नई दिल्ली,23 जनवरी 2025(ए)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज 128वीं जयंती है, जिसे पूरे देश में पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। आजादी के महानायक नेताजी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने विचारों और नारों से देशभक्ति की अद्भुत ऊर्जा का संचार किया। उनके प्रसिद्ध नारे तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, जय हिंद और दिल्ली चलो ने लाखों भारतीयों को प्रेरित किया। इनमें से जय हिंद का नारा राष्ट्रीय नारा बनकर हर भारतीय के दिल में बस गया। नेताजी का यह योगदान हमारी आजादी की कहानी का एक अमूल्य हिस्सा है।
इसी कड़ी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के भतीजे चित्तप्रिय बोस ने एक अहम किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी पहली मुलाकात और नेताजी से जुड़े रहस्यमयी तथ्यों को उजागर करने की अपील की थी। चित्तप्रिय बोस ने बताया कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, उनके बड़े भाई, दो चचेरे भाइयों और एक चाची के साथ उन्होंने कोलकाता के राजभवन में पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का उद्देश्य नेताजी की 18 अगस्त 1945 के बाद की गुमशुदगी को लेकर जांच शुरू करने की मांग करना था। चित्तप्रिय बोस ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर ध्यान दिया और कहा कि वह परिवार के अन्य सदस्यों से भी मिलना चाहेंगे। इसके लिए पीएम मोदी ने दिल्ली आने का न्योता देने की बात कही।
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