Breaking News

सूरजपुर@आदमी का इलाज हो नहीं पा रहा है और एक व्यक्ति अपनी बकरी के इलाज के लिए भटक रहा था,इलाज के अभाव में बकरी की चली गई जान

Share

-शमरोज खान –
सूरजपुर,21 सितम्बर 2025 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ में अजीबो गरीब मामलों की भरमार है अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है जिसकी शिकायत सोशल मीडिया पर नगर आ रही है ,यह मामला किसी बकरी के इलाज न होने व उसकी मौत से जुड़ा हुआ है, यहां आदमी के इलाज के लिए लोग दर दर की ठोकर खा रहे हैं वहीं एक आदमी अपनी बकरी के इलाज के लिए डॉक्टर ढूंढ रहा था,अस्पताल ढूंढ रहा था अस्पताल में ताले लगे थे डॉक्टर फोन नहीं उठा रहा था ,व्यथित परेशान होकर रात के 10:00 बजे बकरी के मालिक ने कलेक्टर को फोन लगा दिया फोन लगाने के बाद डॉक्टर 11:00 बजे उसके घर पहुंचे बकरी को दो इंजेक्शन लगाए और बकरी की मौत हो गई,बकरी के मालिक ने फिर कलेक्टर को बकरी के मरने की जानकारी देने के लिए फोन लगाया जिस पर कलेक्टर साहब भड़क गए और बकरी मालिक को कहा कि तुम्हारी इतनी रात को औकात कैसे हुई कि तुम मेरे पास फोन करो बकरी मर गई तो मैं क्या करूं और कलेक्टर के भड़कने पर बकरी के मालिक ने कहा कि सर इंजेक्शन लगने के साथ ही बकरी मर गई ,मैं आपको जानकारी मात्र दे रहा था फिर फोन कट गया।
सर इंजेक्शन लगने के साथ ही बकरी मर गई…मैं आपको जानकारी दे रहा था फिर फोन को काट दिया,संभाग आयुक्त को की गई शिकायत
शिकायतकर्ता मुकेश कुमार गुप्ता ने शिकायत पत्र में लिखा है की मैं ग्राम पंचायत सिरसी तहसील भैयाथान जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूं। महोदय दिनांक 1 सितंबर 2025 को मेरी बकरी की तबीयत खराब थी जिसको लेकर मैं पशु चिकित्सकों से संपर्क किया एवं अस्पताल में भी गया जहां हॉस्पिटल बंद पड़ा था। किसी माध्यम से मेरा संपर्क चिकित्सक से हुआ मेरे द्वारा उन्हें बकरी के इलाज के लिए बोला गया जिस पर डॉक्टर द्वारा शाम बजे आने की बात कही गई जब मैं हॉस्पिटल गया तो हॉस्पिटल बंद था फिर फोन से संपर्क करने की कोशिश किया, संपर्क नहीं हो पाया। इस संबंध में मेरे द्वारा कलेक्टर साहब को रात 10.00 बजे के करीब फोन किया गया। उनके द्वारा मेरे घर में लगभग 11ः30 बजे एक चिकित्सक को भेजा गया जिनके द्वारा मेरी बकरी को दो इंजेक्शन दिए गए जिसके तुरंत बाद बकरी की मौत हो गई। कलेक्टर द्वारा भेजे गए चिकित्सक के इलाज से मेरी बकरी की मौत हो गई जिसकी जानकारी मैंने कलेक्टर महोदय सूरजपुर को फोन कर देनी चाहिए लेकिन फोन उठते ही कलेक्टर साहब मेरे पर भड़क गए और उन्होंने कहा इतनी रात को तुम्हारी औकात कैसे हुई कि तुम मेरे पास फोन कर रहे हो मर गई बकरी तो मैं क्या करूं, मैं बोला की सर इंजेक्शन लगने के साथ ही मर गया इसलिए मैं आपको जानकारी दे रहा था फिर मैं फोन को काट दिया। मेरे द्वारा कलेक्टर साहब से किसी प्रकार की कोई बदतमीजी नहीं की गई लेकिन बावजूद इसके जब सुबह हुआ तो पुलिस चौकी बसदेई के कुछ स्टाफ मेरे घर पर आए लेकिन मैं किसी कारणवश घर से बाहर था जिस पर पुलिसकर्मियों द्वारा मेरे घर वालों को परेशान किया जाने लगा। पुलिस द्वारा मेरे भाई मेरे तीन चार मित्र लोगों को परेशान किया जाने लगा। जब मैने पुलिस द्वारा मुझे खोजे जाने के संबंध में जानकारी ली गई तो मुझे पता चला कि मुझे पकड़ के लाने का डीएम साहब का आदेश है। कल मुझे पकड़ के लाने के लिए पुलिस वाले मेरे घर में चार-पांच बार तक लगातार आते रहे एवं मित्रों के घर में गए क्योंकि मित्र लोग एवं घर वाले काफी डरे हुए हैं रात को फोन करना डीएम साहब के पास सभी के परेशानी का वजह बन गई है। मेरी बकरी तो मर ही गई है और अब हमें भी परेशान किया जा रहा है। अतः महोदय आपसे निवेदन है कि मुझे इस परेशानी से बचाने की महान कृपा करें पुलिस वालों के लगातार छापेमारी से मैं और मेरे परिजन काफी भयभीत हैं।


Share

Check Also

छत्तीसगढ़@CGPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के नियम बदले, 11 साल बाद आया बड़ा संशोधन

Share छत्तीसगढ़,09 जून 2026। के सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे …

Leave a Reply