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नई दिल्ली@भारत एवरेस्ट तक उड़ने वाला हेलिकॉप्टर बनाएगा : पीएम मोदी

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  • मोदी-मैक्रों ने टाटा-एयरबस की एच-125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया
  • मैक्रों बोले…भारत पर भरोसा इसलिए टेक्नोलॉजी शेयर करते हैं…


नई दिल्ली,17 फरवरी 2026। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मंगलवार को भारत पहुंचे हैं। इस दौरान मुंबई में उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने मिलकर टाटा-एयरबस की एच125 हेलिकॉप्टरों असेंबली लाइन का ऑनलाइन उद्घाटन किया। मुंबई में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर भारत में ऐसे हेलिकॉप्टर का निर्माण करेंगे, जो माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाइयों तक उड़ान भरेगा। मोदी ने फ्रांस को भारत का स्पेशल पार्टनर बताया और कहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ लेवल तक अपग्रेड करने का फैसला किया है। ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का मतलब है कि दोनों देश सिर्फ व्यापार या हथियारों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सुरक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, समुद्री इलाकों की सुरक्षा और बड़े वैश्विक मुद्दों पर साथ मिलकर काम करेंगे। मैक्रों ने कहा कि भारत एक भरोसेमंद साझेदार है और फ्रांस भारत के साथ तकनीक साझा करने में भरोसा रखता है।
राष्ट्रपति बनने के बाद
चौथी बार भारत पहुंचे मैक्रों
राष्ट्रपति बनने के बाद मैक्रों का यह चौथा भारत दौरा है। इससे पहले वे मार्च 2018 में पहली बार भारत आए थे। इसके बाद वे सितंबर 2023 में त्र20 समिट के लिए और जनवरी 2024 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनकर आए थे। भारत और फ्रांस के बीच 1998 से रणनीतिक साझेदारी है और दोनों देश रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साथ काम करते हैं। यह दौरा भी इसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक
स्थिरता के लिए मजबूत ताकत

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस अब अहम खनिजों, बायोटेक्नोलॉजी और नई तरह की एडवांस्ड मैटेरियल्स के सेक्टर में मिलकर काम को और आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हेल्थ सेक्टर में ्रढ्ढ के लिए एक भारत-फ्रांस सेंटर शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल साइंस और टेक्नोलॉजी के लिए भी एक संयुक्त सेंटर बनेगा और एविएशन स्किल डेवलपमेंट के लिए राष्ट्रीय गठबंधन केंद्र की शुरुआत की जा रही है। मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चित दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत-फ्रांस की साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए मजबूत ताकत बन सकती है। उन्होंने कहा कि फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत की बड़ी क्षमता को मिलाकर भरोसेमंद तकनीक विकसित की जा रही
मोदी बोले- दोनों देश अपनी
इंडस्ट्री को आपस मे जोड़ेंगे

पीएम मोदी ने कहा कि अब चाहे रक्षा का क्षेत्र हो, स्वच्छ ऊर्जा हो या अंतरिक्ष,हर जगह दोनों देश अपने उद्योगों को आपस में जोड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जॉइंट इनोवेशन के लिए नए सेंटर बनाए जाएंगे। साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी दोनों देश अपना सहयोग और मजबूत कर रहे हैं।
मोदी बोले…भारत-फ्रांस आतंकवाद खत्म करने के लिए साथ हैं…
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों लोकतंत्र, कानून का पालन और ऐसी दुनिया में भरोसा रखते हैं जहां कई ताकतें मिलकर संतुलन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का मानना है कि वैश्विक संस्थाओं में सुधार जरूरी है, तभी दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल निकल पाएगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन हो, पश्चिम एशिया हो या इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, हर जगह शांति के प्रयासों का भारत और फ्रांस समर्थन करते रहेंगे। दोनों देश हर तरह के आतंकवाद को खत्म करने के लिए भी साथ हैं।
मैक्रों बोले…भारत-फ्रांस के रिश्ते खास और अनोखे…
मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंध सच में खास और अनोखे हैं। यह रिश्ता भरोसे, खुलेपन और महत्वाकांक्षा पर आधारित है। मैक्रों ने कहा कि आज हमने दोनों देशों की इस साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। अब इसे ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया जाएगा।
मोदी बोले…भारत-फ्रांस साझेदारी
आम लोगों की पार्टनरशिप में बदली

