लू से बचने सीएमएचओ ने बताए टिप्स…
अंबिकापुर,02 अपै्रल 2024 (घटती-घटना)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक डॉ जगदीश सोनकर द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन पर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आदिवासी अंचलों एवं दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में समस्त स्वास्थ्य कार्यक्रमों का शत प्रतिशत लाभ लोगों को नियमित रूप से मिले, इसके लिए स्वास्थ्य अमले के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत एनीमिया, टीबी रोकथाम, गैर संचारी रोग जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर, सिकल सेल, टीकाकरण, मलेरिया,फाइलेरिया के मरीजों का जांच, उपचार तथा काउंसलिंग नियमित रूप से कराया जाना है। उक्त जानकारी देते हुए सीएमएचओ डॉ आरएन गुप्ता ने बताया कि मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ सोनकर के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर श्री विलास भोस्कर के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग के विशेष प्रयासों से विगत 03 माह के भीतर ही सिकल सेल के मरीजों को जांच एवं उपचार हेतु अभियान में प्रगति हुई है। सिकल सेल में अब ग्राम स्तर पर मितानिन, एएनएम तथा स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी के माध्यम से मरीजों का चिन्हांकन कर उनके जांच निकटतम स्वास्थ्य केन्द्रों में किया जा रहा है। वर्तमान में सिकलिंग के कुल 19340 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। जिसमें सिकल सेल रोग के वाहक 450 मरीज तथा सिकल सेल रोग से ग्रसित 360 मरीजों का इलाज हाइड्रोक्सी यूरिया दवाई के द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन एवं भुगतान एक सतत प्रक्रिया है। विगत माह के कुछ भुगतान भौतिक सत्यापन पूर्ण नहीं होने के कारण लंबित है जिनका सत्यापन पश्चात सही पाये जाने पर समस्त भुगतान की कार्यवाही की जायेगी।
इसी तरह बढ़ती गर्मी से बचने के लिए समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में जिंक कॉर्नर बनाने के निर्देश अनुसार ओआरएस का पाऊडर व जिंक की गोलियां उपलध कराई जा रही है। सीएमएचओ डॉ गुप्ता ने बताया कि लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी व खनिज मुख्यतः नमक की कमी हो जाती है। इससे बचाव के लिये बहुत जरूरी ना हो तो घर से बाहर न जायें, धूप में निकलने से पहले सर व कानों का कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें, पानी अधिक मात्रा में पिये, गर्मी के दौरान नरम, मुलायम सूती के कपड़े पहनना चाहित ताकि लू से बचा जा सके। इसके साथ ही ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य केन्द्रों में लोगों की निःशुल्क चिकित्सा जांच, जांच उपरांत निःशुल्क दवा वितरण, जिसमें मलेरिया, टीबी, कुष्ठ रोग, सिकल सेल, एनीमिया इत्यादि बीमारियों की जांच एवं पहचान और इलाज, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच और सलाह, उल्टी दस्त से बचाव, लू से बचाव, बच्चों में निमोनिया से बचाव तथा उनके इलाज के संबंध में सलाह, सहित ओआरएस के उपयोग का तरीका सिखाया जा रहा है।
समाचार क्रमांक 402/2024 —00—
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