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सूरजपुर/विश्रामपुर@ 19 लाख के लोन का लालच या कुछ और? मां-बेटे की हत्या में पुलिस के खुलासे पर सवाल

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  • मां-बेटे की हत्या का राज खुला,लेकिन वारदात की कहानी अब भी उलझी! पुलिस के दावों पर उठे सवाल
  • 12 दिन बाद आरोपी गिरफ्तार,डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाने का दावा; पुलिस की कहानी पर सवाल बरकरार…
  • 19 लाख के लोन की रकम के लिए मां-बेटे की हत्या! पुलिस की कहानी में कई सवाल,12 दिन बाद हुआ डबल मर्डर का खुलासा…
  • खाते में आने वाली रकम के लिए हत्या क्यों? मां-बेटे के कत्ल की पुलिसिया कहानी पर उठे सवाल…
  • रंजिश नहीं,सिर्फ पैसों का लालच! फिर मां-बेटे की हत्या तक कैसे पहुंचा आरोपी…पुलिस के खुलासे पर सवाल…
  • पहले मां की हत्या,फिर बेटे का कत्ल… 12 दिन बाद खुलासा,लेकिन कई सवाल अब भी बाकी….
  • डबल मर्डर का खुलासा तो हुआ,पर कहानी के सवाल बाकी! 19 लाख के लोन के लिए मां-बेटे की हत्या का दावा
  • पुलिस ने खोल दी डबल मर्डर की फाइल,लेकिन सवालों की गांठ अब भी नहीं खुली!
  • लोन की रकम खाते में थी,फिर हत्या से क्या मिलता? मां-बेटे के कत्ल की कहानी में यही सबसे बड़ा सवाल…
  • एक हत्या के बाद दूसरी हत्या क्यों? पुलिस के खुलासे में मकसद और घटनाक्रम पर सवाल….
  • आरोपी पकड़ा गया,कहानी सामने आई—पर क्या हर सवाल का जवाब मिल गया? सूरजपुर डबल मर्डर पर उठे सवाल…


-ओंकार पाण्डेय-
सूरजपुर/विश्रामपुर,23 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)।
एक शिक्षिका की घर के भीतर हत्या, उसके बेटे का शव जंगल के पास सड़क किनारे नाली में मिलना और करीब दो दिन तक मां-बेटे का कोई पता नहीं चलना—इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया,पुलिस ने मामले के खुलासे का दावा करते हुए प्रवेश कुमार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है,पुलिस के अनुसार, आरोपी की शिक्षिका रजनी बरेठ से पहले से जान-पहचान थी,उसे कथित तौर पर जानकारी थी कि रजनी करीब 19 लाख रुपये का लोन लेने वाली है,इसी रकम की जरूरत और लालच को पुलिस ने हत्या की वजह बताया है। लेकिन मामले का खुलासा होने के बाद भी कुछ सवाल अपनी जगह कायम हैं,यदि आरोपी को पैसे की जरूरत थी और उसे जानकारी थी कि रकम रजनी के खाते में आने वाली है,तो क्या केवल इस जानकारी के आधार पर मां-बेटे की हत्या करने की वजह पूरी तरह स्पष्ट हो जाती है? क्या आरोपी ने रकम हासिल करने के लिए कोई अन्य तरीका अपनाने की कोशिश की थी? पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में जिस घटनाक्रम का उल्लेख है,उसमें इन सवालों के स्पष्ट जवाब सामने नहीं आते,यह जरूर है कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज,कार और कथित तौर पर बरामद सामान के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का दावा किया है,फिलहाल,पुलिस की कहानी और उपलब्ध तथ्यों के बीच उठ रहे सवालों का अंतिम जवाब विस्तृत विवेचना, बरामदगी के वैज्ञानिक परीक्षण और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों से ही सामने आएगा,आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में सिद्ध होना अभी बाकी है।
