कोविड हो या पश्चिम एशिया संकट,140 भारतीयों ने देश को संकट से निकाला
नई दिल्ली,02 नवम्बर २0२6। पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 का इनॉगरेशन किया। उन्होंने कहा कि इस साल दुनिया में एनर्जी शॉक की ही चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ सालों में ग्लोबल इकोनॉमी ने ऐसे संकटों का सामना किया है, जो पहले कभी नहीं हुए। कोविड-19 से लेकर पश्चिम एशिया के संकट तक दुनिया को एक के बाद एक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मुझे गर्व है कि 140 करोड़ भारतीयों ने देश को इन मुश्किल समय से निकलने में मदद की है। कई चुनौतियों के बावजूद भारत ने एक मजबूत ग्रोथ ट्रैक बनाए रखा। अगर हमने पिछले दशक में क्लीन एनर्जी में इन्वेस्ट नहीं किया होता और नए सिस्टम नहीं बनाए होते तो हमारी इकोनॉमी पर इन संकटों का असर कहीं ज्यादा गंभीर होता।
पीएम मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें…
2021 के समिट में, भारत ने 2030 तक 500 त्रङ्ख नॉन-फॉसिल फ्यूल एनर्जी कैपेसिटी हासिल करने का संकल्प लिया था।
पेरिस एग्रीमेंट के तहत, भारत ने अपनी इंस्टॉल्ड पावर कैपेसिटी का 50′ नॉन-फॉसिल फ्यूल सोर्स से पूरा करने का भी वादा किया था। हमने यह टारगेट 2025 में, तय समय से पांच साल पहले हासिल कर लिया।
मैं चाहता हूं कि भारत के अनुभव इसका लाभ पूरी मानवता को मिले। इस क्षेत्र में भारत की जो सफलताएं हैं, वो दुनिया के अनेक देशों को काम आएगी।हमने फरवरी 2024 में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की, इसके तहत एक करोड़ घरों में रूफ टॉप सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। पिछले 24-25 महीनों में ही 65 लाख से ज्यादा घर अभियान से जुड़ चुके हैं।
हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि ज्यादा से ज्यादा गांवों में खाली जमीन पर किसान सोलर पैनल लगाए। सौर क्रांति का ये नया दौर सिर्फ अपनाने का नहीं है। ये इनोवेशन पर भी निर्भर है।
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