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर की शुरुआत के साथ दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी अब आम लोगों की साझेदारी में बदल रही है। इनोवेशन अकेले संभव नहीं है, इसके लिए साथ मिलकर काम करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस इनोवेशन ईयर के दौरान दोनों देशों का लक्ष्य लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है। चाहे रक्षा का क्षेत्र हो, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष या नई तकनीकें, हर क्षेत्र में दोनों देश अपने उद्योगों और इनोवेटर्स को एक-दूसरे से जोड़ेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और छोटे व मध्यम उद्योगों के बीच मजबूत नेटवर्क बनाया जाएगा। साथ ही छात्रों और शोधकर्ताओं के बीच आदान-प्रदान आसान किया जाएगा और जॉइंट इनोवेशन के लिए नए सेंटर भी खोले जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों प्राचीन और समृद्ध सभ्यताएं हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को बहुत महत्व दिया जाता है। भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि अब भारत और फ्रांस नेशनल मरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स, लोथल पर सहयोग करेंगे, और पहले ही ज्वेल म्यूजियम पर साथ काम किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय संस्कृति को फ्रांस के लोगों के करीब लाने के लिए जल्द ही स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर फ्रांस में खोला जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का भारत-फ्रांस साझेदारी के प्रति गहरा समर्पण है और आज दोनों देशों ने अपने रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू किया है। उन्होंने विश्व स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने का भी संदेश दिया।
मैक्रों बोले…भारत पर भरोसा,
इसलिए टेक्नोलॉजी शेयर करते हैं…

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत का एक भरोसेमंद साझेदार है। फ्रांस भारत के साथ तकनीक साझा करने में विश्वास रखता है। मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस रणनीतिक स्वायत्तता यानी अपने फैसले खुद लेने और स्वतंत्र नीति पर चलने में भरोसा रखता है।
मैक्रों बोले…भारत से साझेदारी
को स्पेशल स्ट्रैटेजिक साझेदारी में बदलेंगे…

मैक्रों ने कहा कि मेरे चौथे भारत दौरे पर स्वागत करने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद। हमने ये भी फैसला किया है कि इस साझेदारी को स्पेशल स्ट्रैटेजिक साझेदारी में बदलेंगे। हम पिछले 8 सालों से यही कर रहे हैं। स्पेशल स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप का मतलब है दो देशों के बीच ऐसी खास और मजबूत साझेदारी, जिसमें वे लंबे समय तक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं। इसमें दोनों पक्ष रक्षा, व्यापार, तकनीक या सुरक्षा जैसे जरूरी मामलों में एक-दूसरे की मदद करते हैं।
फ्रांस में स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर खोला जाएगा
पीएम मोदी ने कहा कि फ्रांस में स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर खोला जाएगा। भारत और फ्रांस दोनों ही प्राचीन और समृद्ध सभ्यताएं हैं।
मोदी बोले- पिछले साल मैक्रों ने मुझे ्रढ्ढ समिट के लिए बुलाया था
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल उन्होंने (मैक्रों) मुझे फ्रांस में ्रढ्ढ समिट के लिए बुलाया था। तब हमने मार्शले की यात्रा की थी। मार्शले फ्रांस और यूरोप का प्रमुख गेटवे है। ये वही शहर है जहां पहले विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अपने कदम रखे। भारतीय सैनिकों की गाथा आज भी याद की जाती है। ये वही शहर है जहां वीर सावरकर ने अंग्रेजों की पकड़ से निकलने के लिए समुद्र में छलांग लगाई थी।
राजनाथ सिंह से कर्नाटक में मिलीं फ्रांसीसी रक्षा मंत्री
फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने मंगलवार को कर्नाटक के कोलार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। समाचार एजेंसी ्रहृढ्ढ के मुताबिक, दोनों नेता आज बेंगलुरु में 6वें भारत-फ्रांस सालान डिफेंस डायलॉग की संयुक्त रूप से अध्यक्षता करेंगे। बैठक में अगले 10 साल के लिए रक्षा सहयोग समझौते पर चर्चा होने की उम्मीद है। साथ ही भारत में हैमर मिसाइल बनाने के लिए एक जॉइंट वेंचर पर समझौता ज्ञापन (रूश) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है।


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