सीसीटीवी फुटेज से खुला सुराग,कार तक पहुंची पुलिस-पुलिस के मुताबिक,दोहरे हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के निर्देशन और सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल की निगरानी में जांच शुरू की गई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में संयुक्त पुलिस टीम तथा साइबर सेल अंबिकापुर ने जांच को आगे बढ़ाया,विवेचना के दौरान शहर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई,पुलिस का दावा है कि एक फुटेज में काली टी-शर्ट और सफेद गमछा पहने एक व्यक्ति रजनी के किराये के मकान की ओर जाता दिखाई दिया,वह वहां काफी देर तक रुका था,दूसरे फुटेज में इसी तरह के कपड़े पहने एक व्यक्ति विश्रामपुर के कार वॉशिंग सेंटर पर कार धुलवाने पहुंचा था,जांच आगे बढ़ने पर कार का पंजीयन क्रमांक सीजी 15 ईजी 7101 सामने आया,पुलिस ने वाहन के मालिक और उससे जुड़े व्यक्ति की जानकारी जुटाई तथा संदिग्ध प्रवेश कुमार से पूछताछ की, पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार,पूछताछ के दौरान उसने रजनी और सुजल की हत्या करना स्वीकार किया,यहां जांच का महत्वपूर्ण पहलू सीसीटीवी फुटेज,संदिग्ध के आवागमन और कार की पहचान का आपसी संबंध है,पुलिस ने इन्हीं कडि़यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की बात कही है,हालांकि,फुटेज की प्रमाणिकता, घटनाक्रम से उसका संबंध और अन्य भौतिक साक्ष्यों की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
पुलिस के मुताबिक,19 लाख रुपये के लोन की जानकारी थी आरोपी को– पुलिस की कहानी का केंद्रीय बिंदु कथित आर्थिक लालच है,प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी की पत्नी और रजनी बरेठ एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं,इसी परिचय के कारण आरोपी का रजनी के घर आना-जाना था,पुलिस का कहना है कि आरोपी ने मोटर पार्ट्स व्यवसाय के लिए 20 लाख रुपये का लोन लिया था और उसे पैसों की जरूरत थी,पुलिस के मुताबिक, आरोपी को पहले से जानकारी थी कि रजनी करीब 19 लाख रुपये का लोन लेने वाली हैं और रकम उनके खाते में आने वाली है,इसी पैसे की जरूरत को पुलिस ने वारदात की वजह बताया है,लेकिन इस दावे के साथ ही सबसे अहम सवाल सामने आता है—यदि रकम रजनी के बैंक खाते में आने वाली थी,तो उसे हासिल करने की आरोपी की कथित योजना क्या थी? क्या उसने पैसे देने के लिए दबाव बनाया था? क्या उसने रकम तक पहुंचने के लिए किसी दस्तावेज,बैंक खाते या अन्य माध्यम का इस्तेमाल करने की कोशिश की? पुलिस विज्ञप्ति में इन पहलुओं का विस्तार से उल्लेख नहीं है, पुलिस के अनुसार,आरोपी ने रजनी से पैसे मांगे और उनके मना करने पर विवाद हुआ,इसके बाद उसने कथित रूप से हमला कर उनकी हत्या कर दी,मगर पैसे के लिए विवाद होने का दावा और मां-बेटे दोनों की हत्या के पीछे की पूरी मंशा—ये दो अलग-अलग प्रश्न हैं, दूसरे प्रश्न का जवाब जांच में सामने आने वाले अतिरिक्त साक्ष्यों से ही स्पष्ट हो सकेगा।
पहले मां की हत्या,फिर बेटे को रास्ते से हटाने की कथित योजना-पुलिस विज्ञप्ति में दिए गए घटनाक्रम के अनुसार,9 अक्टूबर को आरोपी अपनी कार धुलवाने के लिए विश्रामपुर के वॉशिंग सेंटर पहुंचा,कार को अंदर-बाहर धुलवाने की बात कहने के बाद वह पैदल रजनी के घर गया,पुलिस का कहना है कि उसने पहले सुजल से मोबाइल चार्जर मांगा और वहां से चला गया,फिर दोबारा घर पहुंचा और कुछ समय तक रुका रहा,विज्ञप्ति के मुताबिक,शाम को रजनी ड्यूटी से घर लौटीं और बाद में सुजल ट्यूशन के लिए निकल गया,इसके बाद आरोपी ने रजनी से पैसे मांगे। पुलिस का दावा है कि रजनी ने रकम देने से मना किया,जिसके बाद आरोपी ने उनके साथ मारपीट की,कथित तौर पर स्टील की पानी की बोतल से सिर पर वार किया गया,रजनी के मुख्य दरवाजे की ओर भागने पर उन्हें खींचकर बाथरूम की ओर ले जाने और गला दबाकर हत्या करने की बात भी पुलिस ने कही है, पुलिस के अनुसार,घटना के बाद आरोपी ने घर में बिखरे सामान को व्यवस्थित किया और रजनी का स्टोल लेकर बाहर निकल गया, इसके बाद उसने सुजल को भी रास्ते से हटाने की योजना बनाई,क्योंकि उसे आशंका थी कि सुजल घटना के बारे में दूसरों को बता सकता है,इस दावे के आधार पर पुलिस मां और बेटे की हत्या को एक ही घटनाक्रम से जोड़ रही है, हालांकि,कथित योजना, आरोपी की मंशा और घटनाओं के समयक्रम को पुष्ट करने वाले साक्ष्यों का महत्व जांच में निर्णायक होगा।
