Breaking News

भुवनेश्वर@ ओडिशा के रायगढ़ा और कंधमाल में 19 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

Share


55 लाख के इनामी निखिल और रश्मीता लेंका भी शामिल,14 हथियार बरामद
भुवनेश्वर,06 फरवरी 2026 ।
ओडिशा पुलिस ने माओवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अपने सघन अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। रायगढ़ा और कंधमाल जिलों में कुल 19 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्म समर्पण करने वाले माओवादियों में निखिल उर्फ निरंजन राउत व अंकिता उर्फ रश्मीता लेंका भी शामिल हैं । इन दोनों पर कुल 55 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह उपलब्धि राज्य सरकार के उस लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है,जिसके तहत 31 मार्च से पहले ओडिशा को माओवाद मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि माओ प्रभावित जिलों में चलाए जा रहे अभियानों को और अधिक प्रभावी एवं निर्णायक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के इच्छुक माओवादियों के लिए एक कारगर विकल्प के रूप में सामने आई है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सुरक्षा, सरकारी सुविधाएं और सम्मानजनक भविष्य के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। रायगढ़ा जिले में बंशधारा-घुमुसर-नागावली डिवीजन के कुल 15 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें दो वरिष्ठ राज्य समिति सदस्य निखिल उर्फ निरंजन राउत,निवासी जगतसिंहपुर, और अंकिता उर्फ रश्मीता लेंका,निवासी टांगी (कटक) शामिल हैं। इन दोनों पर कुल 55 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनके साथ बंशधारा-घुमुसर-नागावली डिवीजन के 13 अन्य माओवादी कैडरों ने भी हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस ने 14 अत्या धुनिक हथियार जब्त किए, जिनमें दो एके 47,पांच एसएसआर,एक स्टेन गन, एक इनसास राइफल,एक.303 राइफल और चार सिंगल शॉट गन शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, निखिल उर्फ निरंजन राउत पिछले दो दशकों से अधिक समय से रायगढ़ा, गजपति और कंधमाल क्षेत्रों में सक्रिय था। इसी तरह कंधमाल जिले में कालाहांडी-कंधमाल-बौद्ध-नयागढ़ (केकेबीएन) डिवीजन के चार माओवादी पार्टी सदस्यों ने भी हिंसा का मार्ग त्यागते हुए आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में गंगा कुंजामी उर्फ जितेन, मुचाकी मासे उर्फ सुमित्रा, चोमाली कुंजम उर्फ शांतिला और बंदी माड़वी उर्फ मालती शामिल हैं। इनके पास से एक एसएलआर, एक बारह बोर बंदूक, दो .303 राइफल और भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद किया गया है। इन सभी के खिलाफ राज्य के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। डीजीपी खुरानिया ने कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न जिलों में चलाए गए अभियानों के माध्यम से माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। वरिष्ठ माओवादी कैडरों की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण के साथ-साथ बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माओवाद मुक्त ओडिशा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह अभियान आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा और शेष माओवादियों से भी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की।


Share

Check Also

उज्जैन@ उज्जैन में मॉडल हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास

Share अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी,पिंडदान के साथ त्यागा पिछला जीवनउज्जैन,19 …

Leave a Reply