दिल्ली कोर्ट से मिली 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड, स्पेशल कोर्ट में करेगी पेश
रायपुर,02 नवम्बर 2026। 6 हजार करोड़ के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को सीबीआई ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लेकर आई है। सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि आरोपी को 4 नवंबर 2026 या उससे पहले रायपुर की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाए। बता दें कि महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से जुड़ी 13 स्नढ्ढक्र जांच के लिए सीबीआई को सौंपी थीं। इनमें से 2 मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इसके अलावा ईडी भी मनी लॉन्डि्रंग के एंगल से जांच कर रही है और सौरभ के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर सीबीआई को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रोटेक्शन मनी किन-किन लोगों तक पहुंचती थी, इसका बड़ा खुलासा होगा।
सीबीआई ने कहा- गिरफ्तारी पर रायपुर कोर्ट फैसला करेगी : सीबीआई की ओर से कहा गया कि आरोपी के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत ने पहले ही ओपन एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी किया था। ओमान सरकार से मिली जानकारी के आधार पर उसे भारत लाया गया है। सीबीआई ने यह भी कहा कि ईडी और सीबीआई के मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं। फिलहाल दिल्ली कोर्ट को सिर्फ यह तय करना है कि आरोपी को रायपुर की अदालत तक ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड दी जाए या नहीं। प्रत्यर्पण की शर्तों और मुकदमा चलाने के अधिकार से जुड़े सवालों पर फैसला रायपुर की विशेष अदालत करेगी।
2022 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है मामला : सीबीआई के मुताबिक,महादेव बुक ऐप को सौरभ चंद्राकर,रवि उप्पल और उनके सहयोगियों ने मिलकर प्रमोट किया था। आरोप है कि ऑनलाइन सट्टे के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म और पैनल बनाए गए थे। इनके जरिए सट्टा संचालित किया जाता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सट्टे से मिलने वाली रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए इकट्ठा किया जाता था। इसके बाद यह पैसा यूएई तक पहुंचाया जाता था। सौरभ और उसके सहयोगियों पर दुबई से इस नेटवर्क को संचालित करने का भी आरोप है। इस नेटवर्क में छत्तीसगढ़ के कई युवाओं को कर्मचारी और मैनेजर के तौर पर काम पर रखने की बात भी जांच में सामने आई है।
प्रत्यर्पण को लेकर आरोपी के वकील ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने ओमान की अदालत के आदेश का हवाला देते हुए सीबीआई की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि भारत की ओर से ओमान को प्रत्यर्पण के लिए जो अनुरोध भेजा गया था, उसमें ईडी के मामले को मंजूरी मिली थी, जबकि सीबीआई के मामले को मंजूरी नहीं दी गई थी। वकील ने दलील दी कि प्रत्यर्पण की शर्तों के मुताबिक सौरभ पर उन्हीं मामलों में कार्रवाई की जा सकती है, जिनके आधार पर उसे भारत लाया गया है। उन्होंने इसे प्रत्यर्पण के नियमों का उल्लंघन बताया और कहा कि सीबीआई उसे अपने मामले में रिमांड पर नहीं ले सकती।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur