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कोरिया@क्या शाहिद खान काफी पहुंच वाले ग्राम पंचायत सचिव हैं…जो अपने मन मुताबिक ग्राम पंचायत पाते हैं ?

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–रवि सिंह –
कोरिया,01 जून 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिला पंचायत के अंतर्गत एक ग्राम पंचायत सचिव काफी चर्चित है उनकी चर्चाएं इसलिए अधिक होती हैं क्योंकि जिस पंचायत में रहते हैं उस पंचायत में उनकी शिकायत ना हो यह संभव नहीं है जितने पंचायत में अभी तक वह कार्य कर चुके हैं हर पंचायत में उनकी शिकायत रही है जनप्रतिनिधियों से उनका जमता नहीं है ग्रामीणों से उनकी बनती नहीं है और भ्रष्टाचार में इनका मनमर्जी चलती रही है कई जगह पर तो बिना काम के ही पैसा निकला है यह सचिव कोई और नहीं पटना क्षेत्र के शाहिद खान सचिव हैं जो इस समय कटोरा व करहियाखण्ड ग्राम के सचिव हैं अभी हाल ही में इन्हें ग्राम पंचायत बरदिया से सुशासन तिहार में हुए शिकायत के बाद से हटाकर कटोरा ग्राम पंचायत का अतिरिक्त सचिव बनाया गया है यह भी बताया जा रहा है कि इन्हें हटाकर पनिसमेंट नहीं इन्हें इनाम बतौर कटोरा दिया गया है ताकि यह अपने गृह निवास के आसपास के पंचायत को ही संभाल सके जिला पंचायत सीईओ भी इनके मुरीद रहे यही कारण है कि उन्हें उनके मन मुताबिक ग्राम पंचायत दे दिया है। आय से अधिक संपçा का भी इनके ऊपर आरोप लगता रहा है,यह दो पंचायतों के बिना नहीं रहना चाहते और इन्हें पंचायत भी मनमुताबिक मिलता रहे इसके लिए इनका हर तरह से समर्पण जिला अधिकारियों के लिए बना रहता है ऐसा बताया जाता है। शहीद खान ने कम समय में आय से अधिक संपçा अर्जित की है और आज यह जिले या संभाग के सबसे बड़े सचिव माने जाते हैं जिनकी संपçा और जिनका रहन सहन काफी उच्च स्तर का हुआ है।
वैसे अब इन्हें कटोरा ग्राम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जिसमें जिला पंचायत सीईओ की भी मंशा शामिल है जैसा बताया जाता है,वैसे शाहिद खान को लेकर बताया जाता है कि इन्हें ग्रामीणों की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं होता यह केवल निर्माण कार्यों में ही ध्यान देते हैं और ग्रामीण इनके पंचायतों के परेशान ही रहते हैं। वैसे कोरिया जिले के जिला पंचायत सीईओ को लेकर यह लगातार देखने को मिल रहा है कि वह ऐसे ग्राम पंचायत सचिवों के प्रति ज्यादा सहानुभुति दिखाते हैं जिनकी कार्यप्रणाली दोषपूर्ण रही है यह चलती आई है,जिले के जिला पंचायत से संबंधित अन्य कई कर्मचारियों के मामले में भी उनकी नीति उन्हें बचाने वाली नजर आती है जो दोषपूर्ण कार्यप्रणाली के लिए जाने जाते हैं। ग्राम पंचायत निधि से अपनो को उपकृत करने वाले वर्तमान जिला पंचायत सीईओ क्या इसीलिए ऐसे दोषपूर्ण कार्यप्रणाली वाले कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं क्योंकि वह उनके लोगों को उपकृत करने में मदद करते हैं । कुल मिलाकर शाहिद खान के मामले में भी ऐसा ही समझ में आता है। शाहिद खान को लेकर कटोरा में भी विरोध के स्वर सुनाई देने लगे हैं जो कभी भी सामने आ सकते हैं।


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