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अंबिकापुर@हादसे में दो मजदूरों की हो गई थी मौत

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  • संवाददाता –
    अंबिकापुर,11 जून 2024 (घटती-घटना)।
    लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पोड़ी निवासी दो विधवा महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में अपने बच्चों के साथ पहुंचकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। कलेक्टर द्वारा मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित आवेदन में उल्लेख किया गया है कि दोनों महिलाओं के पति की मौत मजदूरी करने के दौरान वर्ष 2014 में ट्रैक्टर पलटने से हो गई थी। मामले में न्यायालय ने जून 2022 में ट्रैक्टर मालिक की संपçा कुर्क कर करीब 12 लाख रुपए मुआवजा राशि दोनों पीडि़त परिवार को जारी करने का आदेश दिया था। न्यायालय के आदेश के एक वर्ष गुजर जाने के बाद भी दोनों विधवा महिलाओं को मुआवजा राशी नहीं मिल पाया है। निराश दोनों महिलाओं ने बच्चों के साथ कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम पत्र प्रेषित कर इच्छा मृत्य की मांग की है।
    गौरतलब है कि लखनपुर के ग्राम पोड़ी निवासी पनमेश्वरी राजवाड़े के पति स्व. हवन साय राजवाड़े और ललिता राजवाड़े के पति श्रीचंद राजवाड़े मजदूरी का काम करते थे। घटना दिवस 3 अप्रैल 2014 को गांव के ही नवरत्न के ट्रेक्टर में सवार हो मजदूर के तौर पर बिजली खंभा ढोने गए थे। ट्रेक्टर चालक के पास लाइसेंस नहीं था। लौटते समय ट्रेक्टर पलट जाने से बिजली खंभे से दब जाने से हवन साय और श्रीचंद की मौत हो गई थी। इस मामले में चालक के पास लाइसेंस नहीं होने के कारण दोनों बेवाओं को बीमा राशि नहीं मिल पाई थी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय द्वारा 23 जून 2022 को दिए गए फैसले में कहा गया था कि दोनों महिलाओं को 5 लाख 90 हजार रुपए और 6 लाख 47 हजार रुपए का भुगतान ट्रेक्टर मालिक की संपçा कुर्क कर बिक्री करते हुए करने की व्यवस्था बनाई जाए। मगर इस आदेश के जारी हुए एक साल गुजर जाने के बाद भी दोनों महिलाओं को यह राशि नहीं मिल सका है। पतियों की मौत होने पर उन्हें बच्चों के लालन पालन में परेशानी हो रही है जिससे वे परेशान होकर मृत्यु की मांग कर रहे हैं।
    मुआवजा देने से बचने ट्रैक्टर मालिक ने जमीन कर दी दामाद के नाम
    पीडि़त महिलाओं ने आरोप लगाया है कि ट्रैक्टर मालिक मुआवजा राशि देने से बचने के लिए अपने गांव लिपिंगी की भूमि को नायब तहसीलदार एवं पटवारी के मिलिभगत कर अपने दामाद के नाम पूरी भूमि रजिस्ट्री कर बिक्री कर दिया। जिस कारण आज तक मुआवजा राशि नहीं मिल पाया है। मंगलवार को दोनों विधवा महिलाओं ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर द्वारा मुख्यमंत्री के नाम पत्र प्रेषित कर एक माह के अंदर मुआवजा राशि दिलाने की मांग की है। अन्यथा मुआवजा राशि नहीं दिलाए जाने पर पीडि़त परिवार ने एक माह के उपरांत तहसीलदार लखनपुर के सामने इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान करने की मांग की है।
    नायब तहसीलदार आज तक नहीं की कार्रवाई
    पीडि़त महिलाओं का कहना है कि र्ट्रैक्टर मालिक नवरत्न द्वारा उक्त मुआवजा राशि नहीं देने के कारण सक्षम न्यायालय द्वारा कलेक्टर सरगुजा को उक्त राशि की वसूली हेतु संपçा कुर्की जती करे का आदेश पारित कर निर्देशित किया था। इसके बाद कलेक्टर द्वारा कार्रवाई करने हेतु नायब तहसीलदार कुन्नी को निर्देशित किया गया था। किन्तु आज तक नायब तहसलीदार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
    राजीनामा करने की बात कह कर टालमटोल
    महिलाओं ने जनदर्शन में सौंपे गए आवेदन में बताया है कि उन्हें 2022 में 50 हजार रुपये और 2023-24 में एक लाख 50 हजार रुपये देने की खानापूर्ति की गई है। उक्त राशि की वसूली के लिए न्यायालय द्वारा आरआरसी कलेक्टर सरगुजा को जारी किया गया था। इसके बाद चल रही कार्रवाई के प्रक्रिया के बीच वर्तमान तहसीलदार द्वारा 5 मार्च 2024 को उक्त राशि की वसूली के लिए आश्वस्त किया गया, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि 13 मई 2024 को तहसील न्यायालय में जब वे तहसीलदार के समक्ष उपस्थित हुए तो उन्हें ट्रैक्टर स्वामी से राजीनामा करने की बात कहते हुए टालमटोल किया जाने लगा। ऐसे हालातों के बीच दुर्घटना में पति को खो चुकी महिलाएं अपने बच्चों के स्कूल में दाखिला, खेती-किसानी में आ रही दिक्कतों का सामना कर रही हैं। महिलाओं ने पारित एवार्ड के अनुरूप संपूर्ण मुआवजा राशि का भुगतान कराने का आग्रह किया है।

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