अम्बिकापुर,01 अक्टूबर 2024। शारदीय नवरात्र 3 से 11 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इसे लेकर देवी मंदिरों, शक्ति पीठों में तैयारियों शुरू हो गई है। सरगुजा की आराध्य देवी मां महामया मंदिर व दुर्गा मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ती है। वहीं नवरात्र शुरू होने का मात्र अब 5 दिन ही शेष रह गया है। मंदिरों में प्रज्जवलित होने वाले मनोकामना ज्योति कलश की बुकिंग शुरू हो गई है। इस वर्ष मंदिरों में महंगाई का असर देखा जा रहा है। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष धृत ज्योति कलश के लिए 6 सौ व तेल ज्योति कलश के लिए 2 सौ रुपए की वृद्धि की गई है। इसके बावजूद भी महंगाई का असर श्रद्धालुओं पर नहीं दिखा है। महामाया मंदिर में ज्योति कलश के लिए अब तक 34 सौ से अधिक भक्तों ने अपने नाम से रशिद कटा चुके हैं।
पिछले वर्ष तक यह था रेट
मां महामाया मंदिर में हर वर्ष शारदीय व चैत्र नवरात्र में मनोकामना ज्योजिक कलश प्रज्जवलित किए जाते हैं। इसके लिए श्रद्वालु अपने-अपने नामों से बुकिंग कराते हैं। पिछले वर्ष तक मां महामाया मंदिर में धृत ज्योति कलश का रेट 15 सौ रुपए था। जो इस वर्ष शारदीय नवरात्र में इसे बढ़ाकर 21 सौ रुपए कर दिया गया है। वहीं तेल ज्योति कलश का रेट 600 रुपए था। जिसे बढ़ाकर 800 रुपए कर दिया गया है।
विदेश में रहने वाले
भक्तों ने भी कराई बुकिंग
सरगुजा की आराध्य देवी मां महामया का आस्था विदेशों में भी है। विदेशी भक्तों ने भी इस वर्ष शारदीय नवरात्र में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्जवलित कराने के लिए रशीद कटाया है। अमेरिका में रहने वालीं अप्रवासी भारतीय अंबिकापुर की मूल निवासी स्वाति पटेल ने अपनी बेटी दिया पटेल के नाम मनोकामना ज्योति कलश के लिए रशीद कटाई है। इसी तरह इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया व मलेसिया में रहने वाले अप्रवासी भारतीय अंबिकापुर की मूल निवासियों ने भी महामाया मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश के लिए रशी कटाई है।
इस बार 6500 ज्योति
कलाश का टारगेट
मां महामाया समिति ने बताया कि इस वर्ष लगभग 65 सौ ज्योति कलश प्रज्जवलित किए जाने की संभावना है। इसके लिए मंदिर में तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर की रंगाई पुताई का काम जोरों पर चल रहा है। वहीं इस वर्ष तेल व घी महंगे होने के कारण ज्योति कलश के रेट में वृद्धि की गई है।
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