कार से ले गया सुजल को, जंगल में हत्या करने का आरोप-पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चेहरा सफेद गमछे से ढका और हेलमेट पहनकर रजनी की स्कूटी का इस्तेमाल किया,बाद में स्कूटी को पेट्रोल पंप के आगे खड़ा कर हेलमेट झाडि़यों में फेंकने और वॉशिंग सेंटर के पास लौटने की बात सामने आई है, विज्ञप्ति में बताया गया है कि आरोपी कार लेकर रजनी के घर की ओर जाने वाले तिराहे पर पहुंचा और करीब एक घंटे तक इंतजार किया, रात लगभग नौ बजे सुजल घर लौटा तो आरोपी ने उसे बताया कि उसकी मां उसके घर पर है। इसके बाद वह सुजल को कार से लेकर निकला, पुलिस का दावा है कि आरोपी सुजल को कुम्दा की ओर ले गया और फिर अंबिकापुर की तरफ घूमते हुए राई जंगल पहुंचा,वहां बाथरूम जाने के बहाने कार से उतरने के बाद उसने कथित तौर पर सुजल का गला स्टोल से कसा और मुक्के मारे,सुजल के भागने की कोशिश करने पर सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और छाती पर वार किया गया,पुलिस के अनुसार,हत्या के बाद शव को कार में रखकर ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग स्थानों की तलाश की गई,बाद में शव को कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास सड़क किनारे नाली में फेंक दिया गया,यही वह स्थान था, जहां 10 अक्टूबर को सुजल का शव मिला,इस घटनाक्रम में पुलिस ने कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए वाहन,सीमेंट के टुकड़े और अन्य वस्तुओं को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है। इन वस्तुओं पर फॉरेंसिक परीक्षण और अन्य साक्ष्यों से मिलने वाला निष्कर्ष मामले को मजबूत करने में अहम हो सकता है।
मोबाइल, पहचान पत्र और आभूषण बरामद करने का दावा-पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद सुजल के दो मोबाइल फोन आरोपी के घर के किचन की दराज से बरामद किए गए,रजनी का मोबाइल अंबिकापुर स्थित आरोपी के ससुराल से मिलने की बात कही गई है,पुलिस ने वहां से रजनी का आधार कार्ड,पैन कार्ड,चेक,ड्राइविंग लाइसेंस,मतदाता पहचान पत्र,एटीएम कार्ड तथा सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद करने का दावा किया है,इसके अलावा आरोपी की निशानदेही पर राई जंगल से सुजल की एक चप्पल,घटना में प्रयुक्त ग्रैंड विटारा कार,सीमेंट के खंभे का टुकड़ा और रजनी के सिर पर कथित रूप से वार करने में इस्तेमाल की गई स्टील की पानी की बोतल जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है, पुलिस का कहना है कि आरोपी ने घटना के बाद कार को धुलवाया और कार की मैट, जिस पर खून लगा होने की बात कही गई,उसे जला दिया। यदि इन दावों की पुष्टि वैज्ञानिक जांच से होती है तो ये साक्ष्य घटनाक्रम की कडि़यां जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
12 दिन बाद खुलासे के दावे पर सवाल से ज्यादा जरूरी है साक्ष्यों की मजबूती- पुलिस की विज्ञप्ति के अनुसार,आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है,हालांकि,हत्या की घटना 9 अक्टूबर की बताई गई है,सुजल का शव 10 अक्टूबर को मिला और मां रजनी का शव 11 अक्टूबर की रात बरामद हुआ,इस प्रकरण में केवल गिरफ्तारी को अंतिम निष्कर्ष मानना जल्दबाजी होगी,पुलिस के दावे के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है, लेकिन अदालत में स्वीकारोक्ति का कानूनी महत्व उसके स्वरूप और परिस्थितियों पर निर्भर करता है, मामले में सीसीटीवी फुटेज, वाहन की पहचान,बरामद मोबाइल फोन, कथित हथियार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच जैसे स्वतंत्र साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे,दूसरी ओर, आर्थिक लालच को हत्या की वजह बताने वाली पुलिस की कहानी में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि कथित तौर पर लोन की रकम पाने के लिए आरोपी ने क्या कदम उठाए और मां-बेटे की हत्या की योजना किस तरह बनी,इन प्रश्नों का उत्तर मिले बिना मामले की पूरी पृष्ठभूमि को समझना कठिन रहेगा।
दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, जांच के निष्कर्ष का इंतजार-रजनी बरेठ और उनके बेटे सुजल की हत्या ने परिवार और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है,एक ओर घर के भीतर शिक्षिका की हत्या हुई,दूसरी ओर बेटे का शव जंगल के पास मिला, घटनाओं के बीच संबंध स्थापित करने और आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर जांच की,पुलिस की कार्रवाई में विश्रामपुर, जयनगर और झिलमिली थानों के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ साइबर सेल अंबिकापुर की टीम शामिल रही,पुलिस विज्ञप्ति में थाना प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है,अब इस मामले में आगे की विवेचना और न्यायालयीन प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी, क्या बरामद साक्ष्य पुलिस की कहानी की पुष्टि करते हैं? क्या लोन की रकम ही कथित हत्या का वास्तविक कारण थी? और क्या घटनाक्रम की सभी कडि़यां वैज्ञानिक साक्ष्यों से जुड़ पाएंगी? इन प्रश्नों के उत्तर जांच और अदालत की कार्यवाही से सामने आएंगे, फिलहाल,पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर दोहरे हत्याकांड के खुलासे का दावा किया है,लेकिन न्याय की कसौटी पर सबसे अहम होगा—दावों के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले ठोस,स्वतंत्र और वैज्ञानिक साक्ष्य।
दो अलग-अलग स्थानों पर मिले मां-बेटे की हत्या के मामले
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार,10 अक्टूबर 2026 को ग्राम महाबीरपुर के सरपंच महेश प्रसाद ने थाना जयनगर पुलिस को सूचना दी कि कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास कच्ची सड़क किनारे बनी नाली में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है,पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया,बाद में अविनाश बरेठ ने मृतक की पहचान अपने भांजे सुजल बरेठ के रूप में की,शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक ने मृत्यु को हत्यात्मक बताया,पुलिस के मुताबिक,मृतक के सिर और छाती पर चोट पहुंचाकर उसकी हत्या की गई थी,इसके बाद 11 अक्टूबर को थाना जयनगर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया,इसी बीच,सुजल की मां रजनी बरेठ के लापता होने की जानकारी सामने आई,रजनी शिक्षिका थीं और अपने बेटे के साथ विश्रामपुर क्षेत्र की ममता कॉलोनी,केशवनगर में किराये के मकान में रहती थीं,उनके भाई अविनाश बरेठ ने पुलिस को बताया कि 9 अक्टूबर से रजनी का मोबाइल बंद आ रहा था,जब वह विश्रामपुर पहुंचे तो उन्हें सुजल की हत्या की जानकारी मिली,रजनी के किराये के मकान में बाहर से ताला लगा हुआ था,पुलिस के साथ 11 अक्टूबर की रात करीब दो बजे मकान का ताला खुलवाकर अंदर प्रवेश किया गया,जहां रजनी का शव बाथरूम में पड़ा मिला,शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आने पर थाना विश्रामपुर में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया,इस तरह एक ही परिवार के दो सदस्यों की हत्या के मामले दो अलग-अलग थानों में दर्ज हुए। एक शव जंगल के पास मिला, जबकि दूसरा किराये के मकान के भीतर,पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों घटनाओं को जोड़कर हत्यारे तक पहुंचना था।


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