-संवाददाता-
अम्बिकापुर,08 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। सर्व समाज एकता मंच ने गुरु गोबिंद सिंह की जयंती उपलक्ष पर गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत फादर विलियम ने सर्व समाज के गठन के उद्देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि भारत एक ऐसा बगीचा है जहां विभिन्न प्रकार के फूल खिलते हैं। यही हमारे देश की खासियत है कि हमारे धर्म,वेशभूषा,खानपान अलग है पर हम सभी मानव प्रेम के सूत्र में बंधे हैं। इसी बात की शिक्षा हमे गुरु गोबिंद सिंह से मिलती है। वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर त्रिपाठी ने गुरु गोबिंद सिंह को सर्व समाज का गुरु बताया, उन्होंने कहा कि वह किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं लड़े अपितु अन्याय के खिलाफ लड़े। वरिष्ठ साहित्यकार तपन बनर्जी ने पीर भीखम शाह और पीर बुधु शाह के संस्मरण बताएं। कैसे पीर बुधु शाह ने अपने परिवार और अपनी जान गुरु के लिए न्योछावर कर दी। उन्होंने बताया कि गुरु गोबिंद हिंदू और मुसलमानों, दोनों के ही प्रिय थे। चरनप्रीत सिंह ने स्लाइडों के माध्यम से गोबिंद राय के गुरु गोबिंद बनने के सफर के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कैसे गुरु नानक देव के मानवता संबंधित विचार गुरु गोबिंद जी की विरासत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था। गुरु गोविंद के विचार ‘मानस की जात सब एकै पहचानबो’ आज भी बहुत प्रासंगिक हैं। कलीम ने गुरु गोबिंद के प्रेम और भाईचारे के संदेश को देश के कोने कोने तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। बालक एकमजोत सिंह ने गुरुवाणी के शबद को हारमोनियम प्रस्तुत किया। इस दौरान स.जितेंद्र सिंह सोढ़ी ने गुरु गोबिंद जी की अन्याय के खिलाफ लड़े गए युद्धों का विश्लेषण किया। कैसे गुरु जी ने अपना सर्वस्व उन लोगों के लिए न्योछावर कर दिया जो शोषित थे,जो पीडि़त थे,अपने बच्चों का बलिदान कोई विरला ही कर सकता है। प्रीतपाल सिंह ने गुरु के अध्ययन के बारे मैं बताया,वे कई भाषाओं के विद्वान थे, 52 कवि उनके दरबार में थे। 1500 के लगभग पृष्ठों का ग्रंथ श्री ‘दशम ग्रंथ ’ में उनकी लेखनी आज भारतीय इतिहास की विरासत है। इम्तियाज जी ने सभी उपस्थित जनों को धन्यवाद दिया तथा प्रकाश पर्व की बधाई दी। इस मौके पर वेद प्रकाश,उर्स लाइन की सिस्टर्स,फादर, बच्चे, सीपी शुक्ला,अनंत सिन्हा,सोनू भामरा, गुरसेवक,स.महेंद्र सिंह टुटेजा,गुरुद्वारा के पूर्व अध्यक्ष स. रघुवीर सिंह छाबड़ा,फौजी,सुरेंद्र सिंह भामरा,थियोडोर लकरा,चरणजीत कौर, नईम परवेज व अन्य नागरिकगण मौजूद थे।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur