट कमीशन से जुड़ी 2019 की पॉलिसी और आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल के फैसलों को चुनौती दी गई थी। जो महिला स्स्ष्ट अफसर (अपीलकर्ता) इस केस के दौरान सेवा से बाहर हो गईं,उन्हें मान लिया जाएगा कि उन्होंने 20 साल की जरूरी सेवा पूरी कर ली है। उन्हें पेंशन और उससे जुड़े सभी लाभ मिलेंगे,लेकिन पिछला वेतन (एरियर) नहीं मिलेगा। वर्तमान में जो महिला अफसर सेवा में हैं, उन्हें 60′ कटऑफ पूरा करने पर परमानेंट कमीशन मिलेगा। बशर्ते उन्हें जरूरी मंजूरी मिली हो।
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